ये बर्गर नहीं 'दाबेली' है, गुजरात की इस डिश का इतिहास जानें

दाबेली गुजरात की ये डिश है (credit: instagram/longstoryshort_storyteller)

दाबेली गुजरात की ये डिश है (credit: instagram/longstoryshort_storyteller)

Know About Gujarati Food Dabeli- गुजरात के कच्छ में केशव जी गाभा चूड़ासमा उर्फ केशा मालम ने इसे सबसे पहले बनाया था. सन 1960 में बनाई गई यह रेसिपी लोगों को इतनी पसंद आई कि देखते-देखते यह कई राज्यों में फैल गई.

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  • Last Updated: March 12, 2021, 12:05 PM IST
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(विवेक कुमार पांडेय)

Know About Gujarati Food Dabeli-  आज बात करते हैं चपपटे खाने की. वैसे तो दिल्ली एनसीआर में इसकी उपलब्धता मुश्किल है लेकिन गुजरात से लेकर मुंबई तक यह छाया ही रहता है. इसका नाम है 'दाबेली' (Dabeli) जी हां ! इस में देसी बर्गर भी कह सकते हैं. यह कई खानों का मिश्रण है. जैसे इसे देखकर आपको बड़ा पाव की याद आएगी लेकिन, साथ ही बर्गर का जिक्र तो मैंने पहले ही कर दिया है. वैसे तो यह पूरी तरह से गुजराती स्नैक है लेकिन मुंबई में भी खूब खाया जाता है.

इतिहास में दाबेली:

इसका इतिहास बहुत पुराना नहीं है. गुजरात के कच्छ में केशव जी गाभा चूड़ासमा उर्फ केशा मालम ने इसे सबसे पहले बनाया था. सन 1960 में बनाई गई यह रेसिपी लोगों को इतनी पसंद आई कि देखते-देखते यह कई राज्यों में फैल गई. इसकी शुरुआत 'एक आने' से हुई थी पर आज भी यह 10 से 15 रुपए में उपलब्ध हो जाती है. दाबेली यानी 'दबाई हुई' यही इसके नाम का रहस्य है.
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थोड़ा मीठा है स्वाद:

जैसा की मैने बता ही दिया था कि यह एक गुजराती डिश है तो इसमें मीठा होना लाजमी हो जाता है. दो पाव (ब्रेड) के बीच में जो मसाला होता है वही असली स्वाद का तिलिस्म है. इसका मुख्य इंग्रीडिएंट आलू तो होता ही है साथ ही स्वाद की असली खेल चटनी करती है. इस चटनी में इमली, खजूर, लहसुन और लाल मिर्च के साथ एक खास मसाला भी पड़ता है. जो असल में इसे खट्टा-मीठा बना देता है. और इसके उपर सेव (नमकीन)  जरूर छिड़की जाती है.



इन राज्यों में है मशहूर:

गुजरात में तो हर शहर में आपको दाबेली मिल जाएगी. किसी भी स्टेशन से उतरते ही आपको एक-दो बड़े बोर्ड 'दाबेली' के दिख जाएंगे. लेकिन इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान में ये छाई हुई है. दिल्ली में भी दाबेली के कई ठिकाने हैं. साथ ही इंदौर और भोपाल में भी इसका मजा लिया जा सकता है. हालांकि, स्थान बदलने के साथ इसमें लोकल इनपुट आने पर स्वाद अलग-अलग आपको लग सकता है. ऐसे में दाबेली का असली मजा लेना है तो आपको कच्छ का रुख एक बार तो करना ही होगा.

इसे खाना तो बनाता है:

तो जब बात देसी खाने की हो तो एक बार दाबेली का जिक्र जरूर करिएगा. हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे देश में भी एक क्लासी बर्गर है जिसका स्वाद बाहर के लोग भी लेने के लिए आते हैं. तो बताइएगा जरूर की दाबेली का स्वाद कैसा लगा.
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