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ये 4 तरीके एग्‍जाम में होने वाले तनाव से बच्‍चों को रखेंगे दूर, आप भी जानिए

ये 4 तरीके एग्‍जाम में होने वाले तनाव से बच्‍चों को रखेंगे दूर, आप भी जानिए

10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी खुद को ऑफलाइन परीक्षा के लिए तैयार रखना चाहिए.

10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी खुद को ऑफलाइन परीक्षा के लिए तैयार रखना चाहिए.

एग्‍जाम के समय अक्‍सर स्टूडेंट्स (Students) को तनाव (Stress) का सामना करना पड़ता है. स्टूडेंट्स मानसिक तनाव (Mental Stress) के कारण कई बार चीजों का सही ज्ञान होते हुए भी एग्‍जाम में गलत कर बैठते हैं.

एग्‍जाम का समय स्टूडेंट्स (Students) के लिए सबसे ज्यादा तनाव (Stress) वाला होता है. स्टूडेंट्स के साथ ही यह अभिभावकों (Parents) के लिए भी मुश्किल भरा समय होता है. स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ता है और मानसिक तनाव (Mental Stress) के कारण कई बार चीजों का सही ज्ञान होते हुए भी एग्‍जाम में गलत हो जाता है. भारत में एग्‍जाम (Exam) के दौरान बच्चों पर इसका असर साफ़ तौर पर दिखाई देता है. अभिभावकों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे तनाव की स्थिति से बच्चों को कैसे बचाएं. इस आर्टिकल में आप यह जान सकते हैं.

एग्‍जाम पेपर के बारे में ज्यादा बात न करें
परीक्षा के बाद घर पर आते ही बच्चों के प्रश्न पत्र और हल किये गए सवालों के बारे में ज्यादा विश्लेषण नहीं करना चाहिए. इससे बच्चे की मानसिकता पर असर पड़ने के अलावा आपके ऊपर भी तनाव होगा और परीक्षा में गलत की गई चीजें दिमाग में आएंगी. इस स्थिति से बचने के लिए बेहतर यही है कि एग्‍जाम के बाद हर पेपर के बारे में डिस्कशन न करें.

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बच्चे पर न डालें दबाव
अपने बच्चों पर टॉपर बनने का दबाव कभी न डालें. परीक्षा की तैयारी के लिए उनकी मदद करें और अपनी उम्मीदों को वास्तविक रखें. ज्यादा नम्बर लाने की उम्मीदों के कारण बच्चे पर दबाव डालना बैकफायर भी कर सकता है. विशेषज्ञ भी कहते हैं कि आज की दुनिया में ज्यादा नम्बर लाना ही सफलता की गारंटी नहीं होती.

दूसरे बच्चे से तुलना कभी न करें
एग्‍जाम या पढ़ाई के दौरान अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करने की भूल कभी न करें. इससे बच्चों में निराशा की भावना आने के साथ ही चिड़चिड़ापन भी आता है. दूसरे की तुलना से बच्चे उनसे आगे निकलने के लिए ज्यादा प्रयास में पहले से ठीक चल रही चीजों को खराब स्थिति में ला सकते हैं. बेहतर यही होता है कि आप उसकी पहले से चल रही स्टडी को आगे बढ़ाने में मदद करें.

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नियमित ब्रेक लें
परीक्षा के समय बच्चे की पढ़ाई के दौरान रात को जागना, सुबह जल्दी उठकर काम करना और अन्य कई तरह की भागदौड़ होती है. इस दौरान आप पूरी तरह से अपने रूटीन को न छोड़ें और ऊर्जा बनाए रखने के लिए बीच में ब्रेक भी लेते रहें. इसके अलावा बच्चे को भी आराम करने में मदद करें, इससे पढ़ने के लिए जरूरी ऊर्जा भी उसमें बनी रहेगी. बीच में ब्रेक लेकर आप खुद और बच्चे दोनों के काम पर फोकस कर सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Lifestyle, Parenting, Students

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