लाइव टीवी

पीरियड्स के समय महिलाओं में हर बार होते हैं ये बड़े बदलाव, क्या आपको है पता?

News18Hindi
Updated: January 9, 2020, 12:39 PM IST
पीरियड्स के समय महिलाओं में हर बार होते हैं ये बड़े बदलाव, क्या आपको है पता?
महिलाओं के शरीर में अक्सर हॉर्मोन्स बदलते रहते हैं. पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर में बहुत ज्यादा बदलाव होते हैं.

पीरियड्स के समय महिलाओं में मूड स्विंग सबसे ज्यादा होता है. कुछ महिलाओं के इस समय बहुत ज्यादा गुस्सा आता है तो कुछ महिलाओं को बहुत ज्यादा प्यार.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2020, 12:39 PM IST
  • Share this:
पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को अलग-अलग तरह के एहसास होते हैं. यह एक ऐसा टाइम होता है जब महिलाओं में मूड स्विंग सबसे ज्यादा होता है. कुछ महिलाओं के इस समय बहुत ज्यादा गुस्सा आता है तो कुछ महिलाओं को बहुत ज्यादा प्यार. कुछ को जरूरत से ज्यादा दर्द और क्रैम्प्स होते हैं तो कुछ महिलाओं का स्मेल सेंस काफी तेज हो जाता है और किसी भी तरह की खुशबू का अहसास उन्हें जल्दी होता है. ऐसा इसलिए होता है कि महिलाओं के शरीर में अक्सर हॉर्मोन्स बदलते रहते हैं. इस समय महिलाओं के शरीर में बहुत ज्यादा बदलाव होते हैं.

इसे भी पढ़ेंः डिलीवरी के बाद बढ़े वजन को कम करेंगे ये 5 योगासन, कई और परेशानियां होंगी कम

फॉलीक्यूलर फेज (Follicular Phase)- बहुत ज्यादा क्रिएटिव हो जाना
क्या आपको कभी लगता है कि हम किसी समय में तो बहुत ज्यादा क्रिएटिव हो जाते हैं. दरअसल इस दौरान हॉर्मोनल बदलाव जैसे होते हैं उस हिसाब से सबसे अच्छा समय यही होता है. इस समय आप अपने आप को सुपर स्टार समझने लगते हैं. आप बहुत ज्यादा क्रिएटिव हो जाते हैं. पूरे महीने की तुलना में इस समय महिलाओं के शरीर में सबसे ज्यादा क्रिएटिव एनर्जी रहती है. इस समय हॉर्मोन्स लो प्वाइंट पर रहते हैं और आप किसी भी तरह के चैलेंज का सामना आराम से कर सकती हैं.

ओव्यूलेटरी फेज (Ovulatory Phase)- बहुत अच्छे कम्युनिकेशन स्किल्स
क्या आपको ऐसा लगा है कि कभी-कभी तो आप किसी से भी बात नहीं कर पाती हैं और कभी-कभी आप इतने अच्छे से बात कर लेती हैं कि यकीन ही नहीं होता. ऐसा आपकी पीरियड साइकिल की वजह से भी हो सकता है. कम्युनिकेशन और कोलैबोरेशन स्किल्स महीने के इस वक्त सबसे ज्यादा होते हैं. इस समय आपका दिमाग आपको मानसिक तनाव में नहीं रहने देता और इस वक्त आप किसी भी लेवल पर काम कर सकती हैं. आप अपने ऑफिस के काम में इसका ध्यान रख सकती हैं. कोई भी अच्छी प्रेजेंटेशन इस वक्त की जा सकती है.

ल्यूटियमी फेज (Luteal Phase)- सब काम समय पर पूरा करने की जल्दीये पीरियड साइकिल का सबसे लंबा फेज़ है और इस समय आपको सब काम समय पर पूरा करने की जल्दी होती है. इस समय आपको लगता है कि आप कुछ भी कर सकती हैं. इस वक्त हर बारीकी पर ध्यान दिया जा सकता है. आप हर तरह की समस्या का सामना करने के लिए तैयार रहती हैं. चाहें पारिवारिक समस्या हो, ऑफिस की समस्या या बच्चों का स्ट्रेस, इ समय आप हर काम चुटकियों में निपटा सकती हैं. आप इस समय अपने फाइनेंस से जुड़ी समस्याओं का सामना भी कर सकती हैं.

इसे भी पढ़ेंः 40 की उम्र के बाद हर महिला को करने चाहिए ये तीन योगासन, मिलेगा खास फायेदा

मेंसट्रूयेशन फेज (Menstruation Phase)- इंट्यूशन और रिफ्लेक्शन
इन बड़े-बड़े शब्दों को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. ये आपकी सुपरपावर है. कभी-कभी हमें ऐसा लगता है कि हमें किसी चीज़ का आभास हुआ है. आपके राइट और लेफ्ट ब्रेन इस वक्त काफी ज्यादा संतुलन में रहते हैं और इस कारण आपको पहले से ही चीजों का आभास होने लगता है. इसे कई लोग गट्स फीलिंग भी कहते हैं. इस समय आप भविष्य के फैसले काफी अच्छी तरह से ले सकती हैं. किस तरह से जॉब को आगे स्विच करना है, कैसे आपको आगे बढ़ना है, किस तरह आपको अपना काम करना है ये सब कुछ मैनेज हो सकता है. बस मूड-स्विंग्स का थोड़ा ध्यान रखिएगा.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 9, 2020, 12:39 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर