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    बदलते मौसम में इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाएंगे ये योगासन, सुस्‍ती होगी दूर

    इन आसन के नियमित अभ्‍यास से स्वास्‍थ्‍य ठीक रहता है.
    इन आसन के नियमित अभ्‍यास से स्वास्‍थ्‍य ठीक रहता है.

    आज कई योगाभ्‍यास (Yoga Practice) बताए गए. इनको नियमित तौर पर शरीर स्‍वस्‍थ रहता है और इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है और शरीर लचीला (Flexible Body) बना रहता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 16, 2020, 10:44 AM IST
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    आज सोमवार के लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाए रखने वाले कई अहम और कई छोटे-छोटे योगाभ्यासों को सीखा. ये योगासन जहां शरीर को स्‍वस्‍थ बनाए रखते हैं, वहीं बदलते मौसम में होने वाली कई दिक्‍कतें भी दूर होती हैं. आज कई महत्‍वपूर्ण आसन किए. इनमें ताड़ासन, उदर शक्ति विकास क्रिया, सूर्य नमस्‍कार आदि शामिल हैं. ये शरीर को मजबूत बनाते हैं और पाचन भी बेहतर बनाए रखते हैं. इन आसन के जरिए स्वास्‍थ्‍य (Health) ठीक रहता है. तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योगाभ्‍यास करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इसे धीरे-धीरे करना चाहिए. व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें

    ताड़ासन
    ताड़ासन योग पूरे शरीर को लचीला बनाता है. यह एक ऐसा योगासन है जो मांसपेशियों में काफी हद तक लचीलापन लाता है. यह शरीर को हल्का करता है और आराम देता है. इसके अलावा शरीर को सुडौल और खूबसूरती भी प्रदान करता है. शरीर की अतिरिक्त चर्बी को पिघालता है और आपके पर्सनैलिटी में नई निखार लेकर आता है.


    ताड़ासन करने का तरीका


    इसके लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं और अपने कमर और गर्दन को सीधा रखें. अब आप अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे धीरे पूरे शरीर को खींचें. खिंचाव को पैर की उंगली से लेकर हाथ की उंगलियों तक महसूस करें. इस अवस्था को कुछ समय के लिए बनाए रखें ओर सांस ले सांस छोड़ें. फिर सांस छोड़ते हुए धीरे धीरे अपने हाथ और शरीर को पहली अवस्था में लेकर आएं. इस तरह से एक चक्र पूरा होता है.

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    ताड़ासन के फायदे
    -वजन कम करता है
    -कमर दर्द में आराम
    -हाइट बढ़ाता है
    -पीठ के दर्द में लाभदायक
    -मांसपेशियों के दर्द में आराम
    -घुटने और पैरों के दर्द में राहत

    व्रजासन
    बहुत हेवी डाइट के बाद तुरंत सोने या बैठकर टीवी देखने से डाइजेशन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप रोज खाने के बाद टीवी देखने या तुरंत सोने के बजाय वज्रासन को अपने रूटीन में शामिल करेंगे तो यकीनन आप डाइजेशन से संबंधित समस्याओं से दूर रहेंगे. वज्रासन को आप दिन में कभी भी कर सकते हैं लेकिन यह अकेला ऐसा आसन है जो खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक प्रभावी होता है. यह न सिर्फ पाचन की प्रक्रिया ठीक रखता है बल्कि लोअर बैकपेन से भी आराम दिलाता है.

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    भुजंगासन
    भुजंगासन, सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 8वां है. भुजंगासन को सर्पासन, कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है. इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है. ये आसन जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर किया जाता है जबकि सिर सांप के उठे हुए फन की मुद्रा में होता है.

    भुजंगासन के फायदे
    -रीढ़ की हड्डी में मजबूती और लचीलापन
    -पेट के निचले हिस्से में मौजूद सभी अंगों के काम करने की क्षमता बढ़ती है
    -पाचन तंत्र, मूत्र मार्ग की समस्याएं दूर होती हैं और यौन शक्ति बढ़ती है
    -मेटाबॉलिज्म सुधरता है और वजन कम करने में मदद मिलती है
    -कमर का निचला हिस्सा मजबूत होता है
    -फेफड़ों, कंधों, सीने और पेट के निचले हिस्से को अच्छा खिंचाव मिलता है
    -डिप्रेशन में भी इससे फायदा मिलता है
    -अस्थमा में भी राहत

    सूर्य नमस्कार
    सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

    प्रणाम आसन- इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

    हस्ततुन्नासन- इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

    हस्तपाद आसन- इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

    अश्व संचालन आसन- इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

    पर्वत आसन- इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

    अष्टांग नमस्कार- इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

    भुजंग आसन- इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

    सूर्य नमस्कार के फायदे
    सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.
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