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डिप्रेशन दूर करने की ये दवा कोरोना में भी हो सकती है कारगर: स्टडी

डिप्रेशन दूर करने की ये दवा कोरोना में भी हो सकती है कारगर: स्टडी

फ्लूक्सोमाइन नाम की इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना संकट पर जल्दी काबू पाया जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

फ्लूक्सोमाइन नाम की इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना संकट पर जल्दी काबू पाया जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Coronavirus Medicine : रिसर्च में दावा किया गया है कि यह दवा पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होने से बचाने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.

    Coronavirus Medicine : पूरी दुनिया में अभी भी कोरोना वायरस का कहर जारी है. दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर हर रोज कोरोना से जुड़ी नई नई चुनौतियों को सामना कर रहे हैं. इस खतरनाक वायरस के मुकाबले के लिए प्रभावी दवाओं के लिए लगातार रिसर्च हो रही है. वहीं मौजूदा दवाओं में भी कोरोना के इलाज की संभावनाओं को खोजा जा रहा है. इसी कड़ी में वैज्ञानिकों को एक डिप्रेशन (Depression) की एक बहुत कॉमन दवा में उम्मीद की किरण नजर आई है. उनका मानना है कि ये दवा कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने में काम आ सकती है.

    दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक इस अध्ययन में दावा किया गया है कि फ्लूक्सोमाइन (Fluvoxamine)नाम की इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना संकट पर जल्दी काबू पाया जा सकता है. रिसर्च में दावा किया गया है कि यह दवा पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होने से बचाने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. यह रिसर्च अमेरिका, कनाडा और ब्राजील के रिसर्चर्स की एक इंटरनेशनल टीम द्वारा की गई है.

    रिसर्च में किन्हें शामिल किया गया
    रिसर्च में 1472 मरीजों को शामिल किया गया, इनमें 50 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग या ऐसे पीड़ित शामिल थे जिनमें कोरोना संक्रमण के गंभीर होने का ज्यादा खतरा था. इनमें से कुछ को फ्लूक्सोमाइन (Fluvoxamine)दवा दी गई. शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के नतीजों से कोरोना के इलाज को लेकर नजरिया बदल सकता है. यह दवा किफायती होने के साथ ही दुनियाभर में उपलब्ध है.

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    नतीजे चौंकाने वाले
    कोविड -19 पॉजिटिव होने के बाद कुछ दिनों के भीतर फ्लूवोक्सामाइन दिए गए मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 31 प्रतिशत कम थी और इसी तरह वेंटिलेटर पर जीवन समाप्त होने की संभावना कम थी. किसी भी आउट पेशेंट कोविड -19 इलाज के लिए यह अब तक पाया गया बहुत बड़ा प्रभाव है.

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    क्या ये है गेमचेंजर?
    स्टडी से जुड़े और कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एडवर्ड मिल्स ने कहा, ‘फिलहाल कोरोना के उपचार को लेकर सीमित विकल्प हैं. ऐसे में यह अध्ययन उत्साहजनक है. इस दवा से कोरोना के हर उपचार की लागत महज 4 डालर (करीब 300 रुपये) आती है. यह दवा कोरोना से मुकाबले में अहम साबित हो सकती है.’ उन्होंने कहा, “यह एक बड़ी खोज है” “गेम चेंजर वे चीजें हैं जो हमारे पास पहले से ही अलमारी में थीं.”

    Tags: Coronavirus, Coronavirus Drug, Health, Health News, Lifestyle

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