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बड़ा कारगर है पांच तत्वों से बना ये तेल, ठंड में इन तकलीफों को करता है दूर

इस तेल को सीने, पसलियों, पीठ और पैर के तलवों पर मलने से दर्द में आराम मिलता है और ठंड का असर भी कम होता है.
इस तेल को सीने, पसलियों, पीठ और पैर के तलवों पर मलने से दर्द में आराम मिलता है और ठंड का असर भी कम होता है.

पांच तत्वों से बना तेल (Oil) ठंड की वजह से होने वाली कई तकलीफों को दूर करता है. ये तेल खांसी-जुकाम (Cough and Cold), पसलियों और बदन में दर्द, ठंड से जकड़न जैसी कई तकलीफों को कम करने में कारगर साबित होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 1:02 PM IST
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आज के जमाने के लोग कितने भी हाईटेक (Hi-Tech) क्यों न हो जाएं लेकिन किसी न किसी तरह से पुराने जमाने का दामन जरूर पकड़े रहते हैं. अगर बात करें दादी-नानी के नुस्खों की तो हाई टेक्नोलॉजी के दौर में भी ये नुस्खे बड़े विश्वास के साथ अपनाए जा रहे हैं. ऐसा ही एक नुस्खा है पांच तत्वों से बने तेल का (Oil). ये तेल ठंड की वजह से होने वाली कई तकलीफों को दूर करता है. ये तेल खांसी-जुकाम (Cough and Cold), पसलियों और बदन में दर्द, ठंड से जकड़न जैसी कई तकलीफों को कम करने में कारगर साबित होता है. पुराने जमाने में दादी-नानी के जरिए बनाया जाने वाला ये तेल लोग आज भी घरों में इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तेल को घर पर तैयार करना बेहद आसान है. तो चलिए बताते हैं कि इस तेल को घर पर किस तरह से तैयार किया जा सकता है.

इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
तेल को बनाने के लिए जिन चीजों की जरूरत होती है वो हैं- सरसों का तेल, लहसुन की कलियां, अजवायन, हींग, मेथी और जायफल. मात्रा इस तरह से होगी. सरसों का तेल 100 ग्राम, लहसुन की कलियां 20-25, अजवायन 2 बड़े चम्मच, हींग 1 बड़ा चम्मच, मेथी 2 बड़े चम्मच और 1 जायफल.

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इस तरह तैयार करें तेल


सबसे पहले सरसों के तेल को कढ़ाही में डालकर गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें लहसुन की कलियों को काटकर डालें. गैस की फ्लेम को धीमा रखें. जब कलियां सुनहरे रंग की होने लगें तब कढ़ाही में अजवायन, हींग और मेथी को डालें. इसके साथ ही जायफल को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर डालें. सारी चीजों को तब तक तेल में पकने दें जब तक वो काली न पड़ जाएं. इसके बाद गैस को बंद कर दें और तेल को ठंडा होने दें. ठंडा होने पर तेल को किसी कांच या प्लास्टिक की बोतल में भर कर रख लें.

कब कर सकते हैं इस्तेमाल ?
इस तेल का इस्तेमाल खासकर तब करें जब ठंड की वजह से पसलियों, पीठ, कमर या सीने में दर्द की शिकायत हो. जुकाम और जकड़न होने पर भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. इस तेल को सीने, पसलियों, पीठ और पैर के तलवों पर मलने से दर्द में आराम मिलता है और ठंड का असर भी कम होता है.

ऐसे करें इस्तेमाल
जरूरत के समय तेल को किसी छोटे बाउल में निकाल कर गुनगुना करें और दर्द वाली जगह पर हल्के हाथों से मालिश करें. मालिश तब तक करें जब तक तेल सूख न जाए.

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इस तेल की तासीर होती है बेहद गर्म
तेल में पकाई गई अजवायन, लहसुन, मेथी, हींग और जायफल की तासीर बहुत गर्म होती है. सरसों के तेल की तासीर भी गर्म मानी जाती है. इन सब चीजों को तेल में पकाये जाने से तेल की तासीर और भी ज्यादा गर्म हो जाती है जो ठंड के कारण हुए दर्द को कम या ठीक करने में मदद करती हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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