उत्तराखंड-हिमाचल नहीं इस बारिश में नागालैंड के खास हिल स्टेशन का लें मजा

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Updated: September 4, 2019, 11:50 AM IST
उत्तराखंड-हिमाचल नहीं इस बारिश में नागालैंड के खास हिल स्टेशन का लें मजा
अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं तो इस बार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश नहीं पूर्वोत्तर में बसे इस खूबसूरत वैली में कैंपिंग करने जरूर जाएं.

अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं तो इस बार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश नहीं पूर्वोत्तर में बसे इस खूबसूरत वैली में कैंपिंग करने जरूर जाएं.

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  • Last Updated: September 4, 2019, 11:50 AM IST
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आज की बिजी लाइफ में हर व्यक्ति डिजीटल हो गया है. समय के साथ लोगों के शौक बदल गए हैं लेकिन अगर कुछ नहीं बदला है तो वह है घूमना. जी हां, बदलते दौर में भी घूमने को लेकर लोगों की रूचि कम नहीं हुई है. लोग आए दिन ऐसी जगह घूमने की प्लॉनिंग करते हैं, जहां ढेर सारा एडवेंचर हो, प्रदूषण न हो और चारो तरफ हरियाली दिखाई दे. बारिश के मौसम में कई लोग हिल स्टेशन का मजा लेने जाते हैं.

हालांकि इस मौसम में कई पहाड़ी जगहों पर भूस्खलन हो जाता है लेकिन फिर भी बारिश के मौसम में पहाड़ो पर एक अलग ही हरियाली देखने को मिलती है. अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं तो इस बार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश नहीं पूर्वोत्तर में बसे इस खूबसूरत वैली में कैंपिंग करने जरूर जाएं. यह
कैंपिंग के लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन है जहां आपको प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ एडवेंचर करने का मौका भी मिलेगा. यह जगह है नागालैंड की जोखू वैली. यहां जाने पर आपको चारो तरफ बेहद खूबसूरत नजारे दिखाई देंगे. आइए जानते हैं जोखू वैली में क्या है खास.

पूर्वोत्तर के खूबसूरत राज्यों में से नागालैंड भी एक है. हालांकि दूर होने के कारण बहुत कम ही लोग यहां जाते हैं लेकिन आज के एडवेंचर के दौर में हर कोई यहां घूमने के लिए जाना चाहता है. कुछ समय पहले तक जोखू वैली लोगों को बेजान व निर्जन लगती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है. ऊंचे-नीचे हरे पहाड़, नीला आसमान और बीच में शीशे सी नदी का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां आप बादलों को बेहद करीब से देख सकते हैं.

यहां पहुंचने का रास्ता थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन स्वर्ग कहां आसानी से दिखाई देता है. करीब एक घंटे की खड़ी चढ़ाई के बाद आगे बांस के झुरमुटों के बीच से करीब 3 घंटे की ट्रैकिंग के बाद आपको इस खूबसूरत वैली की पहली झलक देखने को मिलती है. जब आप इस जगह पर पहुंचेंगे तो ऐसा लगता है मानो किसी ने इंद्रधनुष की पेंटिंग की हो. ये सारी प्राकृतिक सुंदरता हकीकत के रूप में सामने आ जाती है.

आपको बता दें कि जोखू लिली के फूल भारत के किसी और हिस्से में आपको नहीं मिलेंगे जो सिर्फ मॉनसून में ही यहां खिलते हैं. इन फूलों के देखने के लिए ही लोग अब इस वैली पर घूमने आते हैं. समुद्र तल से 2452 मीटर की उंचाई पर स्थित इस घाटी को लेकर बहुत सी कहानियां भी प्रचलित हैं. कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि घाटी के बहते पानी में नहाने से कोई भी बीमारी ठीक हो सकती है. एक कहानी यह भी है कि इस घाटी के पीछे विशाल जंगल है, जहां सफेद हाथी दिखाई देते हैं. हालांकि आज तक किसी ने उन्हें नहीं देखा है.

अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो इस जगह पर आप अपने दोस्तों के साथ प्लान बनाकर आ सकते हैं. आप यहां कम बजट में ढेर सारी मौज-मस्ती कर सकते हैं. ऐसे जादुई नजारे आपको सिर्फ यहीं पर दिखाई देंगे. आप यहां पर दोस्तों के साथ कैंपिंग भी कर सकते हैं. रात के वक्त यहां किसी तरह का कोई खतरा नहीं है. आप वैली में नदी के किनारे आराम से कैंपिंग कर सकते हैं.

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First published: September 4, 2019, 11:47 AM IST
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