खुद को डिप्रेशन से निकालकर दूसरों की मदद कर रहा ये युवक, जानें उसकी कहानी

खुद को डिप्रेशन से निकालकर दूसरों की मदद कर रहा ये युवक, जानें उसकी कहानी
मैं पूरी पूरी रात जगा रहता था और सिर्फ ये सोचता था कि हम दोनों के बीच ऐसा क्या गलता हुआ.

युवक को पता चला कि उसका ये रिलेशनशिप (Relationship) तो शुरुआत से ही धोखे की नींव पर खड़ा था. उसकी पार्टनर उसे चीट (Cheat) कर रही थी. डिप्रेशन (Depression) के चलते वह अंदर से खोखला हो रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 1:39 PM IST
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प्यार (Love) में नाकाम एक युवक की हालत ऐसी हुई कि वह रातों रात डिप्रेशन (Depression) में चला गया. युवक को पता चला कि उसका ये रिलेशनशिप (Relationship) तो शुरुआत से ही धोखे की नींव पर खड़ा था. उसकी पार्टनर उसे चीट (Cheat) कर रही थी. डिप्रेशन के चलते वह अंदर से खोखला हो रहा था. पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर खड़ा था. ऐसे में उसके रूममेट और पैरेंट्स ने मिलकर उसे संभाला, उसे सही दिशा दिखाई और उसका हौसला बढ़ाया. अब हालात ऐसे हैं कि वह डिप्रेशन के शिकार लोगों की खुद मदद कर रहा है. लोगों को सुसाइड (Suicide) करने से रोक रहा है. मेंटल हेल्थ (Mental Health) पर खुलकर बात कर रहा है. फेसबुक का एक पेज है- ह्यूमंस ऑफ बाम्बे. इस पेज में मुंबई न केवल धड़कती है बल्कि ऐसे लोगों और ऐसी कहानियों को सामने लाती है, जो आम होते हुए खास होती हैं. इसी पेज पर उस लड़के ने अपनी कहानी शेयर की है जो कि वायरल हो रही है.

ब्रेकअप की रात मैं बहुत परेशान हो गया था
2 साल पहले मैं बहुत खुश था, प्यार में था और जिंदगी बिल्कुल परफेक्ट चल रही थी. अचानक ही मेरी पार्टनर ने मुझसे ब्रेकअप कर लिया. इस बात पर तर्क करते हुए उसने मुझसे कहा कि हम दोनों में बहुत अंतर है. ऐसे जिंदगी नहीं चल सकती. ब्रेकअप की रात मैं बहुत परेशान हो गया था. मुझे एंग्जाइटी अटैक आया और मैं डिप्रेशन में चला गया. इसके बाद एंग्जाइटी मेरी रात की दोस्त बन गई. मुझे रात में नींद नहीं आती थी. मैं पूरी पूरी रात जगा रहता था और सिर्फ ये सोचता था कि हम दोनों के बीच ऐसा क्या गलता हुआ. हालांकि मेरे पास इस बात का कोई जवाब नहीं था.

मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी
एक महीने बाद मुझे पता चला कि मेरे साथ तो प्यार के इस रिश्ते में शुरुआत से ही धोखा हुआ है. इस बात ने मुझे तोड़कर रख दिया. इस हालात से बाहर निकलने में मुझे महीनों लग गए. एक दिन मैं अपना कमरा साफ कर रहा था तो मुझे वहां हमारी तस्वीरें और कुछ मूवी टिकट्स मिलें जिन्होंने दोबारा उन बातों को याद दिला दिया. यह सब इतना बुरा था कि मैं रोते रोते जमीन पर गिर गया. मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. मेरी हालत को देखते हुए मेरे नए रूममेट चिन्मय ने मुझे तुरंत अस्पताल पहुंचाया.



मैं एक ऑबसेसिव स्टॉकर बन गया
इस हादसे के बाद मुझे ऐसा लगा कि मुझे इन सब से बाहर निकलने के लिए थोड़ा समय का ब्रेक चाहिए. ऐसे में मैं अपने घर, अपने पैरेंट्स के पास आ गया. एक रात को मेरे पिता के मेरे पास से एंटी डिप्रेशन की दवाइयां मिलीं. वह दवाइंयों को देख चिंतित हो गए. मां ने कहा- ऐसा कोई गलत काम मत करना जिससे कि तुम उन लोगों को परेशान करो जो तुमसे सच में प्यार करते हैं. पैरेंट्स का कहना बिल्कुल सही था लेकिन मैं सिर्फ अपने पार्टनर के बारे में ही सोच रहा था. जब मैं वापस लौटा तो उसी कमरे में उसी बेड पर सोना मेरे लिए बहुत मुश्किल भरा साबित हो रहा था. मैं हर रात रोता था. मेरा वजन भी बढ़ गया था और मैं एक ऑबसेसिव स्टॉकर बन गया था. मैं सोचता था कि अपने पार्टनर के घर उसे बिना बताए पहुंच जाऊंगा लेकिन हर बार वापस भाग आता था.

मैं दोबारा काम पर लौटा
मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी. 3 महीने तक मैंने काम भी नहीं किया. ऐसे दौर में चिन्मय में मेरी बहुत मदद की. वह हर घंटे मेरी तबीयत पूछता था, मेरे लिए चाय बनाता था और हम दोनों साथ में मूवी भी देखते थे. उसने मुझसे कहा- मैं उसके लिए बहुत कुछ हूं. ये सुनने के बाद मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ. धीरे धीरे सारी चीजें सही होने लगीं. मैं दोबारा काम पर लौटा और खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करने लगा. मैनें मेंटल हेल्थ पर आर्टिकल्स पढ़ना शुरू किया और मुझे पता चला कि मैं अकेला ऐसा नहीं हूं. हाल ही में मैंने एक युवक के सुसाइड का कहानी इंस्टाग्राम पर पढ़ी. मैंने ये कहानी अपने दोस्तों और सुसाइड प्रेवेंशन एक्टिविस्ट के साथ शेयर की.


उन लोगों ने कदम उठाते हुए उसे बचा लिया. इसके बाद 2-3 दिनों तक मैं खुद को बहुत असहाय महसूस करने लगा. मुझे लगा कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जो इस तरह की हालत से गुजर रहे हैं. लोगों को कितना कुछ सहना पड़ रहा है. ऐसे में मुझे लगा कि मेंटल हेल्थ पर खुलकर बोलने की जरूरत है. मुझे TED टॉक में इंविटेशन भेजा गया कि अपनी इस जर्नी को लोगों के साथ शेयर करने के लिए. पिछले 2 सालों में मैंने जिंदगी से बहुत कुछ सीखा. मैंने सीखा कि आप ऐसे किसी इंसान को प्यार नहीं कर सकते जो कि आपसे प्यार न करता हो. मुझे दोबारा प्यार तो नहीं मिला लेकिन मेरे मन के घाव धीरे धीरे भर रहे हैं. मुझे मेरे रूममेट ने बहुत कुछ सिखाया. मेरी मां मुझे आज भी थेरेपी लेने के लिए याद दिलाती हैं. मुझे मालूम है कि सब मेरी बहुत केयर करते हैं. मुझे अभी बहुत आगे जाना है और सपनों को पूरा करना है.
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