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वेट घटाने वालों को कोरोना से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा कम: स्टडी

वजन घटाने के लिए पाचन प्रणाली (Digestive system) की सर्जरी को बैरिएटिक सर्जरी (Bariatric surgery) कहते हैं.  (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

वजन घटाने के लिए पाचन प्रणाली (Digestive system) की सर्जरी को बैरिएटिक सर्जरी (Bariatric surgery) कहते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

Weight losers are less prone to complications of Covid : अमेरिका स्थित क्लेवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) द्वारा की ग ...अधिक पढ़ें

    Weight losers are less prone to complications of Covid : कोरोना महामारी (Coronavirus) के दौर में सेहत को लेकर जागरुक रहना बहुत जरूरी है. जानकार बताते हैं कि कमजोर इम्यूनिटी और पहले से बीपी या डायबिटीज के मरीजों को कोरोना संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता है. जैसा की सभी जानते हैं, बढ़ते वजन और मोटापा (Obesity) के चलते शरीर में डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारियां घर कर जाती है. इसलिए डॉक्टर हमशा नियमित व्यायाम और खानपान पर कंट्रोल कर वजन कम करने की सलाह देते हैं. जिन लोगों में मोटापा बहुत ज्यादा होता है वो कई बार सर्जरी भी करवाते हैं. अब अमेरिका स्थित क्लेवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) द्वारा की गई स्टडी में ये दावा किया गया है कि सर्जरी के जरिये पर्याप्त वजन घटाने वालों को कोविड-19 से जुड़ी जटिलताओं का खतरा कम होता है. वजन घटाने के लिए पाचन प्रणाली (Digestive system) की सर्जरी को बैरिएटिक सर्जरी (Bariatric surgery) कहते हैं. दरअसल, मोटापे के कारण इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और सूजन, हार्ट डिजीज, ब्लड क्लाट्स (Blood Clots) एवं फेफड़ों (Lungs) से जुड़ी जटिलताओं (Complications) का खतरा बढ़ जाता है. इस स्टडी का निष्कर्ष ‘जेएएमए सर्जरी (JAMA Surgery)’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

    इस स्टडी के प्रमुख लेखक डॉ अली अमिनियन ( Ali Aminian) कहते हैं, ‘मोटापाग्रस्त जिन लोगों ने संक्रमण से पहले बैरिएटिक सर्जरी के जरिये पर्याप्त वजन कम किया था, उनमें कोरोना से जुड़ी गंभीर जटिलताएं होने का खतरा 60 प्रतिशत तक कम रहा.’इससे कोरोना संक्रमण की जटिलताएं भी बढ़ जाती हैं.

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    कैसे हुई स्टडी
    स्टडी में मोटापाग्रस्त कुल 20,212 वयस्क मरीजों को शामिल किया गया. 5,053 लोगों का एक समूह बनाया गया, जिनका बाडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 व उससे ज्यादा था और उन्होंने वर्ष 2004-17 के बीच बैरिएटिक सर्जरी (Bariatric surgery) कराई थी.

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    रिसर्चर्स ने पाया कि संक्रमण से पहले बैरिएटि्क सर्जरी कराने वालों को अस्पताल में भर्ती कराने का खतरा 49 प्रतिशत, इलाज के लिए आक्सीजन की जरूरत 63 प्रतिशत व कोविड के गंभीर लक्षणों के विकास का खतरा 60 प्रतिशत कम रहा.

    Tags: Coronavirus, Health, Health tips

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