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प्रेग्नेंसी में इस्तेमाल करती हैं हेयर कलर तो इन बातों का रखें ख्याल

प्रेग्नेंसी में इस्तेमाल करती हैं हेयर कलर तो इन बातों का रखें ख्याल

प्रेग्नेंसी के दौरान स्कैल्प में कलर लगाने से बचें-Image/Canva

प्रेग्नेंसी के दौरान स्कैल्प में कलर लगाने से बचें-Image/Canva

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को रोजमर्रा की कुछ चीजों से दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी होता है. हेयर डाई भी इन्हीं में से एक है. कैमिकल युक्त होने के चलते प्रेग्नेंसी के दौरान हेयर कलर का इस्तेमाल करना बच्चे की हेल्थ के साथ समझौता करने जैसा होता है. हालांकि प्रेग्नेंसी के पूरे समय तक बालों को कलर ना करना भी मुमकिन नहीं है. ऐसे में आप बीच का रास्ता चुन सकती हैं. जी हां, बालों पर कलर लगाते समय कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर आप हेयर कलर लगाकर भी बच्चे को कलर के साइड इफैक्ट से बचा सकती हैं.

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प्रेग्नेंसी महिलाओं के जीवन का काफी नाजुक पल होता है. इस दौरान उन्हें कई चीजों से दूर रहने की सलाह भी दी जाती है. खासतौर पर कैमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कुछ महिलाओं के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है, जिसमें हेयर कलर भी शामिल है. दरअसल जानकारों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हेयर कलर में मौजूद कैमिकल बच्चे की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान बालों को कलर करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है.

प्रेग्नेंसी के समय पूरे नौ महीनों तक बालों में कलर ना लगाना लगभग नामुमकिन होता है. इस बीच आपको किसी न किसी वजह से बालों को डाई करना ही पड़ जाता है. मगर, वहीं बच्चे की सेहत को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. हालांकि प्रेग्नेंसी में हेयर कलर करते समय कुछ एहतियात बरतकर आप इस परेशानी को आसानी से हल कर सकती हैं. जिससे आप बालों को कलर भी कर लेंगी और गर्भस्थ शिशु भी कलर के बुरे प्रभाव से बचा रह सकता है.

हेयर कलर से करें परहेज
आपको हेयर कलर से दूर जरूर रहना है, लेकिन सिर्फ 12 हफ्तों के लिए. दरअसल प्रेग्नेंसी के शुरूआती 12 हफ्ते ही बच्चे के बनने का समय होता है. ऐसे में आपकी छोटी सी लापरवाही बच्चे पर भारी पड़ सकती है. इसलिए शुरूआती 12 हफ्तों तक बालों को कलर करने से बचना चाहिए.

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स्कैल्प को करें अवॉयड
बालों में कलर लगाने का मुख्य कारण बालों को खूबसूरत बनाना होता है. ऐसे में अगर हो सके तो स्कैल्प पर कलर न लगाएं. बता दें कि कलर के कैमिकल्स स्कैल्प के रास्ते आपके ब्लड में मिक्स हो जाते हैं. जिसका बच्चे पर सीधा असर पड़ सकता है. इसलिए कलर करते समय सिर्फ बालों पर ही डाई लगाने की कोशिश करें.

नेचुरल डाई का करें इस्तेमाल
प्रेग्नेंसी के दौरान बालों पर पर्मानेंट डाई के साइड इफैक्ट हो सकते हैं. इसलिए प्रेग्नेंसी में वेजीटेबल डाई और इंडिगो पाउडर जैसे नेचुरल डाई का ही इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.

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डाई की खुशबू से रहें दूर
बालों में डाई लगाते समय इसकी स्मैल से दूरी बनाकर रखें. ध्यान रहे इसे सूंघने से कैमिकल्स आपके शरीर में प्रवेश करके बच्चे को हार्म कर सकते हैं. इसलिए हेयर कलर लगाते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखना न भूलें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Lifestyle, Tips and Tricks

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