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गेंदा, चमेली से लेकर कनेर तक, बरसात है इन पौधों को उगाने का सबसे सही वक्त

गेंदा, चमेली से लेकर कनेर तक, बरसात है इन पौधों को उगाने का सबसे सही वक्त

गेंदा, चमेली से लेकर कनेर तक उगाएं बरसात में,साभार- कैनवा

गेंदा, चमेली से लेकर कनेर तक उगाएं बरसात में,साभार- कैनवा

Tips And Tricks: क्या आप भी अपने घर में रंग बिरंगे फूल लगाने के शौकीन हैं. अगर हां तो, गेंदा, चमेली जैसे पौधों को लगाने का सही समय आ चुका है. बारिश का मौसम पेड़ पौधे लगाने का सबसे अच्छा टाइम है.

मानसून की बारिश काफी लोगों के लिए एक नया उत्साह लेकर आती है. इस बारिश के उत्साह में हर कोई फिर से खिल उठता है. ठीक उसी तरह भीषण गर्मी के बाद पेड़-पौधों को भी बारिश एक नया जीवन देती है. बारिश का सीजन पेड़-पौधों के लिए वरदान माना गया है. इस मौसम में कई पौधे लगाए जा सकते हैं, जो इसी सीजन में पनपते हैं. जिन्हें गर्मियों में लगाने की सोच भी नहीं सकते. मानसून ज्यादातर जून के अंत या जुलाई के शुरूआती दिनों में आ ही जाता है. इस मौसम में कई पौधे हैं, जिन्हें आप अपनी बालकनी से लेकर आंगन, छत और क्यारी में लगा सकते हैं. जिससे घर की खूबसूरती दोगुनी हो सकती है.

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गेंदे का फूल
गेंदे का पौधा उगाना बेहद आसान है. वैसे तो हर मौसम में इसे खिलाया जा सकता है. इससे बगीचे की रौनक बढ़ जाती है. इससे जुड़े सौन्दर्य के भी कई सारे लाभ हैं. गेंदे का फूल नारंगी होता है, तो सूर्य का प्रतीक है. मिट्टी कैसी भी हो गेंदा आराम से उगाया जा सकता है. इसमें पानी की बराबर मात्रा की जरूरत होती है. लेकिन बारिश इस फूल के लिए वरदान है.

चमेली का फूल
वैसे चमेली को लोग मोगरा के नाम से भी जानते हैं. बारह महीने खिलने वाले चमेली के फूल की महक काफी लुभावनी होती है. इसका इस्तेमाल तेल बनाने में भी किया जाता है. प्रथाओं और परम्पराओं में चमेली के फूल का काफी महत्व है. बारिश के सीजन में चमेली का पौधा खूबसूरती के साथ पनपता है.

कनेर का फूल
सी बीच को पसंद करने वालों की पहली पसंद कनेर का पौधा होना चाहिए. बारिश के इस सीजन में कनेर का पेड़ भी फलता है और फूल भी खिलता है. इसके कई रंग आपको विकल्प के तौर पर मिल सकते हैं. कनेर का पौधा ठंड के मौसम में विकसित नहीं हो पाता.

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बारिश में पौधों की छंटाई
मानसून का सीजन पेड़ पोधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं. पौधों की छंटाई के लिए भी ये मौसम काफी अच्छा होता है. इस मौसम में पेड़ अच्छे से विकास करते हैं, और बारिश का पानी पेड़ों की जड़ों को दोगुनी तेजी से बढ़ाने में मदद करता है.

पेड़ों के लिए खाद और कीटनाशक
-अंडे के छिलके, ग्रीन टी बैग, सब्जी और फलों के छिलके से पेड़ पौधों की खाद तैयार कर सकते हैं.
-मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करें, जिसमें मिट्टी के ऊपर जरूरी न्यूट्रिएंट्स की लेयर लगाई जाती है ताकि पौधे को आवश्यक पोषक तत्व मिलें और वह जल्दी और हेल्दी रूप से विकसित हो सके.
-पौधों में छंटाई के बाद कीटनाशक का छिड़काव सावधानी के साथ करें.
-अपने बगीचे को डी-वीड करें, ताकि किसी तरह का कोई भी कीट पनप ना सके.
-मानसून के सीजन को और भी खूबसूरत बनाने के लिए आप अपने बगीचे की शोभा बढ़ाने के बारे में प्लान कर सकते हैं, क्योंकि बारिश का सीजन ही एक ऐसा सीजन होता है, जिसमें वो पौधे पनपते हैं, जो किसी और सीजन में नहीं पनप पातें. तो फिर इन्तजार की किस बात का? कीजिये जमकर बागवानी. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Lifestyle, Plantation

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