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बच्‍चे के नेचर में आ रहा है बदलाव? मोबाइल रेडिएशन हो सकती है वजह

बच्‍चे के नेचर में आ रहा है बदलाव? मोबाइल रेडिएशन हो सकती है वजह

कॉल आने पर बच्चों से अलग जाकर कॉल रिसीव करें. Image : shutterstock

कॉल आने पर बच्चों से अलग जाकर कॉल रिसीव करें. Image : shutterstock

Protect Children From Mobile Exposure : मोबाइल (Mobile) से निकलने वाले रेडिएशन (Radiation) बच्चों (Kids) के लिए काफी हानिकारक होते हैं जो उनके मानसिक विकास से लेकर व्‍यवहार पर भी काफी असर डालते हैं.

    Protect Children From Mobile Exposure :  मोबाइल (Mobile) फोन से निकलने वाले रेडिएशन (Radiation) को बच्चों (Kids) के लिए काफी हानिकारक माना गया है. इसके कारण उनमें कई समस्याएं होने का खतरा रहता है जिसमें तंत्रिका संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं. इसके चलते उनके बोलने, सांस लेने, निगलने और सीखने की क्षमता में कमी देखी जा सकती है. इसके अलावा एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन बच्‍चों में कैंसर का कारण बन सकता हैं. यह ब्रेन ट्यूमर की भी वजह बन रहा है.

    मॉमजंक्‍शन के मुताबिक, बच्चों में मोबाइल के अधिक उपयोग से डिप्रेशन और जल्द गुस्सा आने की समस्या भी पनप सकती है. इसके अलावा अनिंद्रा भी इसकी एक वजह है. लेकिन महामारी के इस दौर में बच्‍चों के पास मोबाइल एक मजबूरी भी हो चुकी है. ऐसे में पेरेंट्स उन्‍हें कुछ घंटों के लिए मोबाइल की परमिशन दे सकते हैं लेकिन इसकी लत से बचाना जरूरी है.

    मोबाइल फोन के जोखिम से इस तरह बचाएं बच्चों को

    -घर या स्कूल का चुनाव करते वक्त ध्यान रखें कि आसपास कोई मोबाइल टॉवर न हो.

    -बच्चों के बेडरूम में सोते वक्त मोबाइल बिलकुल न रखें.

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    -अगर आप मोबाइल का प्रयोग देर तक करते हैं तो कॉल आने पर बच्चों से अलग जाकर कॉल रिसीव करें.

    -बच्‍चों को अगर कुछ दिखाना या सुनाना चाहते हैं तो आप हेडफोन का इस्तेमाल करें. ध्यान रहे कि हेडफोन भी बच्चों के कान पर बुरा असर डाल सकते हैं इसलिए इसका प्रयोग कम आवाज में और बड़ी ही सावधानी के साथ करें.

    -लिफ्ट, ट्रेन, बस या कार में बच्चों को मोबाइल बिलकुल भी इस्तेमाल न करने दें. ऐसा करने से रेडिएशन की तीव्रता बढ़ सकती है जो बच्चों के लिए नुकसानदायक है.

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    -16 साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल बिलकुल भी न दें। कारण यह है कि 16 से कम उम्र में बच्चे का मस्तिष्क बहुत संवेदनशील होता है, जो मोबाइल से निकलने वाले विकिरण को सहने के लिए तैयार नहीं होता.

    -नेटवर्क न होने की स्थिति में बच्चों को बिलकुल भी मोबाइल न दें. दरअसल ऐसी स्थिति में मोबाइल आसपास के नेटवर्क के लिए नए एंटीना से जुड़ने का प्रयास करता है जिससे रेडिएशन की तीव्रता और भी बढ़ सकती है.

     (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Lifestyle, Mobile, Parenting tips

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