तमिलनाडु: एक चिड़िया और उसके बच्चों की जान बचाने के लिए 40 दिन से नहीं जले गांव के स्ट्रीट लाइट

तमिलनाडु: एक चिड़िया और उसके बच्चों की जान बचाने के लिए 40 दिन से नहीं जले गांव के स्ट्रीट लाइट
स्विच बोर्ड में बिजली सप्लाई रोक दी गई. अब तक गांव के स्ट्रीट लाइट्स नहीं जले हैं.

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के शिवगंगा जिले के एक गांव में 40 दिनों से स्ट्रीट लाइट (Street Lights) नहीं जलाई गई है. क्योंकि इसके स्विच बोर्ड के अंदर चिड़िया ने अपना घर (Home) बना लिया है. इनको बचाने के लिए गांव के लोगों ने यह फैसला किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 29, 2020, 10:51 AM IST
  • Share this:
तमिलनाडु (Tamil Nadu) के शिवगंगा जिले के एक गांव ने 40 दिनों तक स्ट्रीट लाइट (Street Lights) नहीं जलाई ताकि एक चिड़िया (Bird) और उसके बच्चे सुरक्षित रह सकें. चिड़िया ने स्ट्रीट लाइट की स्विचबोर्ड पर अपना घोंसला बना लिया था और उसमें दो अंडे दिए थे. स्विचबोर्ड में करंट न आ जाए जिससे कि चिड़िया और उसके बच्चे को नुकसान पहुंचे इसलिए सारे गांव के लोग एकत्र हुए और स्विचबोर्ड की बिजली सप्लाई रोकने का फैसला किया. चिड़िया को बचाने के लिए 40 दिनों से गांव के लोग अंधेरी सड़कों पर चल रहे हैं.

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले का मामला
यह मामला तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में स्थित एक गांव पोत्ताकुडी का है. यहां पिछले 40 दिनों से स्ट्रीट लाइट्स को बंद रखा गया है, ताकि एक चिड़िया (ओरिएंटल मैगी-रॉबिन) चैन से अपने घोंसले और अंडे के साथ रह सके. स्ट्रीट लाइट ऑपरेटर और पोत्ताकुडी के निवासी करुप्पु राजा ने द बेटर इंडिया को बताया- मैंने स्विचबोर्ड के बाहर एक छोटी सी चिड़िया को उड़ते देखा उसके बाद करीब जाकर देखा तो स्विच बोर्ड पर चिड़िया अपना घोंसला बना चुकी थी. उसमें उसके दो अंडे भी मौजूद थे. राजा पक्षी को बिना परेशान किए वहां पर रहने देना चाहता था, लेकिन ऐसा करने का मतलब था कि वह 100 घरों के बीच के 35 स्ट्रीट लाइटों को चालू न करे.

क्या सुबह होने से पहले अचानक टूट जाती है आपकी नींद? जानें इसके पीछे का कारण
ऐसे मामला प्रकाश में आया


राजा ने बताया- मैंने उस घोंसले की तस्वीर लेकर उसे अपने इलाके के सभी निवासियों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा किया. मैंने समझाया- मैं इस पक्षी को अंडे देने के लिए सुरक्षित स्थान देना चाहता था. साथ ही मैंने बिजली की लाइन के लिए लोगों से समर्थन मांगा. इसके लिए अधिकांश ग्रामीण तैयार हो गये. अगले दिन, सभी ने ग्राम पंचायत के प्रमुखों- अरसुनन और एच कालेश्वरी से बात की और उनसे घोंसले वाली जगह पर जाने का आग्रह किया. अरसुनन वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां घोंसला बन चुका था और चिड़िया के साथ दो अंड़े थे. अब करंट लगने से उसकी मौत का खतरा था इसलिए मैं स्विच बोर्ड की बिजली सप्लाई को काटने के लिए राजी हो गया.

चिड़िया के जाने के बाद चालू होंगी स्ट्रीट लाइट
इसके बाद स्विच बोर्ड में बिजली सप्लाई रोक दी गई. अब तक गांव के स्ट्रीट लाइट्स नहीं जले हैं. करुप्पु राजा कहते हैं कि पक्षी को अंडे दिए अब 40 दिन हो चुके हैं और अब तीन स्वस्थ बच्चे हैं. उनके छोटे पंख हैं और वो धीरे-धीरे उड़ना सीख रहे हैं. करुप्पु राजा इस बात की निगरानी करते हैं कि कोई भी घोंसले के करीब न जाए, जिससे कि चिड़िया के बच्चे डरें. वहीं गांव के पंचायत प्रमुखों ने कहा है कि पक्षियों के घोंसला छोड़कर जाने के बाद ही स्ट्रीट लाइटों की बिजली चालू की जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading