कोरोना काल में पॉजिटिव रहने के लिए जरूरी है आप खुद में करें ये बदलाव

समाज से कट कर रहने का लोगों पर बुरा प्रभाव पड़ा और उनमें नेगेटिविटी आई.
समाज से कट कर रहने का लोगों पर बुरा प्रभाव पड़ा और उनमें नेगेटिविटी आई.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण ने हमारे जीवन पर काफी असर डाला है. इसकी वजह से लॉकडाउन हुआ और लोग घरों तक सीमित रहने को मजबूर हुए. समाज से कट कर रहने का लोगों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है. उनमें एक तरह से नेगेटिविटी (Negativity) आई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 10:31 AM IST
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इंसान के जीवन में सुख और दुख दोनों का ही आना लगा रहता है. अक्‍सर जीवन में ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनका नकारात्‍मक प्रभाव (Negative Effect) हमारे मन-मस्‍तिष्‍क पर पड़ता है. जिंदगी में खुशियां और सकारात्मकता (Positivity) है तो दुख भी है. हाल में कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैले संक्रमण ने भी हमारे जीवन पर काफी असर डाला है. इसकी वजह से लॉकडाउन हुआ और लोगों के रोजगार तक खत्‍म हो गए. लोग घरों तक सीमित रहने को मजबूर हुए. इस सबका और समाज से कट कर रहने का लोगों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा और उनमें एक तरह से नेगेटिविटी (Negativity) आई.

डीबी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक साइकोलॉजिस्ट शेल्डोन सोलोमोन का कहना है कि दुनिया में की वजह से दुनिया भर में फैली नेगेटिविटी कब खत्‍म होगी, कहा नहीं जा सकता. कोरोना की वजह से जो हालात हुए हैं, लोग लंबे अरसे से इनसे जूझ रहे हैं. ऐसे में उनके लिए इस निगेटिविटी से निबटना बड़ी चुनौती है. क्‍योंकि निगेटिविटी जहां इंसान की मुस्‍कुराहट उसके उत्‍साह को छीन लेती है, वहीं तनाव, एंग्जाइटी और डिप्रेशन को भी जगह देती है.

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इंसान निर्णय लेने की स्थिति में नहीं रहता
इस संबंध में मैकिंगन यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी के प्रोफेसर एथन क्रॉस का कहना है कि नेगेटिविटी का जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है. जीवन में बुरी घटनाओं की वजह से इंसान में नेगेटिविटी आती है. इसकी वजह से मानसिक क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है. यही वजह है कि इन हालात में इंसान कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं होता और उचित, अनुचित का फर्क भी नहीं कर पाता. कुल मिलाकर देखें तो नेगेटिविटी किसी दलदल की तरह है जिससे इंसान चाह कर भी बाहर नहीं निकल पाता.

कोरोना से उबरने में आती है मुश्किल
इसी तरह एक स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना की वजह से जो असर लोगों के मन मस्तिष्‍क पर पड़ा है, वह उनके एक्सरसाइज करने और इससे उबरने की कई कोशिशों के बाद भी कम नहीं हो रहा है. ऐसे में कुछ तरीके बताए गए हैं जिनकी वजह से कोरोना का मानसिक तनाव करने में मदद मिल सकती है. निगेटिविटी को दूर करने में मदद करेंगे ये टिप्‍स-

निगेटिविटी को स्वीकार करने का साहस दिखाएं
बिहैवियर साइंटिस्ट निक हॉब्सन का कहना है कि निगेटिव विचारों को इग्नोर करने से बचना चाहिए. कुछ भी खुद ब खुद ठीक नहीं होता. इसलिए इस नेगेटिविटी की वजह तलाशिए और निगेटिविटी को स्वीकार करने का साहस दिखाइए. साथ ही इसका कारण जानिए. तभी आप इससे निपट सकते हैं. नेगेटिविटी का बहादुरी के साथ सामना करने से निगेटिव फीलिंग का प्रभाव कम होने लगता है. साथ ही इससे उबरने के कई उपाय सूझते हैं.

सेल्फ मोटिवेशन है बेहद जरूरी
डॉ. क्रॉस के मुताबिक अपनी निगेटिविटी को स्वीकार करना सीखें. अक्‍सर निगेटिविटी से परेशान इंसान खुद को बेहद अकेला महसूस करता है. उसे किसी के समझाने की जरूरत और सुझावों की कमी महसूस होती है. ऐसे में खुद को किसी तीसरे व्‍यक्ति की तरह सुझाव दें. यह कारगर उपाय हो सकता है इस नेगेटिविटी से निपटने का. विशेषज्ञ इसे सेल्फ मोटिवेशन मानते हैं.

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पॉजिटिविटी से खुद को जोड़ें
निगेटिविटी से निपटने के लिए आपका समाज से जुड़े रहना बहुत जरूरी है. इसलिए इसको दूर करने के लिए परंपराओं का सहारा लिया जा सकता है. इसकी वजह यह है कि जब हम लोगों के सामने होते हैं, तो उस समय हम खुशी महसूस करते हैं और खुद को पॉजिटिव दिखाने का प्रयास भी करते हैं. इस तरह भी खुद को पॉजिटिविटी से जोड़ा जा सकता है और नेगेटिविटी को दूर करने का प्रयास किया जा सकता है.
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