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जीवन के अंतिम समय में लोगों को किन बातों का होता है सबसे ज्यादा पछतावा, नर्स ने शेयर की बड़ी बात

जीवन के अंतिम समय में लोगों को कई बातों का पछतावा रहता है.

जीवन के अंतिम समय में लोगों को कई बातों का पछतावा रहता है.

5 Regrets of the Dying: हर कोई एक हैप्पी लाइफ चाहता है और इसके लिए पूरी जिंदगी मेहनत करता है लेकिन, जीवन के अंतिम दिन ल ...अधिक पढ़ें

5 Regrets of the Dying: इस दुनिया में हर किसी को एक अच्छी और खुशनुमा लाइफ की चाहत होती है. इसके लिए लोग पूरी जिंदगी मेहनत करते हैं और अपनों की इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं. हालांकि कोई कितनी भी मेहनत कर ले या फिर कोशिश कर लें लेकिन जब वह अपने जीवन के अंतिम पलों में होता है तो उसे कुछ न कुछ बातों का जरूर पछतावा रहता है. इस बात का जिक्र एक ऑस्ट्रेलियाई नर्स ब्रोनी वेयर ने किया जिसने कई मरीजों का लंबे समय तक पालन पोषण किया.

द गार्डियन की खबर के अनुसार ब्रोनी वेयर जो लोग अपने अंतिम दिनों में होते हैं उनसे कई ऐसी सीख मिलती हैं जो हमारे जीवन को आगे बढ़ाने और खुश रहने में मदद करती हैं. वेयर ने कहा कि जब जीवन के अंतिम पलों को जी रहे लोगों से उनके पछतावे के बारे में सवाल किया गया तो उनमें कई बातें सामान्य मिलीं. आइए जानते हैं मरने से पहले के शीर्ष पांच पछतावे क्या होते हैं…

काश मुझमें खुद के लिए जीवन जीने का साहस होता
जीवन के अंतिम समय में अधिकांश लोगों में यह पछतावा होता है कि काश उनमें खुद के लिए जीवन जीने का साहस होता. जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनके खुद के कई सपने अधूरे रह गए. अधिकांश लोग अपने खुद के सपनों को आधा भी पूरा नहीं कर पा सके और जब एहसास हुआ तब बहुत देर हो चुकी थी.

काश मुझमें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का साहस होता
कई लोगों ने दूसरों के साथ शांति बनाए रखने और उन्हें खुश रखने के लिए अपनी ही भावनाओं को दबा दिया. वे कभी भी वे नहीं बन पाए जो वो वास्तव में बनने में सक्षम थे. अधिकांश लोगों में इस बात का यह पछतावा था कि सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे कभी भी अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सके.

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काश दोस्तों के साथ जिंदगी जी पाता
ब्रोनी वेयर ने बताया कि जब लोग अपने जीवन के अंतिम सप्ताह में होते हैं तब वे अपने दोस्तों को बहुत याद करते हैं और इस बात का पछतावा रहता है कि वे उनके साथ उतना समय नहीं बिता सके जितना होना चाहिए. लोग अपनी जिम्मेदारियों में इतना फंस गए कि उन्होंने अपनी सुनहरी दोस्ती खत्म कर दी. दोस्ती को वह समय और प्रयास नहीं देने के बारे में बहुत गहरा पछतावा था जिसके वे हकदार थे.

काश मैंने खुद को खुश रहने दिया होता
अपना अंतिम समय जी रहे लोगों में आश्चर्य रूप से यह बात सामने आई कि कई लोगों को यह एहसास ही नहीं हुआ कि खुशी एक विकल्प है. वे लोग रोजमर्रा के काम काज में ही व्यस्त रहे. उन्हें हमेशा दूसरों की ही चिंता सताती रही और इसी वजह से वे अपने आप में बदलाव नहीं कर सके. लोगों में इस बात का पछतावा था कि वह दुनिया को हमेशा यही दिखाते रहे कि वह संतुष्ट हैं.

काश मैंने इतनी मेहनत न की होती
ब्रोनी वेयर ने बताया कि अधिकांश पुरुषों में यह बात सामने आई कि उन्हें अंतिम समय में इस बात का पछतावा रहता है कि उन्होंने बहुत अधिक मेहनत की लेकिन वे न तो खुद को खुश रख पाए और न दूसरे सहमत रह पाए. उन्हें पछतावा रहता है कि काश वे खुद के लिए समय निकालते इतनी मेहनत न करते दूसरो के लिए.

Tags: Health, Lifestyle

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