दादी नानी के ये 5 घरेलू नुस्‍खे, बढ़ाएंगे आपकी सुंदरता

दादी नानी के जमाने में कील, मुंहासे और ब्लैक हैडस को दूर करने के लिए हल्‍दी का प्रयोग किया जाता था. Image Credit : Shutterstock

भारतीय परंपरा (Indian Traditional) में कई ऐसे सौंदर्य प्रसाधन के नुस्‍खे (Home Remedies) हैं जिसे जेनरेशन से महिलाएं स्किन केयर (Skincare) के लिए प्रयोग में लाती रही हैं. जानें क्‍या हैं वें.

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    Traditional Home Remedies For Skincare :सौंदर्य प्रसाधन महिलाओं के लिए कोई नई बात नहीं है. जेनरेशन से महिलाएं खूबसूरती (Beauty) बढ़ाने के लिए तरह तरह की चीजों का प्रयोग करती आई हैं. आज भले ही बाजार में दुनियाभर की कंपनियों ने तरह तरह के प्रोडक्‍ट लॉन्‍च कर दिए हों लेकिन भी जब बात स्किन और हेयर केयर की आती है तो आज भी दादी नानी के नुस्‍खे सबसे ज्‍यादा काम में आते हैं. दरअसल ये असरदार तो होते ही हैं, इनका कोई रिऐक्‍शन या साइड इफेक्‍ट नहीं होता. ये कैमिकल फ्री होते हैं और नेचुरल तरीके से हमारी त्‍वचा व बालों का ख्‍याल रखते हैं. तो आइए जानते हैं उन होम रेमेडीज़ (Home Remedies) के बारे में जो परंपरा से भारतीय महिलाओं (Indian Women) ने प्रयोग किया है और आज भी दुनिया इसकी कायल है.

    1. दूध का प्रयोग


    प्राचीन काल में नई दुल्‍हन की त्वचा को निखारने के लिए कच्चे दूध को प्रयोग किया जाता था. नई दुल्‍हन को कच्चे दूध में हल्दी मिलाकर उबटन तैयार किया जाता था और इससे दुल्‍हन को नहलाया जाता था. चेहरे पर कच्चे दूध की मालिश की जाती थी जिससे त्वचा के बंद रोम छिद्र खुल जाएं और नेचुरल तरीके से स्किन क्‍लीन और मॉश्‍चराइज्ड लगे. यह परंपरा आज भी अपनाई जाती है और ये आसानी से घर पर उपलब्‍ध भी होते हैं.





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    1. केसर का प्रयोग


    व्‍यंजनों का स्‍वाद बढ़ाने के साथ साथ केसर का प्रयोग सौंदर्य प्रसाधन के लिए भी किया जाता रहा है. दादी नानी के अनुसार केसर को दूध के साथ मिलाकर यदि चेहरे पर रोज लगाया जाए तो त्वचा में नेचुरल ग्‍लो आता है. यही नहीं, दूध और चंदन के साथ यदि केसर का प्रयोग करें तो टैनिंग को भी दूर किया जा सकता है. इसके अलावा पपीते में दूध, केसर और शहद मिलाकर अगर इसे चेहरे पर मालिश की जाए तो डेड स्किन आसानी से हट जाती हैं और बहुत ही अच्‍छी तरह से स्किन एक्‍सफोलिएट किया जा सकता है. वहीं, केसर को नींबू, शहद और बादाम के साथ प्रयोग करने पर स्किन टाइट होती है और एजिंग को कम किया जा सकता है.



    1. हल्दी का प्रयोग


    दादी नानी के जमाने में मुंहासे, कील और ब्लैक हैडस को ठीक करने के लिए हल्‍दी का प्रयोग किया जाता था. इसकी मदद से लोग अंडर आई प्रॉब्‍लम को भी दूर करते थे. यही नहीं, चंदन, दूध, मलाई और शहद के साथ हल्‍दी मिलाकर फेसपैक के रूप में इसे प्रयोग कर चेहरे की नैचुरल ग्‍लो को बढ़ाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता था.



    1. सरसों का प्रयोग


    बता दें कि सरसों पाउडर और सरसों का तेल दोनों ही स्किन के लिए अच्‍छा माना जाता रहा है. इसे उबटन के रूप में पहले जमाने में प्रयोग किया जाता था. इसके बने उबटन से स्किन पर मालिश कर टैनिंग दूर किया जा सकता है. पुराने जमाने में वैक्सीन के तौर पर भी इसका प्रयोग महिलाएं करती थी.

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    1. चंदन का प्रयोग


    चंदन का दूध और हल्‍दी के साथ प्रयोग बहुत ही प्रचलित तरीका रहा है. चंदन का लेप नेचुरल सेंट के रूप में तो इस्तेमाल किया जाता रहा है, यह पिंपल्‍स और स्किन पर होने वाले कील मुहासों को हटाने का भी एक पारंपरिक तरीका है. गर्मी के मौसम में चेहरे और हाथ पैर पर इसके नियमित लेप से स्किन को जलन और घमौरियों से भी छुटकारा मिलता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Pranaty tiwary
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