पहाड़ों को छोड़िए, रेगिस्तान में उठाइए मॉनसून का लुत्फ!

क्या दुनियाभर की खूबसूरती केवल पहाड़ों में बसी है? नहीं न, तो फिर आप मॉनसून का लुत्फ उठाने के लिए रेगिस्तान वाली जगहें क्यों नहीं ट्राई करते?

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 12:37 PM IST
पहाड़ों को छोड़िए, रेगिस्तान में उठाइए मॉनसून का लुत्फ!
क्या दुनियाभर की खूबसूरती केवल पहाड़ों में बसी है? नहीं न, तो फिर आप मॉनसून का लुत्फ उठाने के लिए रेगिस्तान वाली जगहें क्यों नहीं ट्राई करते?
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Updated: July 11, 2019, 12:37 PM IST

'आमतौर पर सूखे और जबरदस्त गर्मी से तप रहे रेगिस्तान में चटक हरियाली दिखने लगी. सूखे झाड़ों के बीच हरा रंग जीवंत हो गया. वह एक बिल्कुल ही अलग नजारा था. कोई अगर मुझसे रेगिस्तान वाले इलाकों में घूमने का सबसे सही समय पूछे तो मैं उसे मानसून में जाने की सलाह ही दूं.' कोरा पर एक सवाल का जवाब देते हुए एक शख्स ने लिखा.


गर्मी के मौसम में छुट्टियों का आनंद लेने के लिए ज्यादातर लोग पहाड़ों का रुख करते हैं. मानसून में भी उन्हें खूबसूरती केवल हिमाचल, उत्तराखंड की वादियों में ही नजर आता है, लेकिन क्या पहाड़ों पर बार बार जाकर आप बोर नहीं होते? क्या दुनियाभर की खूबसूरती केवल पहाड़ों में बसी है? नहीं न, तो फिर आप मानसून का लुत्फ उठाने के लिए रेगिस्तान वाली जगहें क्यों नहीं ट्राई करते? यकीन मानिए आपको बिल्कुल भी पछतावा नहीं होगा!



अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो राजस्थान यहां से ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में राजस्थान के ये तीन डेस्टिनेशन आपको अपनी विसिटिंग लिस्ट में शामिल कर लेना चाहिए.

जैसलमेर

राजस्थान का यह गोल्डन सिटी दिल्ली से करीब 480 किमी ही दूर है. थार रेगिस्तान के बीचो-बीच स्थित यह शहर पूरे साल विदेशी पर्यटकों से पटा रहता है. बीच रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते हुए आप एक बिल्कुल ही अलग अनुभव का एहसास कर सकते हैं.



घूमने लायक जगहें
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अमर सगर, लोडुर्व,जैसलमेर किला, कुलधारा,लोंगेवाला, सैम रेत टिब्बा, खाभा.

कैसे पहुंचे-

रेलवे, बस और फ्लाइट उपलब्ध हैं. दिल्ली से जहां जैसलमेर के लिए डायरेक्ट ट्रेन और बसें उपलब्ध है, वहीं फ्लाइट जोधपुर तक ही जाती है. जोधपुर पहुंचकर आपको और 300 किमी की दूरी तय करनी होगी.

बूंदी

मॉनसून के दौरान बूंदी का नजारा पूरी तरह से बदल जाता है. यहां का भीमताल झरना देखने कई लोग दूर-दूर से आते हैं. बूंदी का एक बड़ा हिस्सा जंगलों से घिरा है.कोटा से केवल 36 किमी की दूरी पर स्थित यह जगह शानदार किले, महलों और झीलों के लिए मशहूर है. बारिश में जब तारागढ़ फोर्ट से आप शहर और झील को देखेंगे तो देखते रह जाएंगे.

घूमने लायक जगहें-

तारागढ़ किला, सुख महल, चौरासी खंभों की चतरी, जैत सागर झील, फूल सागर, नवल सागर आदि मौजूद हैं

कैसे जाएं-

जयपुर, आगरा, देहरादून, वाराणसी जैसे शहरों के लिए जाने वाली ट्रेन इस स्टेशन से होकर गुजरती है. साथ ही कोटा, बीकानेर, जयपुर से बसें भी उपलब्ध हैं.

माउंट आबू-

रेगिस्तान में अरावली की पहाड़ियों में स्थित माउंट आबू देश का सबसे मशहूर और राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन है. यहां आने के लिए सबसे बेस्ट मौसम मॉनसून है. माउंट आबू के रास्तों में आपको चारो तरफ अरावली के खूबसूरत पहाड़ दिखेंगे.



घूमने के लिए जगहें-

नक्की झील, माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी, गुरु शिखर चोटी, टोड रॉक, अबू रोड का शहर, अचलगढ़ किला जैसी जगहें उपलब्ध है.

कैसे पहुंचे-


फ्लाइट आपको उदयपुर तक की मिल जाएगी, इसके बाद आप यहां से 185 किमी. की दूरी तय कर के पहुंच सकते हैं. इसके अलावा बस और ट्रेन की सर्विस डायरेक्ट है.
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