डॉक्टर कर रहे थे ब्रेन की सर्जरी, बच्ची खेल रही थी कैंडी क्रश

Prity Nagpal
Updated: September 13, 2017, 10:36 PM IST
डॉक्टर कर रहे थे ब्रेन की सर्जरी, बच्ची खेल रही थी कैंडी क्रश
डॉक्टरों का भी कहना है कि इतनी मुश्किल सर्जरी में बच्ची की हिम्मत ने उन्हें भी हिम्मत दी.
Prity Nagpal
Updated: September 13, 2017, 10:36 PM IST
बच्चों की दिलेरी कभी-कभी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देती है. दस साल की नंदिनी इसकी एक मिसाल है. मामूली सी सर्जरी के नाम पर जहां हम सभी को महीनों मेंटल प्रिपरेशन करनी पड़ती है, वहीं चेन्नंई की नंदिनी ब्रेन सर्जरी के दौरान मोबाइल पर गेम खेलती रही. डॉक्टरों का भी कहना है कि इतनी मुश्किल सर्जरी में बच्ची की हिम्मत ने उन्हें भी हिम्मत दी.

बच्ची का इतना सेंसिटिव ऑपरेशन करते हुए जब डॉक्टरों के पसीने निकल रहे थे, तब वो बड़े आराम से अपने अंकल के मोबाइल पर कैंडी क्रश गेम खेलते हुए ऑपरेशन करवा रही थी.

पांचवी क्लास में पढ़ने वाली नंदिनी स्वभाव से काफी खुशमिज़ाज है. उन्हें डांस का बहुत शौक है. परिवार में सबकी लाडली नंदनी की ये बीमारी पूरे परिवार के लिए गहरा सदमा थी. एक दिन चेकअप के दौरान पता चला कि मासूम के सिर में खतरनाक ट्यूमर हैं. डॉक्टर्स के अनुसार अगर वक्त रहते इसको नहीं निकाला जाता तो वह पैरालिसिस की चपेट में आ सकती थीं.

आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन में मरीज को बेहोश करके खास तरह के टूल की मदद से खोपड़ी की हड्डी को हटाया जाता है. लेकिन नंदिनी के डॉक्टर रूपेश को डर था कि उसकी बॉडी इस सर्जरी को कैसे रिस्पोंड करेगी. थोड़ी सी लापरवाही से आधा शरीर पैरालाइज्ड हो सकता है. इसलिए वे चाहते थे कि ऑपरेशन के समय नंदनी को होश में ही रखा जाए.

डॉक्टर्स ने बताया कि इस तरह की सर्जरी केवल दो प्रतिशत लोगों की होती है और बच्चों के केस में तो इसकी आंकड़े न के बराबर है. इतने खतरनाक ऑपरेशन करने के दौरान डॉक्टर्स घबराए हुए थे, वहीं नंदिनी बैखोफ थी. आखिर में इस छोटी बच्ची के हौंसले के आगे इतनी बड़ी बीमारी को भी घुटने टेकने पड़े. ऑपरेशन कामयाब रहा. नंदिनी अब खतरे से बाहर है और जल्द ही फिर से स्कूल भी जाएगी.
First published: September 13, 2017
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