आंखों में आंसू ले आएगा शहीद की पत्नी से ‘लेफ्टनेंट स्वाति महाडिक’ बनने का सफर

News18Hindi
Updated: September 12, 2017, 7:40 PM IST
आंखों में आंसू ले आएगा शहीद की पत्नी से ‘लेफ्टनेंट स्वाति महाडिक’ बनने का सफर
समारोह में स्वाति को लेफटनेंट की रैंक दी गई
News18Hindi
Updated: September 12, 2017, 7:40 PM IST
हमसफ़र का साथ छूटना एक ऐसा ग़म है, जो बयां नहीं किया जा सकता. पर कहते हैं न, रब मुश्किल इम्तेहान उन्हीं बंदों के लेता है, जो उसमें जीत सकते हैं. ज़िंदगी की बेहद मुश्किल जंग में जीतने वालों में एक नया नाम और जुड़ गया महाराष्ट्र के सतारा में रहने वाली स्वाति महाडिक का.

स्वाति महाडिक के पति कर्नल संतोष महाडिक देश की सेवा करते हुए शहीद हुए. इसके बाद शुरू हुआ स्वाति का नया सफ़र. वो सफ़र जिसमें स्वाति शहीद की पत्नी से लेफ्टिनेंट स्वाति बनीं.

पति की शहादत से स्वाति गहरे सदमे में आ गई थीं. उन पर तकलीफों का पहाड़ टूट पड़ा था. एक ओर पति के चले जाने का गम था, दूसरी ओर दो बच्चों के साथ सास की देखभाल की जिम्मेदारी. बावजूद इसके वे टूटी नहीं.

परिवार और वरिष्ठ सेना अधिकारियों के साथ लेफ्टनेंट स्वाति महाडिग


लेफ्टिनेंट स्वाति महाडिक ने बताया कि कर्नल संतोष ने अपना पूरा जीवन देश के नाम करने के सपने के साथ अपने प्राणों की आहुति दे दी. वे उनके इस सपने को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थीं, लेकिन बच्चों के बारे में सोचकर मां का दिल पसीज रहा था. पिता का साया तो बच्चों के सिर से उठ ही चुका था, अब मां ही उनका सहारा थी. लेफ्टिनेंट स्वाति दोराहे पर खड़ी थीं. आखिरकार लेफ्टिनेंट स्वाति महाडिक ने सेना में भर्ती होने का फैसला लिया.

स्वाति महाडिक हाल ही में लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय सेना में शामिल हुई हैं. चेन्नई में अपनी परेड पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट महाडिक की आंखें भीगी हुई थीं. उनके साथ मौजूद परिवार और वरिष्ठ सेना अधिकारियों ने उन्हें सांत्वना देकर उनकी हौसलाअफजाई की.

इस समारोह के दौरान उनका पूरा परिवार साथ मौजूद था.

41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल महाडिक नवंबर, 2015 में जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास हाजी नाका क्षेत्र के जंगल में आतंकवादियों के साथ हुई गोलीबारी में शहीद हो गए थे. अपना बलिदान देकर पैराट्रपर और कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइवर कर्नल संतोष महाडिक ने कई जिंदगियां बचाईं. मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार ने शौर्य चक्र दिया.
First published: September 12, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर