कोलकाता की सेक्स वर्कर संभालेंगी मां दुर्गा का पूजा पंडाल, पकाएंगी ज़ायकेदार खाना

News18Hindi
Updated: September 13, 2017, 6:18 PM IST
कोलकाता की सेक्स वर्कर संभालेंगी मां दुर्गा का पूजा पंडाल, पकाएंगी ज़ायकेदार खाना
दुर्गा पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Updated: September 13, 2017, 6:18 PM IST
एशिया के सबसे बड़े रेड-लाइट एरिया की सेक्स-वर्कर अब  खाने के स्वाद से लोगों का दिल जीतने की तैयारी में हैं. ये सेक्स-वर्कर कोलकाता और बैंगलोर के दुर्गा पूजा पंडाल में खाने के पैविलियन संभालेंगी. पश्चिम बंगाल मत्स्यपालन विभाग (डीएमएससी) ने इसके लिए राजी हो चुके वर्करों की ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है. ट्रेनिंग के बाद लगभग 30 सेक्स वर्करों को शेफ कैप मिलेगा.

पूजा पंडाल की आम्रपालियां
बदनाम गलियों से निकलकर अपने हाथों के स्वाद की खुशबू बिखेरने के लिए सैकड़ों आम्रपालियां प्रशिक्षण ले रही हैं. कोलकाता का लाल-बत्ती इलाका सोनागाछी, जहां का नाम भी नजरें चुराते हुए लिया जाता है, वहां की सेक्स वर्कर अब मां दुर्गा के पंडाल में खाने का इंतजाम देखने की ट्रेनिंग ले रही हैं. इन महिलाओं के बच्चे भी अगर चाहें तो उनके साथ काम में हाथ बंटा सकते हैं ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें.

इन्होंने उठाया कदम

दरबार महिला समन्वय समिति नाम से एक संस्था सेक्स वर्करों को मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रही है. इसी संस्था ने डीएमएससी के साथ मिलकर ये कदम उठाया है. ट्रेनिंग ठीक तरह से पूरी करने के बाद सेक्स वर्कर कोलकाता के 8 और बैंगलोर के 2 पूजा पंडालों में खानपान की व्यवस्था संभालेंगी. पूजा के बाद भी अगर ये महिलाएं चाहें तो शेफ का काम जारी रख सकती हैं. इसके लिए उन्हें डीएमएससी से हर महीने बाकायदा सैलेरी भी मिलेगी.

ऐसे हुईं शॉर्टलिस्ट
लगभग 1 लाख 30 हजार से ज्यादा सेक्स वर्कर समन्वय समिति से जुड़ी हुई हैं. इनके सामने कुकिंग और खाने के पैविलियन संभालने का प्रस्ताव रखा गया तो बहुत सी महिलाओं ने दिलचस्पी जताई. समिति के लिए इन्हें शॉर्टलिस्ट करना मुश्किल काम था. बाद में बहुत सोच-समझकर बढ़ती उम्र वाली सेक्स वर्करों को तरजीह दी गई.

पकाएंगी खाना और मछली
डीएमएससी की प्रोसेसिंग यूनिट में लगातार फिश प्रोसेसिंग की जरूरत पड़ती रहती है. यहां पर सेक्स वर्करों को जिंदा मछलियां संभालने से लेकर मछलियां काटने, उन्हें पकाने और पैक करने तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही साथ तरह-तरह का खाना पकाना भी सिखाया जाएगा. ट्रेनिंग के दौरान भी इन्हें भत्ता दिया जाएगा.
First published: September 13, 2017
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