बच्चा पालने के लिए मां ने छोड़ी क्लास, प्रोफेसर ने कहा- तुम पढ़ो उसे मैं संभाल लूंगी

News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 10:12 AM IST
बच्चा पालने के लिए मां ने छोड़ी क्लास, प्रोफेसर ने कहा- तुम पढ़ो उसे मैं संभाल लूंगी
सिंगल मदर पढ़ाई और काम के साथ संभाल रही बेटी को (image: twitter)
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Updated: September 17, 2017, 10:12 AM IST
अक्सर बच्चे के आने पर अच्छा-खासा करियर छोड़कर मां को घर बैठना पड़ जाता है. ऐसे में मां बनने के बाद पढ़ाई करना तो दूर की बात है. मांओं की इन्हीं कुर्बानियों के इर्द-गिर्द ढेरों कहानियां बिखरी हुई हैं. लेकिन हम आपके लिए लेकर आए हैं एक एकदम अलग कहानी. इसमें एक मां, जो कि सिंगल पेरेंट है, कॉलेज जाकर पढ़ाई कर रही है- क्योंकि किसी ने उससे कहा तुम पढ़ो, बच्चे की देखभाल हम कर लेंगे.

सपनों सी खूबसूरत ये कहानी है अमेरिका के एक राज्य टेनिसी की. मॉर्गन किंग यूनिवर्सिटी ऑफ टेनिसी में पढ़ रही हैं. पढ़ाई के साथ-साथ वे काम भी करती हैं ताकि अपनी तीन महीने की बेटी कॉरबिन की अच्छी परवरिश कर सकें. वे सिंगल मदर हैं. हर दिन यूनिवर्सिटी के बाद या शिफ्ट के अनुसार काम करना और घर लौटकर बेटी को संभालना कोई आसान काम नहीं. लेकिन वे खुशी-खुशी ये कर रही हैं ताकि कॉरबिन को एक अच्छी जिंदगी मिल सके.

प्रेगनेंसी के दौरान उन्होंने अपनी बेटी के लिए डायरी लिखी. इसमें उसे किसी और के पास छोड़कर हर दिन काफी वक्त बाहर बिताने के सारे कारण लिखे. उन्होंने लिखा- काम के साथ पढ़ाई कोई आसान काम नहीं. मैं सिंगल मदर होने जा रही हूं. ये मुश्किल तो होगा लेकिन जब तक तुम मेरे साथ हो, मैं सब कर सकती हूं. जब तुम बड़ी होगी, समझ सकोगी कि मैं ये सब हमारे लिए कर रही हूं. मुझे यकीन है कि तब तुम मुझपर गर्व करोगी. कॉरबिन, मेरी जान, ये काम तुम्हारे लिए है, हमारे लिए है, हमारे भविष्य के लिए है. आने वाला वक्त हमारे लिए रोलर कोस्टर की तरह होगा, तेजी से ऊपर-नीचे आता-जाता. मैंने अपने आपको तैयार कर लिया है क्योंकि मैं जानती हूं कि आखिर में सबकुछ सुंदर होगा.

बेटी के आने के बाद मॉर्गन घर पर बेटी के लिए दिनभर की तैयारियां कर यूनिवर्सिटी जातीं. वहां से काम पर जातीं और देर शाम घर लौटतीं. इसके बाद का वक्त उनका और बेटी का होता. मॉर्गन थक जातीं लेकिन उम्मीदें उनके भीतर ऊर्जा भर रही थीं.

मॉर्गन की दौड़भाग वाली लेकिन उम्मीदों से भरी जिंदगी में यू-टर्न आया जब उन्होंने पाया कि बेबी-सिटिंग के लिए उनके पास कोई नहीं. मॉर्गन ने बच्ची की देखभाल के लिए किसी को रखा हुआ था, जिसे वे पैसे देती थीं. वो शहर से बाहर चला गया. बेटी की देखभाल के लिए कोई भरोसेमंद इंसान नहीं मिल सका तो मॉर्गन कॉलेज की क्लासेज छोड़ने लगीं.

प्रोफेसर के पूछने पर उन्होंने बताया कि बेटी को संभालने के लिए घर पर कोई नहीं है इसलिए वे अभी कॉलेज नहीं आ सकतीं. इसपर उनकी प्रोफेसर ने जो मेल किया, वो लोगों के दिलों से होते हुए सोशल मीडिया पर छा गया.



प्रोफेसर का ई-मेल:

मॉर्गन,

हम लोग सोच रहे थे कि आज सुबह तुम कॉलेज क्यों नहीं आई पता चला कि तुम बेटी के कारण कॉलेज नहीं आ सकी. अगर आगे कभी तुम्हें कॉरबिन को संभालने के लिए कोई न मिले तो तुम उसे लेकर क्लास आ जाना. मुझे बेहद खुशी होगी अगर मैं उसे संभालते हुए क्लास ले सकूं. तुम अपनी क्लास पर फोकस कर सकती हो, नोट्स ले सकती हो. मैं चाइल्ड और फैमिली डिपार्टमेंट में काम कर रही हूं, और ये कितना अजीब है कि मुझे किसी बच्चे का क्लास में आना पसंद न आए. मैं इस बारे में एकदम गंभीर हूं- अगली बार तुम उसे लेकर क्लास बेझिझक क्लास आ जाओ.

सैली बी हंटर, क्लिनिकल अस्टिटेंट प्रोफेसर
यूनिवर्सिटी ऑफ टेनिसी

प्रोफेसर का ई-मेल और इसके साथ सिंगल मदर बतौर मॉर्गन का संघर्ष सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.  लोगों का कहना है कि सिंगल पेरेंट्स को ऐसी मदद मिले, तो परवरिश कितनी आसान हो जाएगी.

ये अकेला उदाहरण नहीं. टेक्सास यूनिवर्सिटी में पढ़ रही एशटन रॉबिन्सन को भी अपने बेटे की देखभाल के लिए क्लास छोड़नी पड़ रही थी तो उनके प्रोफेसर हैनरी मुसोमा ने कहा कि तुम पढ़ो, मैं बच्चा संभाल लूंगा. ऐसा ही हुआ. एशटन पढ़ती रहीं और हैनरी बच्चे को गोद में लेकर पढ़ाते रहे.
First published: September 17, 2017
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