vidhan sabha election 2017

62 साल के लक्ष्मण चाय बनाते हैं और लिख चुके 24 किताबें


Updated: December 8, 2017, 9:47 AM IST
62 साल के लक्ष्मण चाय बनाते हैं और लिख चुके 24 किताबें
लक्ष्मण राव जहां चाय बनाते हैं, वहीं किताबें भी बेचते हैं.

Updated: December 8, 2017, 9:47 AM IST
सपना किसी हालात का मोहताज नहीं है. उसे पूरा करने के लिए चाहिए तो बस तल्लीनता. लेखक बनना उनका सपना था लेकिन पेट पालने के लिए चाय बेचना उनकी मजबूरी. हम बात कर रहे हैं दिल्ली के हिन्दी भवन के बाहर बैठने वाले लक्ष्मण राव की. 62 साल के लक्ष्मण चाय की टपरी लगाते हैं, साथ ही किताबें भी लिखते हैं.

महाराष्ट्र में पैदा हुए लक्ष्मण, पिछले 40 सालों से साहित्य के लिए समर्पित हैं. उनका कहना है कि साहित्य मेरा प्रेम है और चाय की टपरी मेरी जीविका का सहारा. इसलिए दोनों साथ ही चलते हैं.  वो जहां चाय बेचते हैं, वहीं पर आप उनकी किताबें खरीद सकते हैं.

लक्ष्मण 24 किताबें लिख चुके हैं, जिसमें से 12 किताबें पब्लिश की जा चुकी हैं. उनकी लिखी गई 6 किताबों का प्रकाशन दो बार हो चुका है. उनकी 5 किताबें जल्द ही बाजार में मिलने लगेंगी. लक्ष्मण राव की किताबें ऑनलाइन भी मिलती हैं. साथ ही बुक फेयर में ये उपलब्ध रहती हैं.

पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी लक्ष्मण राव को सम्मानित कर चुकी हैं.

उनकी लिखी पहली कहानी उनके गांव का ही एक किस्सा थी. एक लड़का नदी में नहाने गया और फिर लापता हो गया. इसी घटना उन्हें  लिखने के लिए प्रेरित किया. ये कहानी बाद में किताब में तब्दील हो गई.

किताबों की दुनिया में अपने तजुर्बे के बारे में बताते हुए लक्ष्मण कहते हैं “जब मैं अपनी पहली  किताब लेकर पब्लिशर के पास गया तो मुझे मना कर दिया गया. कहा गया कि लिखने की कला तो मुझमें है लेकिन मुझे गहन अध्ययन की ज़रूरत है. फिर मैंने पढ़ना शुरू किया. रोजाना घंटों पढ़ते हैं, कई साहित्यकारों की लेखनी मेरे लिए प्रेरणा बनी. गुलशन नंदा मेरे पसंदीदा लेखक हैं. उनसे बहुत कुछ सीखा है, उन्हें गुरू मानता हूं. साहित्य को लेकर मेरा गंभीरता बढ़ती चला गई.  फिर हिन्दी साहित्य में एम ए की पढ़ाई के लिए जुट गया.”

लक्ष्मण दुनिया का खबरों का भी ब्यौरा लेते हैं. लक्ष्मण राव रोजाना कम से कम 5 अखबार पढ़ते हैं. वे पिछले कई सालों से संडे के दिन दरियागंज जाकर किताबें खरीदकर लाते हैं. इसके अलावा उन्हें कई किताबें सरकारी कार्यालयों से भी मिली हैं.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर