18 मुल्कों की सैर कर चुके 'चायवाले' जोड़े का ख़्वाब है पूरी दुनिया घूमना

News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 9:43 AM IST
18 मुल्कों की सैर कर चुके 'चायवाले' जोड़े का ख़्वाब है पूरी दुनिया घूमना
चाय बेचकर दुनिया की सैर करता है ये जोड़ा (image: Facebook)
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Updated: September 17, 2017, 9:43 AM IST
वे चाय बेचते हैं और दुनिया की सैर करते हैं. अब तक दुनिया के 18 देशों का वीज़ा इस जोड़े के पासपोर्ट पर आ चुका है. अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि हम देश के प्रधानमंत्री की बात नहीं कर रहे. ये कहानी है विजयन और मोहाना की. केरल के कोच्चि का जोड़ा ‘अराउंड-द-वर्ल्ड’ सिर्फ अपनी छोटी सी चाय की दुकान और जागती आंखों से देखे सपनों का भरोसा करता है.



लोगों को चाय पिलाते हैं
किसी आम दिन में मिलने पर कोई यकीन भी न कर सकेगा कि पति-पत्नी दुनिया की सैर करते रहते हैं. वे अपनी चाय की छोटी सी टपरी में चाय बनाते और लोगों को पिलाते हैं. किसी से कोई अतिरिक्त बातचीत नहीं, ताकि कम से कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो सके. चाय की दुकान की सीमित कमाई भी उन्हें घूमने से नहीं रोक पाती है. एक ओर जहां एक से दूसरे राज्य में जाने से पहले हम कई बार सोचते हैं, वहीं विजयन-मोहाना का किस्सा किसी परीकथा से कम नहीं.

रोज जमा करते हैं पैसे
इस शौक के पैशन में बदलने की शुरुआत हुई विजयन के बचपन से. वे अपने पिता के साथ केरल के मंदिरों में घूमने के लिए जाया करते थे. यहीं से उन्हें घूमने का मर्ज लगा. वे हमेशा घूमते रहना चाहते थे पिता की मौत के बाद वे कुछ वक्त के लिए थम से गए. जो पिता उनके लिए ट्रैवल गुरू की तरह थे, उनका साथ छूट जाना विजयन को अपने सपनों से दूर ले गया लेकिन पत्नी मोहाना के साथ ने उनकी उम्मीदों को दोबारा जिंदा कर दिया. वे हर दिन लगभग 300 रुपए बचाने की कोशिश करती हैं. ये पैसे उनके अगले पड़ाव यानी किसी नए देश की सैर के लिए होते हैं.



उम्र भी नहीं है रोड़ा
विजयन अब 65 के हैं, जबकि मोहाला की उम्र 64 साल है. ये ऐसी उम्र है, जिसमें आम लोग घुटनों, जोड़ों के दर्द, एसिडिटी की शिकायत करते और घर पर समय बिताना चाहते हैं. वहीं विजयन- मोहाना एकदम अलग मौसम, भाषा और खानपान को एक्सप्लोर कर रहे हैं. इसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं, बल्कि खुशी ही होती है. वैसे भी कहा जाता है न कि समझने के लिए भाषा नहीं, आंखें और इरादे होने चाहिए. उनकी चाय की दुकान में तीन अलग-अलग देशों भारत, पेरिस और सिंगापुर का वक्त बताती घड़ियां लगी हुई हैं.

अलग पसंद जोड़े रखती है
विजयन का मानना है कि ऐसी जिंदगी के क्या माने, जिसमें आप अपने सपने किसी के साथ न बांटें. वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उनकी पत्नी भी उनके साथ सपनों को जी रही हैं. मोहाना को स्विटजरलैंड पसंद है तो विजयन को नील नदी दोबारा देखने की इच्छा है. हालांकि ऐसा नहीं है कि अपनी-अपनी पसंद की जगहों पर वे दोबारा अकेले चले जाएंगे. वे हम ट्रैवल साथ ही करते हैं और एक साथ ही एक-दूसरी की पसंदीदा जगह को भी देखना चाहते हैं.



एक साल लोन लेकर, तीन साल लोन चुकाते हैं
दुनियाभर की यात्रा के लिए पैसे सिर्फ चाय की दुकान से तो नहीं आ पाते हैं. इसके लिए वे लोन लेते हैं. घूमकर आने के बाद के तीन साल लोन चुकाते हैं और फिर लोन लेकर निकल पड़ते हैं यात्रा पर. यात्रा के दौरान भी महंगे होटल में रुकने की बजाए किसी ऐसी जगह को तरजीह देते हैं, जहां कम पैसों में रात निकल जाए. अब बाहर गए हैं तो निशानी तो लेनी होगी. हर जगह के लिए वे लगभग 10 डॉलर यानी लगभग 700 रुपए तक तय करते हैं और उतना ही खर्च करते हैं.

उम्र बढ़ने के साथ इस जोड़े को घूमने के लिए लोन मिलने में दिक्कत होने लगी है लेकिन इससे उनके इरादों पर कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने दुनिया का नक्शा घर पर लगा रखा है. इसमें वे सारी जगहें मार्क की गई हैं, जहां वे जाना चाहते हैं. उम्र बढ़ रही है और उम्र के साथ इरादों की मजबूती भी. कुछ सपने देखने के लिए नहीं, सिर्फ जी लेने के लिए होते हैं. विजयन- मोहाना का सपना भी इससे कुछ अलग नहीं.
First published: September 17, 2017
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