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पुरानी दिल्ली के मालीवाड़े में मशहूर है ये 'पकौड़े वाला', खास मसालों से तैयार पकौड़ों को ज़रूर करें टेस्ट

इस दुकान का संचालन 90 सालों से किया जा रहा है. यहां कई वैराइटीज़ के पकौड़े मिलते हैं.

इस दुकान का संचालन 90 सालों से किया जा रहा है. यहां कई वैराइटीज़ के पकौड़े मिलते हैं.

Food Joints of Delhi: इस दुकान पर 90 साल से पकौड़े बेंचे जा रहे हैं. यहां कई वैराइटीज के पकौड़े मिलते हैं. हालांकि सबसे ज्यादा डिमांड मिक्स पकौड़ों की रहती है.

  • News18Hindi
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    (डॉ. रामेश्वर दयाल)

    Food Joints of Delhi: पुरानी दिल्ली (Old Delhi) के आप हिंदू बहुल इलाके में घूमें या मुस्लिम बहुल इलाके का दौरा करें. एक बात आपको साफ दिखेगी कि सड़कों, बाजारों और गलियों में बेहिसाब खाने-पीने की दुकाने और ठिए मिलेंगे और वहां खाने वाले भी खूब नजर आएंगे. एक बार हमने यहां का सर्वे किया तो पाया कि अमूमन हर 20 कदम पर आपको यहां कोई न कोई खाने का ठिया जरूर दिख जाएगा.
    आज फिर हम आपको पुरानी दिल्ली लिए चलते हैं. आज हम चांदनी चौक इलाके का दौरा करेंगे और वहां बहुत ही लजीज पकौड़ें खिलवाएंगे. इस पकौड़े वाले के ठिए पर बहुत तामझाम नहीं है, लेकिन पकौड़ों की क्वॉलिटी, सालों पुरानी दुकान ही उसकी विश्वसनीयता और स्वाद है. आप जब भी इसके ठिए पर जाएंगे, वहां आपको पकौड़े खाते या पैक करवाते हुए लोग दिख जाएंगे.

    इस पतली सड़क पर भरे पड़े हैं खाने-पीने वाले

    चांदनी चौक के दरीबा कलां बाजार में प्रवेश करेंगे तो दायीं ओर एक सड़क किनारी बाजार की ओर मुड़ती है. यह पतली सड़क मालीवाड़ा से होती हुई नई सड़क से मिलती है. करीब 400 मीटर लंबी इस सड़क पर पुरानी दिल्ली के कई मशहूर खाने के ठिए और दुकानें हैं. जानी-मानी गली पराठे वाली का रास्ता भी यहीं से है तो नामी खूर्चन वाला, बेड़मी पूरी-सब्जी से लेकर कचौड़ी वाले इसी पतली सड़क पर मौजूद हैं.

    पुरानी दिल्ली की नामी परचून/किराने की दुकान भी इस बाजार में है. कह सकते हैं कि यह किनारी बाजार गोटे-जरी वाला कम खाना-खजाना वाला ज्यादा नजर आता है. यहीं पर ही गली मालीवाड़े के पास पकौड़े वाले की दुकान है. सालों पहले तक इस मशहूर दुकान का कोई नाम नहीं था. इलाके में इसे मालीवाड़े के पकौड़े वाले के नाम से जाना जाता था. चूंकि अब इसे राजेश बेच रहे हैं, इसलिए इस ठिए को उनके नाम से जाना जाता है.

    कई प्रकार के हैं पकौड़े

    इस दुकान पर पकौड़ों की खासी वैरायटी है, जो मुंह में पानी लाने के लिए ही काफी है. चने की दाल का कलमी पकौड़ा तो नाम कमा ही रहा है. इसके अलावा मूंग की दाल के पकौड़े, पालक, आलू, गोभी के साथ साथ पनीर के पकौड़े भी आपकी जुबान और दिल ललचाते हुए नजर आ जाएंगे. इन सभी पकौड़ों को तैयार करने से पहले उन पर खास चटपटा मसाला, नमक आदि डाला जाता है. इन सभी पकौड़ों को पहले बेसन में लपेटकर एक बार रिफाइंड तेल में हल्का तलकर परात में भर दिया जाता है. उसके बाद लोग जिसे चाहे, उस पकौड़े को खाने के लिए ले सकते हैं.

    मिक्स पकौड़े लेना चाहे तो वह 25 रुपये में 100 ग्राम मिल जाएंगे और पनीर के पकौड़े चाहिए तो 30 रुपये में हाजिर है. आपकी पसंद के पकौड़ों को एक बार फिर से गरम तेल में पकाया जाता है. फिर उन्हें दोने में डाला जाता है. इन पकौड़ों के ऊपर खास तरह का चाट मसाला और चटपटी हरी चटनी डालकर दिया जाता है. अलग-अलग किस्म और स्वाद से भरे यह गरम-गरम चटपटे पकौड़े आपकी जुबान के अलावा मन को भी तृप्त कर देते हैं.

    मिक्स पकौड़े यहां 25 रुपये में 100 ग्राम मिल जाएंगे.

    90 साल से बेचे जा रहे हैं पकौड़े

    पकौड़ों के अलावा इस ठिए पर आलू ब्रेड पकौड़ा, पनीर ब्रेड पकौड़ा, कचौड़ी व समोसा भी मिल जाएगा, जिनकी कीमत 10 रुपये लेकर 30 रुपये तक है. लेकिन लोगों का मन इस दुकान के पकौड़ों में ही रमता है. यह अलग बात है कि जब लोग वहां पहुंचे तो ब्रेड पकौड़े या समोसे तले जा रहे हों तो उसको खा लिया जाए. लेकिन गरम पकौड़ों का कोई जवाब नहीं है. लोग मानते हैं कि इस दुकान के पकौड़ों का स्वाद दूसरों से अलग है और हाजमेदार भी.

    यहां आलू ब्रेड पकौड़ा, पनीर ब्रेड पकौड़ा, कचौड़ी व समोसा भी मिलता है.

    इस दुकान को आजकल राजेश राठौड़ चला रहे हैं. उनका कहना है कि उनके पूर्वजों ने करीब 90 साल पहले इस ठिए में पकौड़े बेचने शुरू किए. तब से हमारा खानदान पकौड़े ही बेच रहा है. वह बताते हैं कि हमारा खास मसाला, शुद्ध बेसन व तेल हमारे पकौड़ों को जायकेदार बनाते हैं. यह सारा सामान पुरानी दिल्ली के नामी किराने वालों से खरीदा जाता है. मसालों को खुद ही पीसा जाता है. इस दुकान पर सुबह 10 बजे से पकौड़े मिलने शुरू हो जाते हैं और रात 8 बजे तक भी उनकी तलाई जारी
    रहती है. रविवार को इस दुकान पर अवकाश रहता है.

    नजदीकी मेट्रो स्टेशन: लाल किला

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