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तिल या मस्से से जुड़ी स्किन कैंसर की ABCDE को समझिए, खुद ऐसे चेक करें

तिल या मस्से से जुड़ी स्किन कैंसर की ABCDE को समझिए, खुद ऐसे चेक करें

शरीर पर उभरे तिल या मस्सों की इस तरह जांच की जा सकती है. pixabay

शरीर पर उभरे तिल या मस्सों की इस तरह जांच की जा सकती है. pixabay

ABCDE of Skin Cancer : स्किन कैंसर होने पर शरीर पर कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. स्किन पर तिल और मस्सों के मामले में आप एक सिंपल एबीसीडीई (ABCDE) नियम के जरिए इस पर ध्यान दे सकते हैं

    ABCDE of Skin Cancer :  त्वचा की कोशिकाएं (Cells) जब आसामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं तो उसे स्किन कैंसर (Skin Cancer) या त्वचा का कैंसर कहते हैं. अगर अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचा जाए तो त्वचा के कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है. यूके की वेबसाइट ‘डेली मिरर‘ के मुताबिक स्किन कैंसर होने पर शरीर पर कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. स्किन पर तिल और मस्सों के मामले में ट्रांसफोर्म हॉस्पिटल ग्रुप के प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ ब्रेन सिमंस (Dr Brain Simons) ने सलाह दी है कि आप एक सिंपल एबीसीडीई (ABCDE) नियम के जरिए इस पर ध्यान दे सकते हैं. उनका कहना है कि ये पहचानना मुश्किल हो सकता है कि आपकी त्वचा पर निशान और तिल नए हैं, या यदि वे बदल गए हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जो देखने में कठिन हैं, जैसे कि गर्दन और पीठ के एरिया में.

    वो कहते हैं कि महिलाओं में पैर सबसे ज्यादा इफैक्टेड एरिया होता है. वहीं पुरुषों में पीठ में इन्हें पहचानना मुश्किल होता है. इस न्यूज रिपोर्ट में डॉ सिमंस के सुझाए कुछ सिंपल स्टेप्स के जरिए आपको घर में ही ये पहचानने में मदद मिल सकती है कि कहीं कोई तिल या मस्सा चिंता का कारण तो नहीं है? इन स्टेप्स के अनुसार एबीसीडीई (ABCDE) नियम का उपयोग करके शरीर के सभी अंगों की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए. आप भी जानिए क्या है ये एबीसीडीई का नियम.

    विषमता (Asymmetry)
    गैर-कैंसर वाले तिल आमतौर पर एक समान और आकार में सममित (symmetry) होते हैं, जबकि मेलेनोमा (melanoma) यानी कैंसर के मस्से या तिल में आकार अक्सर विषम/असममिति (Asymmetry) होता है.

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    सीमा/किनारा (Border)
    मेलेनोमा (Melanoma) में तिल या मस्से की अक्सर जो सीमाएं होती हैं, जो अच्छी तरह से परिभाषित नहीं होती हैं या आकार में अनियमित होती हैं, जबकि गैर-कैंसर वाले तिल या मस्सों में आमतौर पर चिकने, अच्छी तरह से परिभाषित किनारे होते हैं. मतलब उनकी सीमाएं निर्धारित होती है.

    रंग (Color)
    जब शरीर पर कोई जख्म या घाव होता है तो अक्सर स्किन में एक से अधिक रंग या छाया दिखाई देती हैं. यह असमान हो सकता है. स्किन कैंसर के मस्से या तिलों को काले, भूरे, लाल और गुलाबी रंग के विभिन्न रंगों को देखा जा सकता है. अपने शरीर पर उन तिलों की भी तलाश करें जो दूसरों की तुलना में गहरे रंग के हों, वहीं जो तिल सौम्य होते हैं वे आम तौर पर एक रंग के होते हैं.

    व्यास (Diameter)
    मेलेनोमा (कैंसर के मस्से या तिल) की वृद्धि अक्सर 6 एमएम व्यास से बड़ी होती है, जो मोटे तौर पर एक स्टैंडर्ड पेंसिल के व्यास के समान होती है.

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    फैलाव/विकास (Evolution)
    यदि कोई तिल या मस्सा अपने रंग, साइज और व्यास को बदलता रहता है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए .क्योंकि सामान्य तिल या मस्से की तुलना में मेलेनोमा समय के साथ बदलता रहता है.

    किन लोगों को रहना है ज्यादा सतर्क
    स्किन कैंसर को लेकर उन लोगों को अधिक ध्यान देने की जरूरत है जिनकी स्किन पर ज्यादा तिल या मस्से हैं, जिनके परिवार में मेलानोमा या स्किन कैंसर किसी को रहा हो. या फिर जिनकी स्किन पीली हो जो कि धूप में आसानी से जल जाती है. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने सीधे सूर्य के प्रकाश में लंबा समय बिताया है, या जिनके लाल या सुनहरे बाल हैं, या फिर जिन्होंने अभी या पूर्व में सनबेड (Sunbeds) का यूज किया हो.

    Tags: Health, Health News, Skin care

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