Home /News /lifestyle /

Lockdown: लॉकडाउन में युवा पीढ़ी में डालें संस्कारों की नींव, जीवन होगा पॉजिटिव

Lockdown: लॉकडाउन में युवा पीढ़ी में डालें संस्कारों की नींव, जीवन होगा पॉजिटिव


लॉकडाउन में बच्चों को रामायण, महाभारत जैसी किताबों की कहानियां सुनाएं

लॉकडाउन में बच्चों को रामायण, महाभारत जैसी किताबों की कहानियां सुनाएं

लॉकडाउन (Lockdown): इस समय को आप अपनी फैमिली के साथ बिताकर इसे सुनहरे पल बना सकते हैं...

    लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से कई परिवार उहापोह (Lockdown Panic) में हैं. ज़्यादातर लोगों में घर पर लगातार बने रहना खीज पैदा कर रहा है. लेकिन इस लॉकडाउन पीरियड का एक सकारात्मक पक्ष भी है. इस समय को आप अपने परिवार को दे सकते हैं. सोचिए जरा ऑफिस से आने के बाद आप अपने बच्चों को या युवा होती पीढ़ी को जिन्हें आपकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, कितना वक्त दे पाते हैं. इस लॉकडाउन को एक सुनहरे मौके की तरह लें और अपनों के साथ वक्त बिताएं और उन्हें नैतिक मूल्यों, जीवन में सकारात्मक आदर्शों के बारे में समझाएं...

    सदाचार से संबंधित किताबें दें:
    बढ़ते बच्चों को सही मार्गदर्शन के लिए जीवन और परंपराओं (जैसे रामायण) से जुड़ी बेसिक ज्ञान वाली किताबें पढ़ने को दें ताकि उन्हें अपने समाज, आदर्शों का भान हो. ऐसी किताब पढ़ने के बाद जब बच्चा आपसे कोई सवाल पूछे तो उसका जवाब भी दें और साथ ही उससे यह भी पूछें कि इस किताब या कहानी से उसे क्या सीख मिली.

    जीवन के प्रति सकारात्मक बनाएं:
    बच्चे बेहद संवेदनशील होती है. ऐसे में बालपन में ही उनके मन में छोटे-छोटे संस्कार जैसे चिड़िया को दाना डालना, ईश्वर को धन्यवाद देना, पौधे लगाना, बड़ों का आदर करना डालें. इससे आगे जाकर वो जीवन में सकारात्मक और दयालु होना सीख पाएंगे.

    नैतिकता सिखाएं:
    घर के बड़े-बुजुर्ग बच्चों को नैतिकता की सीख दे सकते हैं. बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनाएं, प्रेरणादायक प्रसंग सुनाएं, आप अपने घर या परिवार की भी कोई रोचक और प्रेरणादायक दास्तान बच्चों से साझा कर सकते हैं. इससे बच्चों के मन में हमेशा सही राह पर चलने की बात बनी रहेगी.

    Tags: Corona Days, Family members, Lifestyle

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर