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बैक्टीरिया का खात्मा करेगा वायरस, संक्रमण से लड़ने के लिए मिलेगी नई टूलकिट - स्टडी

बैक्टीरिया का खात्मा करेगा वायरस, संक्रमण से लड़ने के लिए मिलेगी नई टूलकिट - स्टडी

स्टडी के अनुसार आने वाले दिनों में अच्छे वायरस रोगजनक बैक्टीरिया को खत्म करने का हथियार बन सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

स्टडी के अनुसार आने वाले दिनों में अच्छे वायरस रोगजनक बैक्टीरिया को खत्म करने का हथियार बन सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

Virus can kill Bacteria : इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटर (University Of Exeter) के साइंटिस्टों द्वारा की गई इस स्टडी के निष्कर्ष सेल होस्ट एंड माइक्रोब (Cell Host & Microbe) जर्नल में प्रकाशित किया गया है.आपको बता दें कि बैक्टीरिया से होने वाली निमोनिया, टीबी, गानरीअ (Gonorrhea) जैसी संक्रामक बीमारियों के बढ़ते मामलों की वजह से एंटीबायोटिक प्रतिरोध (antibiotic resistance) भी बढ़ रहा है और इन बीमारियों का इलाज कठिन हो जाता है. इसकी वजह से इलाज खर्चीला भी हो रहा है. लेकिन अब इस समस्या के समाधान के लिए फैग थेरेपी (fag therapy) की अवधारणा नए सिरे से सामने आई है.

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    Virus can kill Bacteria : मानव शरीर में कई तरह की बीमारियां भले ही वायरस (Virus) के द्वारा फैलती हों, लेकिन एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि आने वाले दिनों में अच्छे वायरस रोगजनक बैक्टीरिया (Pathogenic Bacteria) को खत्म करने का हथियार बन सकते हैं. इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटर (University Of Exeter) के साइंटिस्टों द्वारा की गई इस स्टडी के निष्कर्ष सेल होस्ट एंड माइक्रोब (Cell Host & Microbe) जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं.आपको बता दें कि बैक्टीरिया से होने वाली निमोनिया, टीबी, गानरीअ (Gonorrhea) जैसी संक्रामक बीमारियों के बढ़ते मामलों की वजह से एंटीबायोटिक प्रतिरोध (antibiotic resistance) भी बढ़ रहा है और इन बीमारियों का इलाज कठिन हो जाता है. इसकी वजह से इलाज खर्चीला भी हो रहा है. लेकिन अब इस समस्या के समाधान के लिए फैग थेरेपी (fag therapy) की अवधारणा नए सिरे से सामने आई है. इसमें इंसानों के लिए गैर-हानिकारक ऐसे वायरस का इस्तेमाल होता है, जो बैक्टीरिया में तेजी से विकसित हो सकता है.

    माना जा रहा है कि एंटीबायोटिक के साथ ही फैग थेरेपी से संक्रमण का प्रभावी इलाज हो सकता है. इससे बैक्टीरिया के एंटीबायोटिक प्रतिरोधी होने की संभावना कम होगी. हालांकि आशंका इस बात की भी है कि बैक्टीरिया फैग के प्रति भी प्रतिरोधी क्षमता विकसित कर सकता है.

    क्या कहती है ये नई स्टडी
    यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटर (University Of Exeter) की इस नई स्टडी में बताया गया है कि एंटीबायोटिक (Antibiotics) और फैग थेरेपी (Fag Therapy) के एकसाथ प्रयोग से इलाज कितना प्रभावी हो सकता है. इसके लिए साइंटिस्टों ने लैब में स्यूडोमोनास एरुगिनोसा (pseudomonas aeruginosa) नामक बैक्टीरिया पर रिसर्च की. इस बैक्टीरिया से सिस्टिक फाइब्रोसिस (फेफड़ा और पाचन तंत्र की बीमारी) होता है. इस बैक्टीरिया पर आठ प्रकार के एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कर इसकी पड़ताल की गई कि यह किस प्रकार से प्रतिरोधी क्षमता विकसित करता है और यह फैग के मामलों से कैसे अलग है.

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    बैक्टीरिया को संक्रमित करने के लिए वायरस उसकी कोशिकाओं के सतह को भेदता है. इंसानों के इम्यून सिस्टम के तरह ही बैक्टीरिया का भी प्रोटीन से निर्मित अपना सुरक्षा तंत्र सीआरआइएसपीआर होता है, जो संक्रमण से लड़ता है. फिर भी वायरस बैक्टीरिया को संक्रमित करता है और उसका खात्मा करता.

    क्या कहते हैं जानकार
    यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सटर के एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी इंस्टीट्यूट (Environment and Sustainability Institute) के प्रोफेसर एड्ज वेस्ट्रा (Professor Edze Westra) के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोध सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी समस्या है और इसके निदान पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. इस दिशा में फैग थेरेपी एक अहम टूलकिट साबित हो सकता है. इससे एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कम कर दोनों को मिलाकर इलाज करने से बेहतर प्रभाव पा सकते हैं.

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    उन्होंने आगे बताया, ‘हमने पाया है कि एंटीबायोटिक के प्रकार बदल कर फैग के साथ इस्तेमाल करने से फैग के प्रति बैक्टीरिया की प्रतिरोधी क्षमता में अपने हिसाब से बदलाव ला सकते हैं. इससे इलाज का प्रभाव बढ़ जाएगा. फैग-एंटीबायोटिक संयोजन वाले इस थेरेपी के असर पर विचार किया जाना चाहिए.’

    पहली बार 1919 में इस्तेमाल हुई फैग थेरेपी 
    बता दें कि फैग थेरेपी (fag therapy) का पहली बार पर्शियन माइक्रोबायोलाजिस्ट (microbiologist) फेलिक्स डी-हेरेले  (Felix D-Herele) ने 1919 में इस्तेमाल किया था, जिसमें डिसेंट्री के इलाज के लिए 12 साल के एक लड़के को फैग कॉकटेल दिया गया था. बाद में इस दिशा में स्टडी लगभग बंद हो गई. एंटीबायोटिक का प्रयोग बढ़ने लगा. अब फिर से फैग पर स्टडी जोर पकड़ रही है. इससे एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोध की समस्या का समाधान हो सकता है.

    Tags: Bacteria, Health, Health News

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