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हिमाचल प्रदेश के नग्गर की सर्दियों में करें सैर, जन्नत सी होगी फीलिंग

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 12:36 PM IST
हिमाचल प्रदेश के नग्गर की सर्दियों में करें सैर, जन्नत सी होगी फीलिंग
लगभग 1400 साल पहले नग्गर कुल्लू के राजाओं की राजधानी हुआ करता था. इसे विशुद्ध पाल ने स्थापित किया था.

नग्गर का मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है नगर कैसल, जहां यहां के राजा का निवास हुआ करता था. यह महल करीब 500 साल पुराना है.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 12:36 PM IST
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ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और सेब के बागों से घिरे नग्गर की खूबसूरती देखते ही बनती है. मनाली, केलॉन्ग, मंडी, सुंदरनगर और हमीरपुर इसके आसपास के इलाके हैं. गर्मियों में यहां का मौसम बहुत ही सुहावना होता है, वहीं सर्दियों में यहां बर्फबारी का भरपूर मजा लिया जा सकता है. लगभग 1400 साल पहले नग्गर कुल्लू के राजाओं की राजधानी हुआ करता था. इसे विशुद्ध पाल ने स्थापित किया था. हिमाचल प्रदेश के नग्गर में हर जगह होटल और रेस्तरां भरे हुए हैं. सफाई इतनी है कि आप सड़क पर ही चादर बिछाकर सो सकते हैं.

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महल करीब 500 साल पुराना
नग्गर का मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है नगर कैसल, जहां यहां के राजा का निवास हुआ करता था. यह महल करीब 500 साल पुराना है. इस महल की खास बात यह है कि इसे भूकंप रोधी तकनीक पर बनाया गया है. इसी वजह से यह 1905 में आए भीषण भूकंप को झेल गया, जबकि इसके आसपास की सभी इमारतें नष्ट हो गई थीं. कहा जाता है कि व्यास नदी पर ह्यूमन चेन बनाकर पत्थर लाए गए थे और उन्हीं से इस महल का निर्माण किया गया था.

निकोलस रोरिक घूमना जरूरी
इस महल में पत्थर और लकड़ियों को जिस तरह से लगाया गया है, वह इसे बेहतरीन आर्किटेक्चर देने के साथ-साथ मजबूती भी देता है. इस महल से व्यास नदी और नग्गर की छोटी-बड़ी इमारतें काफी खूबसूरत नजर आती हैं. नग्गर में निकोलस रोरिक घूमना जरूरी है. दरअसल इस महान रूसी पेंटर की वजह से नग्गर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. रोरिक दुनिया के अलग-अलग इलाकों की सैर करते थे और इसी सिलसिले में वह तिब्बत भी पहुंचे, लेकिन तिब्बत में राजनीतिक स्थितियां खराब होने के चलते उन्होंने भारत में नग्गर का रुख किया और फिर वह यहीं के होकर रह गए. यहां उन्होंने अपना घर बनाया.

खिड़की दरवाजों से झांककर देखने पड़ते हैं चित्र
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एक चित्रकार के रूप में उन्हें यहां ख्याति मिली और उसी को देखते हुए उनकी मौत के बाद उनका घर म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया. इस म्यूजियम में उनके नायाब चित्र देखने को मिलते हैं. आपको बता दें कि यह घर बंद ही रहता है और दर्शकों को खिड़की दरवाजों से झांककर अंदर के चित्र देखने पड़ते हैं. एक दुर्लभ तस्वीर में देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी को भी देखा जा सकता है.

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त्रिपुरा सुंदरी मंदिर सबसे प्राचीन मंदिर
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर नग्गर का प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर की खासियत यह है कि यह पगोडा शैली में बना हुआ है. मंदिर में तीन छत हैं, जिसमें एक लकड़ी से बना स्ट्रक्चर काफी खूबसूरत नजर आता है. मंदिर में कई हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां नजर आती हैं. यहां भगवान गणेश की विशेष पूजा का भी आयोजन किया जाता है. साथ ही इस मंदिर में भगवान ब्रह्मा की भी विधिवत पूजा की जाती है. आप बस की मदद से इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं. इस छोटे से शहर की आबादी मात्र 30 हजार है.

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First published: November 20, 2019, 12:32 PM IST
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