Eco Friendly Holi 2021: इको फ्रेंडली होली, स्किन के साथ पर्यावरण के लिए भी है बेस्ट

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच न करें गलतियां.

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Eco Friendly Holi 2021 Tips- महामारी (Pandemic) और जलवायु परिवर्तन संकट (Climate Change Crisis) के साथ पर्यावरण की सुरक्षा और पानी के संरक्षण के लिए इको फ्रेंडली (Eco-Friendly) होली मनाना वक्त की जरूरत है. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 2:24 PM IST
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Eco Friendly Holi 2021 Tips- होली का त्योहार भारत में बेहद महत्व और प्रासंगिकता रखता है. रंगों के इस उत्सव में स्वादिष्ट गुजियों और भांग की ठंडाई मदमस्त करती है, तो यह वसंत के आगमन का संकेत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है.बहुत उत्सुकता और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले इस जीवंत त्योहार में शामिल होने दुनिया भर से लोग भारत आते हैं.यह सोशलाइज होने, पार्टी, हंसी-खुशी, डांस, ड्रिंक और मिठाइयों में डूबकर बहुत सारी खुशी और प्यार बांटने का तरीका है.हालांकि,जितना हम होली की परंपराओं में तल्लीन होना पसंद करते हैं,उतना ही अहम हमारे लिए अपने ग्रह पृथ्वी को हरा-भरा और स्वस्थ रखने की बात न भूलना हैं, क्योंकि जिम्मेदार नागरिकों के तौर पर  इसकी देखभाल करना हमारी जवाबदेही है, इसलिए हमें इस साल महामारी (Pandemic) और जलवायु परिवर्तन संकट (Climate Change Crisis) के इस दौर में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) तरीके से होली मनाने और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने की कोशिश जारी रखनी चाहिए.यहां हम आपको ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिनसे आप अपने आस-पड़ोस में इको फ्रेंडली होली खेल सकते हैं 

जैविक रंगों का इस्तेमालः  

होली खेलने के लिए प्राकृतिक(Natural) और जैविक (Organic) रंगों का इस्तेमाल करें. इससे आप बाजार से आर्टिफिशयल रंग खरीदने से बच सकते हैं और इसके जगह घर पर खुद रंग बना सकते हैं. इसके लिए घर पर आसानी से उपलब्ध होने वाली प्राकृतिक सामग्री जैसे हल्दी पाउडर, चंदन, मेंहदी आदि का यूज कर सकते हैं. ये आपकी त्वचा और  पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.

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प्लास्टिक के गुब्बारों का इस्तेमाल न करेंः 

प्लास्टिक के गुब्बारों के इस्तेमाल से बचें ये पर्यावरण की सेहत के लिए हानिकारक हैं. गुब्बारे भरने का मतलब पानी की बर्बादी भी है, गुब्बारे फेंकने से भी किसी को चोट भी लग सकती है. बगैर किसी को नुकसान पहुंचाए सेफ और हैप्पी होली का आनंद लें. 

पानी वाली होली न खेलेंः



पिचकारियों या किसी भी वॉटर गन का इस्तेमाल करने से बचें. यह केवल अधिक पॉल्यूशन,पानी की बर्बादी और पर्यावरण में अधिक प्लास्टिक बढ़ाता है. आप केवल जैविक और प्राकृतिक रंगों से सूखी होली खेलने का आनंद ले सकते हैं, यकीन मानिए होली की खुशी में इससे कोई कमी नहीं आएगी.

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इंटीरियर डेकोरेशन के लिए फूलों का यूज करेंः 

होली के त्योहार पर घर के अंदर की सजावट के लिए प्लास्टिक के फूलों की जगह ऑर्गेनिक फूलों का इस्तेमाल करें. इन फूलों से ही घर में फर्श पर कहीं भी रंगोली डिजाइन बना कर आप घर सजा सकते हैं.होली खेलने के लिए आप नेचुरल, हर्बल रंगों के साथ ही फूलों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.  

होलिका दहन के लिए इको- फ्रेंडली चीजेंः  

होली जलाने यानी होलिका दहन के लिए इको-फ्रेंडली चीजों को इस्तेमाल में लाएं. होलिका दहन में सुनिश्चित करें कि आप इको-फ्रेंडली चीजें ही डालें प्लास्टिक नहीं. आप गोबर, नारियल के छिलके जैसी चीजें यूज कर सकते हैं. इससे आप पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बगैर परंपराओं को जीवित रख पाएंगे.Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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