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प्राचीन भारतीय सौंदर्य के वह 5 रहस्य, जिसकी पूरी दुनिया कायल है

प्राचीन भारतीय सौंदर्य के वह 5 रहस्य, जिसकी पूरी दुनिया कायल है
प्राचीन भारतीय सौंदर्य के वह 5 रहस्य, जिसकी पूरी दुनिया कायल है

आज के समय में महिलाएं अपने सौंदर्य का निखारने के लिए ब्यूटी पार्लर (Beauty parlour) का सहारा लेती हैं. लेकिन पहले के जमाने में महिलाएं किचन की ही कुछ चीजों को मिलाकर सौंदर्य प्रसाधन बनाती थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2021, 6:02 PM IST
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प्राचीन काल से ही महिलाओं को अपने सौदर्य को निखारने और सजने संवरने का शौक रहा है. आज के समय में महिलाएं अपने सौंदर्य का निखारने के लिए ब्यूटी पार्लर (Beauty parlour) का सहारा लेती हैं. लेकिन पहले के जमाने में महिलाएं किचन की ही कुछ चीजों को मिलाकर सौंदर्य प्रसाधन बनाती थीं. यह परंपरा (Tradition) हर जेनरेशन को अपनी दादी नानी से मिलती आई है. तो आइए जानते हैं कि किन किन चीजों को अपनाकर प्राचीन काल की भारतीय महिलाएं अपने सौंदर्य को निखारती थीं.

1. दूध

दादी नानी की मानें तो प्राचीन काल में नई दुल्‍हन की त्वचा को निखारने के लिए कच्चे दूध (Milk) को प्रयोग किया जाता था. नई दुल्‍हन को कच्चे दूध में हल्दी मिलाकर बने उबटन से नहलाया जाता था. चेहरे पर कच्चे दूध की मालिश की जाती थी जिससे त्वचा के बंद रोम छिद्र खुल जाएं और नेचुरल तरीके से स्किन क्‍लीन और मॉश्‍चराइज्ड लगे. इस परंपरा को आज भी अपनाई जाती है.



2. केसर
खाने में मसाले के तौर पर प्रयोग होने के अलावा इसे सौंदर्य प्रसाधन के लिए भी प्रयोग में लाया जाता था. केसर को दूध के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा में चमक आती है. दूध और चंदन के साथ केसर लगाने से टैनिंग भी दूर होती है. यही नहीं, पपीते में दूध, केसर और शहद मिलाकर लगाने से चेहरे की डेड स्किन खत्‍म होती है और चेहरे पर शाइन आता है. केसर को नींबू, शहद और बादाम के साथ लगाने पर स्किन टाइट होती है.

3. हल्दी

भारतीय रसोई में हल्दी का यूज कई चीजों में किया जाता रहा है. दवा से लेकर ब्‍यूटी के लिए भी इसका प्रयोग पुराने जमाने से ही किया जाता रहा है. पहले जमाने में लोग मुंहासे, कील और ब्लैक हैडस को ठीक करने के लिए हल्‍दी का प्रयोग करते थे. यह अंडर आई प्रॉब्‍लम को दूर करने के काम में भी प्रयोग किया जाता रहा है. इसके अलावा इसका प्रयोग चंदन, दूध, मलाई और शहद के साथ मिलाकर फेसपैक के रूप में भी किया जाता है. इसके प्रयोग से चेहरे पर नैचुरल ग्‍लो बढ़ता है.

4. सरसों का प्रयोग

सरसों पाउडर और सरसों का तेल दोनों ही स्किन के लिए अच्‍छा माना जाता रहा है. इसे उबटन के रूप में पहले जमाने में में प्रयोग किया जाता था. यही नहीं इसके बने उबटन से मालिश करने पर टैनिंग खत्‍म तो होती ही है वैक्सिन के तौर पर भी यह काम करता है. यही नहीं स्किन ग्‍लो भी करती है.

5. चंदन

इसे दूध और हल्‍दी के साथ प्रयोग किया जाता रहा है. चंदन का लेप नेचुरल सेंट के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसके अलावा यह पिंपल पर लगाने की भी पुरानी परंपरा है. चेहरे व हाथ पर इसके नियमित लेप से स्किन को कूलिंग इफेक्‍ट भी मिलता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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