क्या है 4-7-8 श्वास तकनीक और इसे कैसे किया जाता है अप्लाई?

4-7-8 तकनीक मन और शरीर को सांस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करती है न कि रात को सोते समय आपकी चिंताओं पर.
4-7-8 तकनीक मन और शरीर को सांस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करती है न कि रात को सोते समय आपकी चिंताओं पर.

श्वास तकनीक (Breathing Technique) को शरीर को गहरी विश्राम की स्थिति में लाने के लिए डिजाइन किया गया है. कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखने वाले विशिष्ट पैटर्न शरीर को ऑक्सीजन फिर से भरने की अनुमति देते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 5:28 AM IST
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श्वास तकनीक 4-7-8 (Breathing Technique) डॉक्टर एंड्रू वेइल द्वारा विकसित एक सांस संबंधी पैटर्न है. यह एक पुराने यौगिक तकनीक पर आधारित है जिसे प्राणायाम (Pranayam) कहते हैं. इसका अभ्यास करने वालों को सांस को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है. इस तकनीक का नियमित रूप से अभ्यास करने पर कुछ लोगों को जल्दी सोने (Sleep) में भी मदद मिल सकती है. ये खास तकनीक है जिसके इस्तेमाल से सांस संबंधी परेशानियों को आसानी से दूर किया जा सकता है.

श्वास तकनीक 4-7-8 कैसे करती है काम
श्वास तकनीक को शरीर को गहरी विश्राम की स्थिति में लाने के लिए डिजाइन किया गया है. कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखने वाले विशिष्ट पैटर्न शरीर को ऑक्सीजन फिर से भरने की अनुमति देते हैं. फेफड़ों से बाहर की तरफ 4-7-8 जैसी तकनीकें आपके अंगों और टिश्यु में बहुत अधिक ऑक्सीजन को बढ़ावा दे सकती है. 4-7-8 तकनीक मन और शरीर को सांस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करती है न कि रात को सोते समय आपकी चिंताओं पर. इस तकनीक के समर्थकों का मानना है कि यह एक तेज धड़कते हुए दिल या शांत फ्रेजल्ड नसों को शांत कर सकता है. डॉ वेइल ने इसे तंत्रिका तंत्र के लिए प्राकृतिक ट्रैंक्विलाइजर के रूप में वर्णित किया है. इसे इस तरह के अभ्यास से समझ सकते हैं.

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वैकल्पिक नोस्ट्रेल ब्रीदिंग


इसमें एक बार नाक से सांस लेकर दूसरी नथुने को रोका जाता है. दूसरे से सांस के समय पहले को रोका जाता है.

माइंडफुलनेस मेडिटेशन
इसमें खुद का ध्यान वर्तमान समय पर केन्द्रित करते हुए सांस लेने पर फोकस करने के लिए प्रेरित किया जाता है.

विजुअलाइजेशन
इसमें नेचुरल रूप से सांस लेने लेने के लिए पैटर्न पर दिमाग के रस्ते पर फोकस रखना होता है.

गाइडेड इमेजरी
यह दिमाग में एक खुशनुमा याद और कहानी पर फोकस रखने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि सांस लेते समय चिंताएं दूर रहें.

इस तकनीक को कैसे करें
4-7-8 सांस लेने का अभ्यास करते हुए बैठने या आराम से लेटने के लिए एक जगह ढूंढें. सुनिश्चित करें कि आप अच्छे आसन का अभ्यास करते हैं. यदि आप सो जाने की तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, तो लेट जाना सबसे अच्छा है. होंठों को खोलकर अपने मुंह से सांस छोड़ते हुए एक तेज ध्वनी के साथ आवाज आने दें. दूसरी प्रक्रिया में आप मुंह बंद करें और नाक से सांस को अंदर लें तथा तब तक लें, जब तक कि मन ही मन आप चार तक की गिनती न कर लें. इसके बाद सात सेकंड तक सांस रोककर रखें. फिर से इसे मुंह खोलकर छोड़ें और आठ सेकंड तक उसी तरह आवाज करें. इस अभ्यास को चार बार करना चाहिए.

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सोने के लिए अन्य तकनीक
अगर आप तनाव के कारण सोने में असफल हो रहे हैं और 4-7-8 तकनीक पर्याप्त नजर नहीं आ रही, तो कुछ अन्य तकनीकों का सहारा भी आप ले सकते हैं. ईयरप्लग, स्लीपिंग मास्क, रिलेक्सेशन म्यूजिक, बिस्तर पर योग आदि भी कर सकते हैं. यदि 4-7-8 सांस लेना आपके लिए प्रभावी नहीं है, तो माइंडफुलनेस मेडिटेशन या गाइडेड इमेजरी जैसी दूसरी तकनीक बेहतर फिट हो सकती है. आप अपनी बेहतर नींद के लिए इन तकनीकों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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