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क्या होता है ऑटोसेक्शुअल, कैसा होता है इसका सेक्शुअल रुझान, जानिए विस्तार से

क्या होता है ऑटोसेक्शुअल, कैसा होता है इसका सेक्शुअल रुझान, जानिए विस्तार से

प्रतीकात्मक तस्वीर. (Image : twitter)

प्रतीकात्मक तस्वीर. (Image : twitter)

Autosexual definition: ऑटोसेक्शुल शब्द का चलन पिछले कुछ समय से बढ़ा है. ऑटोसेक्शुअल का मतलब होता है कि खुद से सेक्शुअली अट्रैक्ट होना. हालांकि मेडिकल जगत में यह कोई बीमारी नहीं है. ऐसे लोग जिसका सेक्शुअल आकर्षण विपरीत लिंगी सेक्स के बजाय खुद में ज्यादा हो, उसे ऑटोसेक्शुअल व्यक्ति कहा जाता है. ऐसे लोग अपने ही शरीर के प्रति सेक्शुअली आकर्षित हो जाते हैं और खुद को देखकर ही खुद को यौन सुख दे पाते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि ऐसे लोग गे या लेस्बियन होते हैं.

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    Autosexual and sexual orientation: हाल के दिनों में ऑटोसेक्शुअल (Autosexual) शब्द का चलन बढ़ा है. जैसा कि शब्द से समझ में आता है कि ऑटोसेक्शुल लोग खुद के प्रति ही ज्यादा आकर्षित होते हैं. यानी ऐसे लोग जिसका सेक्शुअल आकर्षण विपरीत लिंगी सेक्स के बजाय खुद में ज्यादा हो, उसे ऑटोसेक्शुअल व्यक्ति कहा जाता है. ऐसे लोग अपने ही शरीर के प्रति सेक्शुअली आकर्षित हो जाते हैं और खुद को देखकर ही खुद को यौन सुख दे पाते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि ऐसे लोग गे या लेस्बियन होते हैं. हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक फिलहाल ऑटोसेक्शुअल शब्द बड़ा अजीब सा लगता है लेकिन धीरे-धीरे ऑटोसेक्शुअल लोगों की संख्या बढ़ रही है. होमोसेक्शुअल या लेस्बियन की तरह अब ऑटोसेक्शुल का भी चलन बढ़ने लगा है. अब ये लोग खुद को ऑटोसेक्शुअल बताने लगे हैं.
    ऑटोसेक्शुअल होता क्या है

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    वास्तव में ऑटोसेक्शुअल व्यक्ति सबसे पहले सबसे ज्यादा खुद की सेक्शुअलिटी की तरफ आकर्षित होते हैं. जो ऑटोसेक्शुल होते हैं, उनका सेक्शुअल रुझान दूसरों के प्रति या तो होता ही नहीं है या होता भी है, तो बहुत कम होता है. इसका यह कतई मतलब नहीं है कि जो लोग ऑटोसेक्शुअल हैं, वे दूसरों के प्रति सेक्शुअली आकर्षित नहीं होते या दूसरों के साथ यौन संबंध नहीं बना सकते. हालांकि कुछ ऑटोसेक्शुअल व्यक्ति दूसरों के साथ बिल्कुल भी संबंध बनाना नहीं चाहते.

    क्या ऑटोसेक्शुअल और ऑटोरोमांटिक एक ही चीज है
    ऑटोसेक्शुअल और ऑटोरोमांटिक दो अलग-अलग चीजें हैं. ऑटोसेक्शुअल मुख्य रूप से अपने आप से सक्शुअली अट्रैक्ट रहता है जबकि ऑटोरोमांटिक मुख्य रूप से अपने आप से आकर्षित महसूस करता है. जो लोग ऑटोसेक्शुअल हैं, जरूरी नहीं कि ये लोग खुद के प्रति आकर्षित महसूस कर रहे हों. हो सकता है कि ऐसे लोग खुद के प्रति सिर्फ सेक्शुअली अट्रैक्ट हो.

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    किस तरह का होता है सेक्शुअल रुझान
    आमतौर पर ऑटोसेक्शुअल व्यक्ति खुद के प्रति सेक्शुअली अट्रैक्ट होते हैं. इसलिए ऐसे व्यक्ति ज्यादातर हस्तमैथुन (masturbation) करने में खुद को संतुष्ट महसूस करते हैं. दूसरों के प्रति इनका सेक्शुअल अट्रैक्शन बहुत कम होता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि ये लोग दूसरों के साथ संबंध नहीं बना सकते.

    ऑटोसेक्शुअल बनने का कोई कारण है
    नहीं. अब तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि ऑटोसेक्शुअल का कारण यह है. यह कोई मेडिकल प्रोबल्म नहीं है और ना ही यह कोई मेडिकल बीमारी है.

    क्या प्रजनन पर कोई असर पड़ता है
    मेडिकली ऑटोसेक्शुअल लोग सामान्य लोगों की तरह ही होते हैं. इनके प्रजनन अंग भी सामान्य ही होते हैं. अगर ये लोग दूसरों के साथ संबंध बनाएं, तो सामान्य लोगों की तरह ही संतान पैदा करने में सक्षम हो सकते हैं.

    Tags: Health, Lifestyle, Mental health

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