क्या है पैनिक अटैक, कैसे करें पैनिक अटैक वाले इंसान की मदद

घबराहट, डर या गुस्से का एक झटका मानसिक और शारीरक स्थिति को अचानक प्रभावित करता है.
घबराहट, डर या गुस्से का एक झटका मानसिक और शारीरक स्थिति को अचानक प्रभावित करता है.

कोरोना (Corona) काल में तो पैनिक अटैक (Panic Attack) के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं जब लोग इन हालातों से घबराकर किसी तरह के भय या पैनिक का शिकार हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 6:08 PM IST
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मौजूदा समय में एक शब्द हर जगह सुनने को मिल रहा है और वह है पैनिक अटैक (Panic Attack). बच्चों, जवान या बूढ़े सभी को पैनिक अटैक आने की खबरें भी अक्सर कानों में गूंजती रहती हैं. कोरोना (Corona) काल में तो पैनिक अटैक के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं जब लोग इन हालातों से घबराकर किसी तरह के भय या पैनिक का शिकार हुए हैं. पहले पैनिक अटैक के बारे में इतना सुनने को नहीं मिलता था जितना कि अब सुनने के मिल रहा है. कई बार इसके बारे में सुनने के बाद भी हमें अच्छी तरह इसके बारे में पता नहीं होता है. इस लेख में पैनिक अटैक के बारे में वो सभी बातें बताई गई हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए.



पैनिक अटैक क्या है?
आमतौर पर घबराहट, डर या गुस्से का एक झटका मानसिक और शारीरक स्थिति को अचानक प्रभावित करता है. यह एक लहर की तरह आता है जिसमें किसी बात या मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति में इंसान का चला जाना ही पैनिक अटैक है. इसमें गुस्सा आना, रोते ही रहना या अकेले में भाग जाना आदि हरकतें इंसान करने लगता है. एक झटके की तरह आकर दिल और दिमाग पर इसका असर हो जाना पैनिक अटैक है.
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क्या है पैनिक अटैक के लक्षण
इसमें कपकपी, घबराहट, पसीना आना या जी मिचलाना हो सकता है. कई बार सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है लेकिन इसे हार्ट अटैक से नहीं जोड़ना चाहिए. हालांकि पैनिक अटैक कुछ घंटों में खत्म हो जाता है लेकिन कभी-कभार इसका असर कुछ दिनों तक भी देखने को मिल सकता है. व्यक्ति अपने लोगों से दूर होने की कोशिश करता है क्योंकि इसका असर मस्तिष्क और शरीर दोनों पर होता है.

अगर आप अपने सामने किसी व्यक्ति को पैनिक अटैक आते हुए देखते हैं, तो इस स्थिति में कुछ उपाय किए जा सकते हैं. पैनिक अटैक आने वाले इंसान को साधारण स्थिति में लाने के लिए कुछ घरेलू और कुछ व्यावहारिक उपाय भी हैं.

ग्रीन टी पिला सकते हैं
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफिनेल दिमाग के तनाव को कम करने में मदद करते हैं. यह दिमाग की कोशिकाओं को भी स्वस्थ करने में मदद करता है. अगर आपके सामने किसी को पैनिक अटैक आता है, तो उस व्यक्ति को आप ग्रीन टी का सेवन कराएं. अगर किसी को पैनिक अटैक आता है, तो उसे दिन में कम से कम दो से तीन कप ग्रीन टी लेनी चाहिए.

बादाम का पेस्ट भी लाभदायक
इसमें कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम बहुतायत में पाया जाता है. पैनिक अटैक वाले इंसान को इसका सेवन कराना चाहिए. बादाम के पेस्ट में थोड़ी चीनी मिलाकर पैनिक अटैक आने वाले इंसान को खिलाया जा सकता है.

संतरा खिलाएं
पैनिक अटैक के दौरान संतरा न्यूरॉन्स को शांत करने का काम करता है. इसके अलावा भरपूर मात्रा में विटामिन सी होने से पैनिक अटैक में यह खाना स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है.

पैनिक अटैक वाले व्यक्ति के साथ करें बातचीत
जिस इंसान को पैनिक अटैक आता है उसके साथ बातचीत करें और यह सकारात्मक होना चाहिए. आपके सामने अगर किसी को पैनिक अटैक होता है, तो नकारात्मक बातें उसके दिल और दिमाग से निकालने का प्रयास सबसे पहले करना चाहिए.

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परेशानी के बारे में पूछें
अगर किसी को पैनिक अटैक आता है, तो आप उस व्यक्ति के मन की बात जानने का प्रयास करें और उसके दर्द में सहभागी बनने की कोशिश करें. खुद शांत रहें लेकिन पैनिक अटैक आने वाले व्यक्ति को भी शांत करने की पूरी कोशिश करें और लगातार परेशानी को लेकर सकारात्मक बातें करते रहें.

सहानुभूति का बर्ताव
पैनिक अटैक वाले इंसान के साथ पूरी सहानुभूति के साथ बातचीत करते हुए यह दर्शाएं कि आपकी समस्या में हम भागीदार हैं और उसके तनाव को पहचानते हुए परेशान करने वाली बातों से ध्यान हटाएं.
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