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पेट पर ज्यादा फैट आने का हार्मोन्स से है कनेक्शन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

हार्मोन के लेवल में उतार-चढ़ाव या फिर हार्मोन्स की कमी के कारण पेट पर ज्यादा फैट आना एक अहम कारण हो सकता है.

हार्मोन के लेवल में उतार-चढ़ाव या फिर हार्मोन्स की कमी के कारण पेट पर ज्यादा फैट आना एक अहम कारण हो सकता है.

Hormonal belly : बेली फैट को कम करने के लिए डॉ सुश्रुत ने कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं, जिन पर आपको ध्यान देने की जरूरत है.

  • News18Hindi
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    Hormonal belly : लोग अपने पेट की चर्बी और वजन कम करने के लिए क्या क्या नहीं करते हैं, हेवी एक्सरसाइज करने से लेकर, हेल्दी डाइट लेने तक, सब कुछ. लेकिन कभी कभी इतना सब करने पर भी नतीजा नहीं दिखता है. मतलब कुछ इतनी मेहनत करते हैं, हेल्दी डाइट लेते हैं फिर भी बेली रीजन (पेट के पास) से उनका फैट कम ही नहीं होता. इंडियन एक्सप्रेस डॉटकॉम की खबर के मुताबिक जानकार इसके पीछे हार्मोन्स को कारण मानते हैं. दरअसल हार्मोन्स हमारे शरीर के विभिन्न कामों को कंट्रोल करते हैं, जैसे मैटाबॉलिज्म, तनाव, भूख और सेक्स ड्राइव.

    पुणे के मदरहुड अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट और गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सुश्रुत मोकादम (Sushruta Mokadam) का कहना है कि हार्मोन के लेवल में उतार-चढ़ाव या फिर हार्मोन्स की कमी के कारण पेट पर ज्यादा फैट आना एक अहम कारण हो सकता है. इसे हार्मोनल बेली (hormonal belly) भी कहा जा सकता है.

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    डॉ सुश्रुत के अनुसार, अंडरएक्टिव थायरॉयड, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), और मीनोपोज जैसी हार्मोन्स से जुड़ी कुछ ऐसी स्थितियां हैं जो आपको पेट के आसपास से पूरा तरह से पैक कर सकती है. यानी आपके पेट पर चर्बी के लिए हार्मोन्स से जुड़ी ये समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती है. हार्मोनल असंतुलन मोटापे, तनाव या दवाओं के कारण भी हो सकता है. बेली फैट को कम करने के लिए डॉ सुश्रुत ने कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं, जिन पर आपको ध्यान देने की जरूरत है.

    खाना खाने के बाद भी संतुष्टि नहीं महसूस करना
    यदि आपको लगता है कि अपनी पूरी डाइट लेने के बाद भी आप में अभी भी भूख या फिर आप अपने भोजन से संतुष्ट नहीं हैं तो इसका मतलब है कि सेक्स हार्मोन अप्रत्यक्ष रूप से उन हार्मोन को प्रभावित कर रहे हैं जो मैटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने में मदद करते हैं – एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन. लेप्टिन (फैट सेल्स से बना एक प्रोटीन) पर एस्ट्रोजन के प्रभाव के कारण, भोजन करने के बाद भी कम एस्ट्रोजन का लेवल आपको भूख का एहसास कराता है. विशेष रूप से, हाई लेप्टिन का लेवल समस्या पैदा करने वाला है.

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    हर समय तनाव में रहना
    डॉ सुश्रुत के अनुसार, हर बार जब आप तनाव में होते हैं, आपकी एड्रिनल ग्रंथियां (adrenal glands)आपके शरीर को तुरंत प्रतिक्रिया करने में मदद करने के लिए कोर्टिसोल (cortisol) छोड़ती हैं. कोर्टिसोल एक तरह का स्ट्रेस हार्मोन है. यदि आप हर समय तनाव में रहते हैं, तो आपकी एड्रिनल ग्रंथी (adrenal gland) को यह एहसास भी नहीं होगा, कि यह आपके शरीर की जरूरत से ज्यादा कोर्टिसोल का उत्पादन कर रही है. इसके अलावा, कोर्टिसोल का हाई लेवल हार्ट रेट, ब्ल्ड प्रेशर और यहां तक कि ब्ल्ड शुगर को भी बढ़ाता है. इतना ही नहीं, बहुत अधिक कोर्टिसोल पेट की चर्बी को बढ़ाता है.

    पेट के आसपास के एरिया में वजन बढ़ना
    डॉ सुश्रुत का कहना है, “अत्यधिक व्यायाम, ठीक से खाना न खाने या पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland) की समस्याओं के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन का कम लेवल देखा जा सकता है. जब एस्ट्रोजन का स्तर नाटकीय रूप से नीचे चला जाता है तो व्यक्ति के पेट के आसपास अधिक वजन बढ़ सकता है.”

    क्या किया जा सकता है?
    डॉ सुश्रुत मोकादम का कहना कि इस समस्या से बचने के लिए आपको एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर से बात करने की जरूरत है, जो इस बारे में आपका मार्गदर्शन करेंगे.

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