वैरिकोज वेन्स क्या है? जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय

वैरिकोज वेन्स क्या है? जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय
वैरिकोज वेन्स में त्वचा की सतह के नीचे उभरती हुई नीली नसें दिखती हैं.

वैरिकोज वेन्स (Varicose veins)एक ऐसी बीमारी होती है, जिसमें पैरों की नसों में खून (Blood) एकत्र हो जाता है. इससे पैरों में सूजन आ जाती है. जिसके कारण चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है. वैरिकोज वेन्स में त्वचा (Skin) की सतह के नीचे उभरती हुई नीली नसें(Veins)दिखने लगती हैं.

  • Last Updated: July 30, 2020, 6:37 AM IST
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बढ़ती उम्र के साथ नसें लचीलापन खो सकती हैं. इसके चलते नसों में खिचाव पड़ जाता है. ऐसे में नसों का वाल्व कमजोर हो सकता है और दिल की ओर बढ़ने वाला रक्त उल्टी दिशा में बढ़ने लगता है. इस वजह से नसों में रक्त एकत्रित हो जाता है और नसें फूलकर वैरिकोज वेन्स बन जाती हैं. वैरिकोज वेन्स में पैरों की नसों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है. इसमें नसों का आकार बढ़ जाता है, जिससे वे नजर आने लगती हैं. वैरिकोज वेन्स त्वचा की सतह के नीचे उभरती हुई नीली नसें दिखती हैं. इसमें नसों का गुच्छा बन जाता है, यानी ये नसें सूजी और मुड़ी हुई होती हैं, जिसे स्पाइडर वेन्स भी कहते हैं.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि कई लोगों के लिए वैरिकोज वेन्स सामान्य समस्या होती है, लेकिन कुछ के लिए इसकी वजह से दर्द होता है और असुविधा होती है जो कि कभी-कभी गंभीर समस्याओं का रूप ले लेती हैं. महिलाओं को वैरिकोज वेन्स होने की आशंका ज्यादा होती है. गर्भावस्था, मासिक धर्म के पहले या मेनोपॉज के दौरान होने वाली हार्मोन के बदलाव जोखिम के कारक हो सकते हैं. अगर परिवार में इसका इतिहास है तो खतरा और भी बढ़ जाता है. यह उन्हें भी प्रभावित करता है जो लंबे समय के लिए खड़े या बैठे रहते हैं.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि वैरिकोज वेन्स की स्थिति में पैरों में दर्द, थकान और जलन भी महसूस होती है. इसके साथ ही झुनझुनी या पैरों में भारीपन भी लगने लगता है. इसकी गंभीरता को कम करने के लिए ये 5 घरेलू उपाय अपना सकते हैं.



फाइबर से भरपूर आहार
वैरिकोज वेन्स से छुटकारा पाने के लिए आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है. इस स्थिति में फाइबर से भरपूर आहार खाएं. इसमें साबुत अनाज से बने खाद्य पदार्थ, ओट्स, गेहूं, नट्स, मटर, बीन्स, एवोकाडो, टमाटर, ब्रोकली, गाजर, प्याज, शकरकंद, अलसी के बीज आदि शामिल हैं.

नारियल का तेल
नारियल तेल एक एंटी इन्फ्लेमेंटरी एजेंट के रूप में जाना जा सकता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं. जब इससे मसाज की जाती है तो यह त्वचा के क्षेत्र को पुनर्जीवित करता है, उत्तेजित करता है. नारियल का तेल त्वचा की कोशिकाओं में नमी को बनाए रखने का काम करता है, इसे फैटी एसिड प्रदान करता है, जो सुरक्षात्मक परतों को फिर बनाने में मदद करता है. नारियल तेल की पांच बूंदें और 1 लीटर गुनगुने या ठंडे पानी में डालें और फिर एक कपड़े को भिगोकर इससे प्रभावित क्षेत्र पर लगभग 15 मिनट के लिए सेक करें. इस दौरान पैरों को ऊंचा रखें.

एक्यूपंक्चर
नियमित रूप से किया गया एक्यूपंक्चर वैरिकोज वेन्स के कारण होने वाली असुविधा से बचने में मदद कर सकता है.यह रक्त को उत्तेजित करने और नसों में भेजने में मदद करता है और जमा हुए रक्त को तोड़ता है. सर्कुलेशन को बढ़ाने के लिए वैरिकोज वेन्स के लिए विशेष एक्यूपंक्चर बिंदु भी हैं, जो रक्त के प्रवाह को आसान करता है और दबाव को कम कर होने वाले दर्द को कम करता है.

एप्पल साइडर विनेगर
वैरिकोज वेन्स के लिए एप्पल साइडर विनेगर एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला होता है जो किसी भी बाहरी सूजन को कम करने में मदद करता है. यह डिटॉक्सीफाई करने के लिए भी आवश्यक है. यह त्वचा की स्थिति में सुधार कर सकता है, सूखापन को रोक सकता है और त्वचा की कोशिका फिर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है. वैरिकोज वेन्स पर एप्पल साइडर विनेगर अप्लाई करें और पैर को कपड़े से लपेटें. इसे 30 मिनट तक रखें.

व्यायाम है जरूरी
वैरिकोज वेन्स की समस्या से छुटकारा पाना है या इसके बचना भी है तो व्यायाम एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है. नियमित व्यायाम से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. इससे ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है. ब्लड प्रेशर गड़बड़ाने से वैरिकोज वेन्स की परेशानी शुरू होती है. कम गति वाले व्यायाम जैसे तैराकी, चलना, योग, साइक्लिंग आदि फायदेमंद हो सकते हैं. इस तरह के व्यायाम से पैरों की मांसपेशियों में सुधार होगा और हृदय तक रक्त पहुंचेगा और पिंडली में रक्त इकट्ठा नहीं होगा.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, वैरिकोज वेन्स के प्रकार, लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।

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