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रात में लाइट बंद करके क्यों सोते हैं लोग, अब खुल गया राज

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 3:50 PM IST
रात में लाइट बंद करके क्यों सोते हैं लोग, अब खुल गया राज
आर्टिफिशियल रोशनी रात में आपकी सुखद नींद के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है.

कई लोगों को अंधेरे से डर लगता है जिसके कारण वह रात में लाइट जलाकर सोते हैं. हालांकि शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए रात में लाइट बंद करके सोना बहुत जरूरी होता है.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 3:50 PM IST
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रात में सोते समय अधिकतर लोग लाइट बंद कर देते हैं. वहीं कई लोगों को अंधेरे से डर लगता है जिसके कारण वह रात में लाइट जलाकर सोते हैं. हालांकि कई तरह के शोध के बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि लोगों को हमेशा रात में लाइट बंद करके ही सोना चाहिए. शरीर पर इसका बहुत गहरा असर पड़ता है. शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए रात में लाइट बंद करके सोना बहुत जरूरी होता है. आइए आपको बताते हैं कि रात में लाइट बंद करके सोना क्यों जरूरी है.

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डीप स्लीप है जरूरी
आजकल घरों में लोग कई तरह की लाइट्स लगाकर रखते हैं. टेबल लैंप, हैंगिंग लैंप, होल्डर में लगा बल्ब या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से निकलने वाली आर्टिफिशियल रोशनी रात में आपकी सुखद नींद के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है. रिसर्च में पाया गया है कि रात में सोते समय आर्टिफिशियल लाइट के कारण आपकी नींद में बाधा उत्पन्न होती है. यह तो आप भी जानते होंगे कि हर व्यक्ति के लिए रात में 7 से 9 घंटे की नींद लेना जरूरी है. मगर सिर्फ सोना ही काफी नहीं होता. इस दौरान कम से कम कुछ घंटो की डीप स्लीप (गहरी नींद) भी बहुत जरूरी होती है. जब आप लाइट जलाकर सोते हैं, तो आपका मस्तिष्क और शरीर डीप स्लीप की स्थिति में नहीं पहुंच पाता है. इससे दिमाग पर जोर पड़ता है और आपको नींद से उठने के बाद थकावट भी महसूस हो सकती है.

अपने बॉडी क्लॉक को समझें
क्या आप जानते हैं कि आपका शरीर एक काल्पनिक घड़ी के समान है जिसे सर्केडियन रिद्म कहते हैं. आपका शरीर इसी घड़ी के अनुसार दिन और रात को पहचानता है और शरीर के बॉडी फंक्शन्स को कंट्रोल करता है. मस्तिष्क में एक खास ग्रंथि होती है, जिसे पीनियल ग्रंथि या पीनीयल ग्लैंड (Pineal Gland)कहते हैं. ये ग्लैंड एक खास हॉर्मोन रिलीज करता है, जिसे मेलाटोनिन (Melatonin) कहते हैं. यही वो हॉर्मोन है, जो आपके मस्तिष्क को बताता है कि रात हो गई है और अब सोने का समय है, या सुबह हो गई है, तो जागने का समय है.

हॉर्मोन होता है प्रभावित
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रिसर्च में पाया गया है कि आपके मस्तिष्क में बनने वाला मेलाटोनिन हॉर्मोन बाहर मौजूद रोशनी के आधार पर बनता है. अगर आप रात में लाइट जलाकर सोते हैं, तो आपका शरीर मेलाटोनिन हॉर्मोन का निर्माण नहीं कर पाता है क्योंकि उसे लगता है कि आप दिन में सो रहे हैं जबकि लाइट बुझाकर सोने से मस्तिष्क सही मात्रा में मेलाटोनिन हॉर्मोन का निर्माण करता है और आप सुकून भरी अच्छी नींद सो पाते हैं.

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लाइट बंद करने पर नहीं आती नींद तो क्या करें
कुछ लोगों के साथ ये समस्या होती है कि उन्हें लाइट बंद करके नींद नहीं आती है क्योंकि वह डरते हैं या उनके दिमाग में किसी तरह का कोई भ्रम होता है. ऐसी स्थिति में आप कम से कम इतना जरूर करें कि सोने से पहले आंखों पर आई-बैग्स लगा लें. इससे कम से कम रोशनी आपकी आंखों में जाएगी. इसके अलावा कुछ ज्यादा समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 21, 2019, 3:43 PM IST
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