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पर्यटकों को क्यों पसंद है Rohtang Pass, क्या है इस दर्रे की खासियत

News18Hindi
Updated: March 11, 2020, 4:03 PM IST
पर्यटकों को क्यों पसंद है Rohtang Pass, क्या है इस दर्रे की खासियत
रोहतांग, पर्यटकों के बीच पसंदीदा ट्रैवल डेस्टिनेशन बन चुका है. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं.

रोहतांग पास से ही व्यास नदी का उदगम हुआ है. व्यास कुंड व्यास नदी के उदगम का स्थान है. यहां के कुंड के पानी का स्वाद अद्वितीय है. रोहतांग दर्रे के दक्षिण में व्यास कुंड बना हुआ है.

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  • Last Updated: March 11, 2020, 4:03 PM IST
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रोहतांग पास (Rohtang Pass)भारत के हिमाचल प्रदेश में 13,050 फीट/समुद्री तल से 4111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. रोहतांग दर्रा हिमालय का एक प्रमुख दर्रा है. रोहतांग इस जगह का नया नाम है जो कि पहले भृगु तुंग के नाम से जाना जाता था. यह दर्रा मौसम में अचानक आने वाले बदलावों के कारण भी मशहूर है. पिछले कुछ समय से रोहतांग, पर्यटकों के बीच पसंदीदा ट्रैवल डेस्टिनेशन बन चुका है. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं.

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उत्तर में मनाली और दक्षिण में कुल्लू से 51 किलोमीटर दूर ये जगह मनाली-लेह के रास्ते में पड़ती है. इसे लाहौल और स्पीति जिलों का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है. यहां पर साल के लगभग पूरे समय बर्फ की  चादर बिछी रहती है. आइए जानते हैं इस जगह की खासियत के बारे में. आखिर क्यों यह जगह पर्यटकों से भरी रहती है. क्या कारण है कि लोग यहां सबसे अधिक जाना पसंद करते  हैं.



व्यास नदी का उदगम



रोहतांग पास से ही व्यास नदी का उदगम हुआ है. व्यास कुंड व्यास नदी के उदगम का स्थान है. यहां के कुंड के पानी का स्वाद अद्वितीय है. रोहतांग दर्रे के दक्षिण में व्यास कुंड बना हुआ है. कहा जाता है कि पौराणिक ग्रंथ महाभारत लिखने वाले महर्षि वेदव्यास जी ने यहां कठिन तपस्या की थी. उनकी स्मृति में ही यहां व्यास मंदिर भी बना हुआ है.

हिमालय पर्वत श्रृंखला के बड़े ही मनोरम दृश्य
इसके अलावा रोहतांग पास से हिमालय पर्वत श्रृंखला के बड़े ही मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं. यहां पर्वतों से नीचे की ओर बादल दिखाई पड़ते हैं जिन्हें आप आसानी से छू सकते हैं और उनकी खूबसूरती को अपने आंखों से महसूस कर सकते हैं. एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए यह बहुत ही खास डेस्टिनेशन है. यहां पर आप आईस स्कीइंग और ट्रैकिंग कर सकते हैं.

कब जाएं यहां घूमने
रोहतांग पास जाने के लिए सबसे अच्छा समय मई से अक्टूबर तक का होता है. वहीं, नवंबर से अप्रैल के बीच ज्यादातर समय खराब मौसम के चलते रोहतांग दर्रा बंद कर दिया जाता है. इसका संपर्क दूरे इलाकों से कट जाता है. रोहतांग दर्रा एक बर्फीली जगह है, इसलिए यहां जाने पर आप सर्दी में पहनने वाले कोट और जूते अपने साथ जरूर ले जाएं. आप चाहें तो मनाली-रोहतांग के रास्ते में किराये पर भी ओवर कोट और जूते ले सकते हैं. यहां एंडवेंचर राइट के लिए बाइक भी रेंट पर दी जाती है. वहीं कई लोग बाइक राइडिंग के जरिए रोहतांग होते हुए मनाली से लेह तक की यात्रा करते हैं जो कि एडवेंचरस होने के साथ साथ काफी खतरनाक भी है.

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कैसे पहुंचें और कहां रुकें?
रोहतांग पास जाने के लिए मनाली या कुल्लू से आप गाड़ी ले सकते हैं. अगर अपनी गाड़ी हो तो और भी अच्छा होता है. मनाली यहां से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर है. आपको बता दें कि रोहतांग पास में पर्यटकों के रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है. यह दर्रा सुबह 4 बजे पर्यटकों के लिए खुलता है और शाम 4 बजे बंद हो जाता है. इस बीच आप यहां घूम सकते हैं. यहां जाने के लिए आपको मनाली के किसी होटल में ठहरना होगा. रोहतांग पास जाने के लिए एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश सरकार से परमिट लेना पड़ता है.

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First published: March 11, 2020, 4:03 PM IST
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