लंबे समय तक रहना चाहते हैं जवां तो करें शीर्षासन, और भी हैं गजब के फायदे

छोटे-छोटे योगाभ्‍यास शरीर की स्‍ट्रेंथ को बढ़ाते हैं.

निरंतर योगाभ्‍यास (Yoga Practice) से उम्र का प्रभाव कम होता है. आंखों की रोशनी बढ़ती है और असमय बालों का सफेद होना रुक जाता है. वहीं ब्‍लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) भी बेहतर बना रहता है.

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आज के लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हाथों और पैरों को मजबूत बनाने वाले कई योगासन सिखाए गए. इसमें बताया गया कि छोटे-छोटे योगाभ्‍यास  (Yoga Practice) शरीर की स्‍ट्रेंथ को बढ़ाते हैं. वहीं ये थाई मसल्‍स को स्‍ट्रॉन्‍ग करने के लिए भी बहुत कारगर हैं. आज के इस लाइव सेशन में शीर्षासन, डॉल्फिन पोज आदि कई उपयोगी योगासन के बारे में भी बताया गया. इनके निरंतर योगाभ्‍यास से उम्र का प्रभाव कम होता है. इसके अलावा आंखों की रोशनी बढ़ती है और असमय बालों का सफेद होना रुक जाता है. वहीं ब्‍लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) भी बेहतर बना रहता है. इसके अलावा इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने में भी योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. साथ ही योगाभ्‍यास करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इन्‍हें धीरे-धीरे करना चाहिए. व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही योग करें.

शीर्षासन
शीर्षासन सिर के बल किया जाता है. इस आसन को हेडस्टैंड (Headstand) के नाम से भी जानते हैं. ये योगासन कई तरह से लाभ पहुंचाता है. शीर्षासन करने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों की रोशनी बढ़ाता है, असमय बालों का सफेद होना रोकता है. इसके अलावा दिल और सांस संबंधी समस्याओं में भी यह फायदेमंद होता है.



शीर्षासन के फायदे
शीर्षान करने से कई तरह के शारीरकि लाभ होते हैं. आंखों की रोशनी बढ़ाता है और असमय बालों का सफेद होना रोकता है.
यह मस्तिष्क कोशिकाओं में शुद्ध रक्त को बेहतर बनाता है.
शीर्षासन तनाव को कम करता है. टेंशन फ्री रहने के लिए शीर्षासन का अभ्‍यास करना फायदा देता है.
इसका निरंतर अभ्‍यास शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाने में मददगार होता है.
शीर्षासन पाचन को भी बेहतर बनाता है.

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मार्जरी आसन
मार्जरी आसन को अंग्रेजी में कैट पोज (Cat pose) के नाम से बुलाया जाता है. इसे कैट खिंचाव मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है. इस आसन को करने से रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों का लचीलापन बना रहता है. मार्जरी आसन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है. कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज के बारे में चर्चा करते हैं. यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

मार्जरी आसन के फायदे
रीढ़ की हड्डी को अधिक लचीला बनने में मदद करता है
पाचन क्रिया में सुधार करने में मदद करती है
रक्त परिसंचरण में सुधार करती है
पेट से अनावश्यक वसा को कम करने में मदद करता है
पेट को टोन करने में मदद करता है
तनाव को दूर करने में बहुत मदद करता है
मन को शांत करके मानसिक शांति प्रदान करता है
कंधे और कलाई दोनों को मजबूत बनाता है

पादहस्तासन
पादहस्तासन से शरीर को कई फायदे होते हैं. इससे निरंतर करने से शरीर का बैलेंस, पॉश्चर और फ्लेक्सिब्लिटी बनी रहती है. पादहस्तासन करने के लिए सीधा करते हुए खड़े हो जाएं. इसके बाद अपने दोनों हाथों को शरीर के पीछे की ओर ले जाएं. अब फिर वापस अपने हाथों को आगे की ओर लाएं. अब धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें. मगर ध्‍यान रहे आपके पांव सीधे रहने चाहिए. झुकने के दौरान अपने दोनों हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ने के साथ घुटनों को पकड़ें. इसके बाद धीरे-धीरे उठें और गहरी, लंबी सांस लें.

पादहस्तासन करने के फायदे
इस योगाभ्‍यास से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है
ये एकाग्र क्षमता को बढ़ाता है.
इसके निरंतर अभ्‍यास से पेट फूलने की शिकायत दूर होती है.
कब्‍ज दूर होता है और पाचन बेहतर रहता है.

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डॉल्फिन पोज
अर्ध पिंचा मयूरासन या डॉल्फिन पोज के लिए कंधों, ऊपरी पीठ और पैरों को फैलाया जाता है. इसे लगातार करने से पेट की चर्बी घटती है और बॉडी की स्‍ट्रेंथ बढ़ती है. इस मुद्रा के करने से कैलोरी बर्न होती है और शरीर संतुलित बना रहता है. साथ ही यह हाथ और पैरों को मजबूत बनाता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है.

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