जानें मेनोपॉज के बाद होने वाली हॉट फ्लैशेज दिक्कत के बारे में, कैसे करें इसे दूर

हॉट फ्लैशेज की दिक्कत से बचने के लिए पिएं ग्रीन टी-Image Credit/pexels-andrea-piacquadio

हॉट फ्लैशेज की दिक्कत से बचने के लिए पिएं ग्रीन टी-Image Credit/pexels-andrea-piacquadio

मेनोपॉज (Menopause) के बाद अक्सर महिलाओं को हॉट फ्लैशेज की दिक्कत होती है. ये दिक्कत शरीर में हॉर्मोन के असंतुलन (Hormone imbalance)और मानसिक तनाव (Mental stress) की वजह से होती है.

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महिलाओं को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जिसमें से एक है हॉट फ्लैशेज (Hot Flushes). ये दिक्कत तब आती है जब महिलाएं मेनोपॉज (Menopause) की स्थिति से गुज़र चुकी होती हैं. उस दौरान कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव शरीर में होते हैं और ये हॉट फ्लैशेज की दिक्कत भी एंडोक्राइन हार्मोन के असंतुलन और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाने की वजह से होती है. 1mg की खबर के अनुसार इसके दौरान शरीर में अचानक तेज गर्मी महसूस होती है, विशेष रूप (Specially) से चेहरे, गर्दन और चेस्ट पर. साथ ही चेहरा लाल हो जाना, पसीना ज्यादा आना और दिल की धड़कन तेज़ हो जा  ना जैसी दिक्कतें भी इस दौरान होती हैं. इससे बचने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकती हैं.



ग्रीन टी



हॉट फ्लैशेस से राहत पाने के लिए आप ग्रीन टी का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एक छोटा चम्मच ग्रीन टी को एक कप गर्म पानी में दो मिनट उबालें. इसको छानकर इसमें एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर इसका सेवन करें. ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो हॉट फ्लैशेस को कम करने में सहायक होते हैं.
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अदरक

अदरक भी आप इस दिक्कत को दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके लिए अदरक का छिलका उतार लें और इसको एक कप पानी में पांच मिनट तक उबाल लें. ठंडा होने पर इसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर रोज़ाना इसका सेवन करें. अदरक एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होती है जो  हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करती है.

पुदीना

हॉट फ्लैशेस की दिक्कत से बचने के लिए लिए आप पुदीना भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके लिए पुदीने की दो-तीन बूंद को रूमाल में डालकर रोज़ाना सूंघें. पुदीने में सूथिंग गुण होता है जो शरीर के तापमान और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने में मदद करता है.

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नारियल तेल

हॉट फ्लैशेस होने की वजहों में एक वजह मानसिक तनाव भी है. इसको कम करने से भी हॉट फ्लैशेस की दिक्कत से बचा जा सकता है. इसके लिए सोने से पहले सप्ताह में दो-तीन बार नारियल के तेल से शरीर की मालिश करें. नारियल के तेल में काफी मात्रा में फैटी एसिड और एंटी इंफ्लामेटोरी गुण पाया जाता है जो बॉडी टेम्प्रेचर और स्ट्रेस को कम करता है.

सेब का सिरका

हॉट फ्लैशेस न होने पाए इसके लिए सेब का सिरका भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक गिलास सादे पानी में, एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर इसका सेवन करें. इस प्रक्रिया को रोज़ाना एक बार दोहराएं. इस सिरके में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं.
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