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कोविड-19 का स्ट्रेस बना पीरियड्स की बड़ी परेशानी...

कोराना ने सबकुछ बदल डाला है, रहन-सहन से लेकर खानपान तक तो महिलाओं का मेंस्ट्रूअल साइकल भी इससे अछूता नहीं रहा.

महिलाएं कोविड-19 (Covid-19) के स्ट्रेस (Stress) की वजह से मेंस्ट्रूअल साइकल (Menstrual Cycle)में अनियमितताएं महसूस कर रही हैं. इनमें कोविड से उबरने वाली महिलाएं ही नहीं बल्कि इस दौरान सेहतमंद रहने वाली महिलाएं भी शामिल हैं.

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    जब से कोराना का दौर चला है उसके कुछ टाइम बाद से ही मेरे पीरियड्स (Periods) में अनियमिताएं होनी शुरू हो गई हैं. पहले मैं ऑफिस जाती थी तो चलना-फिरना होता रहता था. सारा -सारा दिन घर में रहने से स्ट्रेस हो जाता था. मेरा वजन भी अधिक है इससे भी मुझे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. अब कभी वक्त पर पीरियड्स नहीं आते पूरा साइकल ही गड़बड़ा गया है- यह कहना है अल्मोड़ा उत्तराखंड की 34 साल की ममता का ( बदला हुआ नाम) का और ये कहानी केवल एक ममता की ही नहीं बल्कि इस दौर में हर दूसरी महिला और लड़की को ये परेशानी है. कोराना ने सबकुछ बदल डाला है, रहन-सहन से लेकर खानपान तक तो महिलाओं का मेंस्ट्रूअल साइकल (Menstrual Cycle) भी इससे अछूता नहीं रहा. सब जानते हैं कि इस वक्त महिलाओं को दोनों तरफ जूझना पड़ा है. परिवार की आर्थिक स्थिति, घर के सदस्यों के सेहत की चिंता, बच्चों की ऑनलाइन क्लास, घरेलू काम और अगर कामकाजी हैं तो फिर वर्क फ्रॉम का स्ट्रेस. यहां हम ऐसी वजहों और उनके प्रभावों के बारे में बात करेंगे.

    रिप्रोडेक्टिव सिस्टम पर पड़ा प्रभाव

    अध्ययनों में सामने आया है कि महिलाओं और बच्चों में कोरोना वायरस का असर कम रहा है. लेकिन लंबे वक्त के लिए इसके कॉम्पलिकेशन्स का खतरा महिलाओं को अधिक है. ऐसी कई केस हिस्ट्रीज हैं, जिनमें महिलाओं और युवतियों ने स्वीकार किया है कि कोविड-19 काल में उनके पीरियड्स साइकल में बदलाव आया है. इससे कोई अनजान नहीं कि इस दौरान महिलाओं की मेंटल हेल्थ प्रभावित हुई है और इसके अलावा उनके रिप्रोडेक्टिव सिस्टम पर भी प्रभाव पड़ा है.

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    क्या कहती हैं रिपोर्ट्सः

    मेडिकल न्यूज टुडे में पब्लिश हुई रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन महिलाओं को कोविड होने के बाद मेंस्ट्रूअल साइकल में दिक्ततें आईं, उन्हें  मेंटल स्ट्रेस जैसी परेशानियों से भी दो-चार होना पड़ा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह का स्ट्रेस महिलाओं के रिप्रोडेक्टिव सिस्टम पर लंबे वक्त तक असर कर सकता है.  डॉक्टर्स का मानना है कि मेंस्ट्रूअल साइकल में दिक्कतें स्ट्रेस और एंग्जाइटी (Anxiety) की वजह से पेश आ रही हैं. अचानक ट्रेवल करना, ऑफिस की डेडलाइन पूरा करना, भावनात्मक परेशानी स्ट्रेस की अहम वजह है. इस महामारी और लॉकडाउन से पैदा हुए स्ट्रेस का सबसे अधिक असर महिलाओं पर हुआ.

    कोविड काल का महिलाओं पर असरः

    पीरियड्स का अनियमित होना, पीरियड्स मिस होना, हैवी ब्लीडिंग (Heavy Bleeding) होना.

    मूड स्विंग्स (Mood Swings) का बढ़ जाना.

    मेंटल हेल्थ का प्रभावित होना.(Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Published by:user_2167
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