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पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ मैनेजमेंट होता है मुश्किल, महिलाएं इन 5 बातों को अपनाकर बनाएं वर्क बैलेंस

हर काम की बॉउंड्री सेट करना है ज़रूरी

हर काम की बॉउंड्री सेट करना है ज़रूरी

महिलाएं मल्टी टास्किंग होती हैं. इस बात को मानते हुए लोग इसे नॉर्मल मानने लगते हैं और यहीं से शुरू होती है महिलाओं की म ...अधिक पढ़ें

महिलाएं मल्टी टास्क करती हैं. खुद का करियर बनाने की बात हो या फिर घर की ज़िम्मेदारियों को संभालना, उनकी कोशिश रहती है कि वे हमेशा अपना बेस्ट दें. शायद यही वजह है कि लोगों को उनका महिलाओं का बेहिसाब काम करना नॉर्मल लगता हो. वहीं महिलाओं की बात करें, तो उन्हें भी प्रोफेशन और पर्सनल लाइफ में भी पिछड़ने का डर होता है. शायद यही वजह है कि खुद की थकान और परेशानी को नज़रअंदाज़ करते हुए महिलाएं अपनी ज़िम्मेदारियां निभाती चली आ रही हैं.

इस लगातार के बिज़ी शिड्यूल से महिलाओं को शारीरिक थकान तो होती ही है, साथ ही साथ उन्हें मानसिक थकान से भी जूझना पड़ता है. यह उन्हें कमज़ोर और बीमार बनाता है. ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि वर्किंग वुमन होते हुए आप कैसे अपनी पर्सनल लाइफ को बेहतर बनाते हुए खुश रह सकती हैं. आइए जानते हैं आपको अपनी लाइफ में किन बातों पर ध्यान देने की ज़रूरत है.

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हर काम को अपनी ज़िम्मेदारी न समझें – पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दो अलग-अलग दुनिया हैं. इनमें बैलेंस बनाने के लिए ज़रूरी है कि आप दोनों के बीच प्रायोरिटी सेट करें. घर के कुछ काम ऐसे होते हैं, जिन्हें हम ज़बरदस्ती कर रहे होते हैं. ऐसे में उन ज़िम्मेदारियों को किसी और को सौंपे. इससे आप कुछ हद तक खुद के लिए टाइम निकाल सकेंगे और ऑफिस में काम करते हुए घर की चिंता करने से बचेंगे.

मी टाइम को अनदेखा न करें – ग्रेटिस्ट के मुताबिक पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में आप तभी अच्छा मैनेजमेंट बना सकेंगी, जब मी टाइम निकालेंगी. इस दौरान आप सिर्फ खुद की फ़िक्र करें और खुद को खुश रखने की कसर न छोड़ें. अगर आप मेंटली खुश और स्टेबल महसूस करेंगी, तो दोनों लाइफ के बीच कोर्डिनेशन बेहतर बनेगा.

अपनी पसंद का काम करें – अगर आप करियर में आगे बढ़ना चाहती हैं, तो अपनी पसंद का काम ढूंढें. इससे आप काम को बोझ कम और उसकी खुशी ज़्यादा महसूस कर पाएंगी. इसके साथ-साथ आपका काम लगातार आसान बनता चला जाएगा और  दोनों लाइफ के बीच बैलेंस बनाने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी.

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बॉउंड्री सेट करना है ज़रूरी – अगर आप काम और पर्सनल लाइफ के बीच खुश रहना चाहती हैं, तो दोनों के बॉउंड्री सेट करें। ऑफिस ऑवर के बाद दफ्तर के काम न करें, न ही काम करते हुए घर की चिंताओं में डूबें. ये आदतें हमारा मेंटल पीस खत्म करती हैं.

ज़रूरत पड़ने पर मदद मांगें – अगर आपको कभी भी दोनों लाइफ के बीच कोर्डिनेशन में समस्या आ रही हो, तो को-वर्कर या घर सदस्यों से मदद मांगने में संकोच न करें. मदद लेकर आप अपने शरीर और दिमाग को आराम दे सकेंगी, जो बेहतर वर्क और पर्सनल लाइफ बैलेंस के लिए ज़रूरी है.

Tags: Lifestyle

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