Work From Home: क्या होता है स्ट्रेस ईटिंग, क्या है इससे बचने के उपाय

Work From Home: क्या होता है स्ट्रेस ईटिंग, क्या है इससे बचने के उपाय
मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान लोग तरह-तरह के बीमारी की शिकायत कर रहे हैं.

लॉकडाउन की वजह से बहुत से लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. ऐसे में एक निर्धारित जगह में ही रहना, असमय खाना-पीना और वर्क प्रेशर के कारण लोग अपने हेल्थ को लेकर चिंतित भी हो रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 8:56 PM IST
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कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए देशभर में लॉकडाउन जारी है. लॉकडाउन की वजह से बहुत से लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. ऐसे में एक निर्धारित जगह में ही रहना, असमय खाना-पीना और वर्क प्रेशर के कारण लोग अपने हेल्थ को लेकर चिंतित भी हो रहे हैं. वहीं कई लोग पूरे दिन बिस्कुट, चिप्स और स्नैक आइटम को खाते हुए ही घर पर काम कर रहे हैं. ऐसे में लगातार काम करते हुए खाते रहना स्ट्रेस ईटिंग का संकेत हो सकता है. वहीं कुछ कुछ लोग स्ट्रेस में खाना छोड़ भी देते हैं. उन्हें भूख ही नहीं लगती है. स्ट्रेस ईटिंग हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. यह कई प्रकार की बीमारियों का भी शिकार बना सकता है.

स्ट्रेस को कम करने के लिए कुछ न कुछ खाते रहना
स्ट्रेस ईटिंग एक प्रकार की मानसिक स्थिति है जिसमें इंसान मन ही मन चिंता में रहता है और अपने स्ट्रेस को कम करने के लिए कुछ न कुछ खाते रहता है. वहीं कई लोग अपने विचार और भावनाओं को बदलने के लिए खाने को आसान तरीके के रूप में चुनते हैं. Elemental Medium की खबर के अनुसार विचारों से मुकाबला करने के लिए वो खाते जाते हैं. भूख कितनी है और कितना खा रहे हैं, इस सब की परवाह बिल्कुल भी नहीं करते हैं. वहीं कुछ लोग स्ट्रेस में रहते हुए बिल्कुल नहीं खाते. दरअसल न खाने की परंपरा बहुत पहले से ही है. पहले के समय जब युद्ध का खतरा मंडरा रहा होता था तो राजा और प्रजा चिंतित हो जाते थे और खानपान से सबका ध्यान भटक जाता था. दरअसल उन लोगों को मानना था कि चिंता रहते हुए एक जगह पर बैठकर भाजन ग्रहण करना संभव नहीं है. वहीं आज भी स्ट्रेस के चलते लोगों की भूख खत्म हो जाती है. उन्हें कुछ भी खाने का मन नहीं करता है.

स्ट्रेस ईटिंग में लोग जंक फूड्स क्यों खाते हैं?
स्ट्रेस ईटिंग के दौरान इंसान अक्सर आराम से खाए जाने वाले पदार्थों का चयन करता है. ऐसे में वह जंक फूड, डेसर्ट और पेय पदार्थ का सेवन करना पसंद करते हैं. इन पदार्थों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जो ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ा देता है. वैसे खाने में तो यह फूड भले ही अच्छे लगते हों लेकिन यह ब्लड प्रेशर और वजन को भी बढ़ा देता है. इसके अलावा ऐसे फूड से भूख खत्म नहीं होती बल्कि भूख और बढ़ जाती है.



स्ट्रेस ईटिंग के नुकसान
स्ट्रेस ईटिंग स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित करता है. इसकी वजह से मोटापा, मूड स्विंग और डायबिटीज की समस्या हो सकती है. वहीं लगातार खाने के कारण लोग आत्मअपराध की भावना से भी जूझते रहते हैं. दरअसल स्ट्रेस ईटिंग में आप जैसे-जैसे खाते जाते हैं आपको अपने इस काम पर पछतावा होता रहता है. यह चिंता या स्ट्रेस के जोखिम को बनाए रखता है.

स्ट्रेस ईटिंग से बचने के उपाय
अगर आप घर से काम कर रहे हैं तो एक सही कार्यस्थल का चयन जरूर करें और आसपास किसी भी तरह की खाने-पीने की चीज न रखें. खासतौर पर जंक फूड से तो दूरी बनाकर ही रखें.

अक्सर लोग घर से काम करते हुए दिनचर्या का पालन नहीं करते हैं. ऐसा करने से बचें. अपने सारे काम रूटीन में करें

घर पर हैं तो नियमित अंतराल पर हेल्दी खाना खाएं.

खाना खाने के दौरान टेलीविजन, फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल से बचें. मन लगाकर खाना खाएं. मन से खाने खाने से आपका पेट भरेगा और आपको बार-बार भूख भी नहीं लगेगी.

किसी भी चीज को संयम से खाएं. हो सकता है आप आसानी से स्ट्रेस ईटिंग की लत न छुड़ा पाएं. ऐसे में आपको सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है.

भूख लगने पर आप ओट्स खा सकते हैं. इसमें मौजूद सेरोटोनिन दिमाग को शांत करता है.

साबुत अनाज और अन्य कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स खा सकते हैं. इससे डायबिटीज की समस्या का खतरा कम होता है.

विटामिन-सी युक्त फल तनाव को कम करने के काम आते हैं. पालक और फैटी फिश भी काफी कारगर है.

ब्लैक-टी पीने से कॉर्टिसोल हॉर्मोन का स्राव कम हो जाता है. घर में काम करते समय सूखे मेवे साथ रखें और तनाव होने पर उन्हें जरूर खाएं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
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