World Book Day 2021: इसलिए मनाया जाता है विश्‍व पुस्‍तक दिवस, जानिए इसका महत्‍व

विश्‍व पुस्‍तक दिवस 2021: किताबें बीते कल का आईना और भविष्‍य की मार्गदर्शक हैं.

विश्‍व पुस्‍तक दिवस 2021: किताबें बीते कल का आईना और भविष्‍य की मार्गदर्शक हैं.

World Book Day 2021: किताबें हमारी पथ प्रदर्शक बन कर न सिर्फ हमें ज्ञान की राह दिखाती हैं, बल्कि अकेलेपन में ये दोस्‍त बन कर साथ भी निभाती हैं. इन्‍हें इतिहास (History) और भविष्य (Future) के बीच एक पुल की तरह माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 6:45 PM IST
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World Book Day 2021: दुनिया भर में हर साल 23 अप्रैल को विश्‍व पुस्‍तक दिवस (World Book Day) मनाया जाता है. यह दिवस किताबों को समर्पित है. किताबें हमारी पथ प्रदर्शक बन कर न सिर्फ हमें ज्ञान की राह दिखाती हैं, बल्कि अकेलेपन में यह दोस्‍त बन कर साथ भी निभाती हैं. इस दिवस को मनाने की एक वजह लोगों में किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना भी है. आज जबकि एक बार फिर कोरोना वायरस का संक्रमण (Coronavirus Infection) तेजी से फैल रहा है और लोगों को एक बार फिर सोशल डिस्‍टेंसिंग के लिए विवश होना पड़ रहा है, ऐसे समय में इनकी अहमियत और भी बढ़ जाती है. लॉकडाउन (Lockdown) के अकेलेपन में किताबें मनोरंजन के साथ जानकारी का अहम जरिया भी हैं.

जानें क्‍या है इसका महत्‍व

हर साल 23 अप्रैल को 'विश्व पुस्तक दिवस' मनाया जाता है. इसे विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस (World Book and Copyright Day) भी कहा जाता है. दुनिया भर में किताबों के महत्व को दर्शाने के लिए विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाता है. देखा जाए तो किताबों को हमारे जीवन में बहुत महत्‍व है. इन्‍हें इतिहास और भविष्य के बीच एक पुल की तरह माना जाता है. इस खास दिन यूनेस्को और इसके अन्‍य सहयोगी संगठन आगामी वर्ष के लिए 'वर्ल्ड बुक कैपिटल' का चयन करते हैं. इसका मकसद यही होता है कि अगले एक साल के लिए किताबों के इर्द-गिर्द होने वाले कार्यक्रम आयोजित हों. दुनिया भर मे वर्ल्‍ड बुक डे मनाने का उद्देश्‍य यही है कि लोग किताबों की अहमियत को समझें. किताबें हमारे बीते हुए कल का आईना हैं और हमारे भविष्‍य के लिए मार्गदर्शक की तरह हैं. ऐसे में हमारे जीवन में इनका महत्‍व कम नहीं है.

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यह है उद्देश्‍य

यूनेस्‍को ने 23 अप्रैल, 1995 को इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी. इस दिवस के जरिए यूनेस्को का उद्देश्य होता है कि दुनिया भर के लोगों के बीच साक्षरता को बढ़ावा दिया जाए. साथ ही सभी तक शैक्षणिक संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करना होता है. इनमें खास तौर से लेखक, प्रकाशक, शिक्षक, लाइब्रेरियन, सार्वजनिक और प्राइवेट संस्थाओं, मानव अधिकारों को बढ़ावा देने वाले NGO आदि शामिल होते हैं.
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