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World Diabetes Day 2019: दिमाग के लिए खतरनाक है ये बीमारी, ऐसे होता है असर

News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 3:24 PM IST
World Diabetes Day 2019: दिमाग के लिए खतरनाक है ये बीमारी, ऐसे होता है असर
डायबिटीज से दिमाग पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, जिससे डिमेंशिया होने का खतरा भी रहता है.

डायबिटीज अपने आप में एक बहुत बड़ी बीमारी है. इससे पीड़ित लोगों का दिमाग सिकुड़ने लगता है. साथ ही उनकी मेमोरी भी कमजोर होने लगती है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 3:24 PM IST
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आजकल की आधुनिक लाइफस्टाइल में दुनिया भर में काफी संख्या में लोग डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार बीते कुछ सालों में डायबिटीज के चलते करीब 1.6 मिलियन लोगों की मौत हो चुकी है. ये बीमारी लगातार लोगों को अपने चपेट में ले रही है. चिकित्सकों की मानें तो इस बीमारी का एक और गंभीर परिणाम सामने आ रहा है. दरअसल डायबिटीज की बीमारी आपके दिमाग को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है.

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मेमोरी कमजोर होने लगती है
आपको बता दें कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों का दिमाग सिकुड़ने लगता है. साथ ही उनकी मेमोरी भी कमजोर होने लगती है. ये बात कुछ दिनों पहले ही एक शोध में सामने आई थी. शोधकर्ताओं ने पाया है कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित बुजर्गों में 5 वर्षों में ही मेमोरी कमजोर होने लगती है और उन्हें बोलने में भी दिक्कत होती है. स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों की उम्र 68 के आस-पास थी, उन लोगों का दिमाग डायबिटीज के कारण बहुत पहले से ही डैमेज होना शुरू हो चुका था.

दिमाग पर बहुत बुरा असर पड़ता है
डायबिटीज अपने आप में एक बहुत बड़ी बीमारी है. इससे किडनी, हार्ट, आंखें और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है. यूनिवर्सिटी ऑफ तस्मानिया द्वारा हुई स्टडी में बताया गया है कि डायबिटीज से दिमाग पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, जिससे डिमेंशिया होने का खतरा भी रहता है. वहीं डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक अवस्था है, जो कि डायबिटीज के निदान के दौरान हो सकती है. डिप्रेशन के चलते दुख की भावना होती है और जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है.

डायबिटीज में आता है ज्यादा गुस्सा
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डायबिटीज को कंट्रोल करने से इसमें सुधार हो सकता है. गुस्सा डायबिटीज की एक आम प्रतिक्रिया है. डायबिटीज के निदान से गुज़र रहे लोग अक्सर यह सोचते हैं कि भला वो क्यों अधिक गुस्सा करते हैं, जबकि उनके साथ वाले अन्य लोगों को ऐसा नहीं लगता है. इनकार की भावना भी डायबिटीज निदान के समय महसूस की जानी वाली एक आम भावना है.

डायबिटीज में डर एक सामानन्य प्रतिक्रिया

डिनायल एक मुश्किल भावना है. ये तब होती है, जब कोई इंसान ये मानने को राजी ही नहीं होता कि उसे किसी प्रकार की कोई समस्या है. डर, डायबिटीज के साथ होने वाली एक सामान्य प्रतिक्रिया है. डर तब पैदा होता है, जब डायबिटीज के कारण भविष्य में हो सकने वाली गंभीर समस्याओं और उनसे होने वाले नुकसान का ख्याल दिमाग में आता है. डायबिटीज एक गंभीर स्थिति है और इसे नियमित रूप से प्रबंधन की आवश्यकता होती है. ऐसे में डर का होना भी स्वभाविक है.

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सुबह जल्दी उठें और एक्सरसाइज करें

डायबिटीज से पूरी तरह मुक्ति मुमकिन नहीं है मगर कुछ जरूरी काम कर इससे बचा जा सकता है. डायबिटीज मरीजों को जरूरी रूप से जो काम सबसे पहले करना चाहिए वो यह कि उन्हें अपनी लाइफ की डेली रूटीन में कुछ बदलाव करने चाहिए. इसमें सुबह जल्दी उठना और नियमित एक्सरसाइज करना शामिल है. इसके अलावा उन्हें आलस्य का त्याग कर स्वस्थ्य और सक्रिय लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 13, 2019, 3:24 PM IST
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