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World Post Day 2020: विश्व डाक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व

विश्व डाक दिवस क्यों मनाया जाता है जानें

विश्व डाक दिवस (World Post Day 2020) हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह तिथि बर्न, स्विट्जरलैंड में 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना की याद में निर्धारित की गई है.

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विश्व डाक दिवस ( World Post Day) को स्विट्जरलैंड के बर्न में 1874 ईस्वी में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना की याद में मनाया जाता है. इस तिथि को 1969 ईस्वी में जापान के टोकियो में आयोजित यूपीयू कांग्रेस में विश्व पोस्ट दिवस के रूप में आयोजित किये जाने के लिए चुना गया था.
संचार के सबसे पुराने साधन के रूप में डाक पद्धति को जाना जाता है. यह सेवा बहुत लम्बे समय से मौजूद है. हालाँकि वर्तमान में भले ही हमारे पास संचार के नए साधन उपलब्ध हैं लेकिन संचार पद्धति के लिए यह लोगों को उस समय की याद दिलाता है जब लोग पत्रों का आदान-प्रदान करते थे.

विश्व डाक दिवस कब मनाते हैं?
विश्व डाक दिवस हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह तिथि बर्न, स्विट्जरलैंड में 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना की याद में निर्धारित की गई है.

विश्व डाक दिवस 2020, इतिहास और महत्व
विश्व डाक दिवस का इतिहास 1840 से पहले का है. इंग्लैंड में, सर रोलैंड हिल ने इस संदर्भ में एक प्रणाली की शुरुआत की जिसके माध्यम से पत्रों के पोस्ट किये जाने की शुरुआत की गयी और उस पर शुल्क लिया गया. इसी तरह घरेलू स्तर पर किये जाने वाले सभी पत्रों पर दूरी के आधार पर शुल्क लिए जाने लगे. साथ ही शुल्क को निर्धारित करने के लिए वजन को भी एक मानक बनाया गया. उसने सर्वप्रथम दुनिया के पहले डाक टिकट की भी शुरुआत की.

हालांकि, 1863 में संयुक्त राज्य अमेरिका के पोस्टमास्टर जनरल मोंटगोमरी ब्लेयर नें पेरिस में एक सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें 15 यूरोपीय और अमेरिकी देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया और पोस्टल सेवा से जुड़े कई सारे अहम् मुद्दों पर आपसी विचार-विमर्श किया के बाद कई सामान्य सिद्धांतों को मानने लिए बातचीत की. लेकिन इस सम्मलेन में अंतरराष्ट्रीय डाक समझौते के लिए कुछ भी स्थापित नहीं किया जा सका गया था.

बर्न(1874) में हेनरिक वॉन स्टेपहान जोकि उत्तर जर्मन परिसंघ के एक वरिष्ठ डाक अधिकारी थे ने एक अंतरराष्ट्रीय डाक यूनियन के लिए एक योजना तैयार की. उनके सुझाव के आधार पर, स्विस सरकार ने 15 सितंबर 1874 को बर्न में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें 22 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था.

उसी वर्ष 9 अक्टूबर को, विश्व डाक दिवस की शुरुआत जनरल पोस्टल यूनियन के द्वारा की गई थी. 1878 में, इसका नाम बदलकर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कर दिया गया. 1874 में हस्ताक्षरित बर्न की संधि ने पत्रों के आदान प्रदान के लिए एक एकल पोस्टल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं और नियमों को व्यवस्थित करने में सफलता प्राप्त की.

इस दिन को कैसे मनाया जाता है?
यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन ने अपने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा है कि इस वर्ष विश्व डाक दिवस का उत्सव वस्तुतः होगा. अपने ट्विटर अकाउंट प् लिखा है #SaveTheDate: 9 अक्टूबर 2020, विश्व डाक दिवस के आभासी उत्सव में शामिल हों! 10:30 बजे सीईटी में समारोह देखने के लिए हम सभी को आमंत्रित करते हैं.

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