World Wildlife Day 2021: आज मनाया जा रहा है 'विश्व वन्यजीव दिवस', ये हैं भारत की टॉप 5 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी

1872 में वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट पारित हुआ था. Image Credit : Pixabay

1872 में वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट पारित हुआ था. Image Credit : Pixabay

World Wildlife Day 2021: विश्व वन्यजीव दिवस को मनाने का उद्देश्‍य दुनिया भर में तेजी से विलुप्त हो रही वनस्पतियों और जीव जन्तुओं की प्रजातियों की सुरक्षा के लिए लोगों में जागरूकता (Awareness) पैदा करना है.

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  • Last Updated: March 3, 2021, 12:38 PM IST
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World Wildlife Day 2021: हर साल पूरी दुनिया में 3 मार्च को 'विश्व वन्यजीव दिवस' के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य दुनियाभर में तेजी से विलुप्त हो रही वनस्पतियों और जीव जन्तुओं की प्रजातियों की सुरक्षा के लिए लोगों में जागरूकता (Awareness) पैदा करना है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2013 को अपने 68वें सत्र में आज के दिन यानी 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (World Wildlife Day) घोषित किया था. वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सबसे पहले 1872 में जंगली हाथी संरक्षण अधिनियम (वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट) पारित हुआ था. तब से आज तक हर साल इस दिन को पूरी दुनिया में वन्‍य जीव को संरक्षित करने के और इसके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्‍य से सेलेब्रेट किया जाता है.

इस साल की क्‍या है थीम

संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से हर साल विश्‍व वन्‍यजीव दिवस पर थीम दी जाती है. इस साल की थीम है “फॉरेस्‍ट एंड लाइवलीहुड, सस्‍टेनिंग पीपल एंड प्‍लैनेट”. इस थीम के माध्‍यम से हमारे जीवन में जंगलों के महत्‍व और धरती के इको सिस्‍टम की इस पर निर्भरता को दर्शाया जा रहा है. बता दें कि बीते साल 2020 में विश्व वन्यजीव दिवस की थीम 'पृथ्वी पर जीवन कायम रखना' रखी गई थी. जबकि 2019 में 'पानी के नीचे जीवन: लोगों और ग्रह के लिए'  की थीम पर विश्व वन्यजीव दिवस को सेलेब्रेट किया गया था.



भारत के पांच प्रमुख वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुरी जहां वन्‍य जीव और जंगलों को किया जा रहा है संरक्षित
भारत में अगर वन्‍य जीवों और वन्‍य जीवन के संरक्षण की बात की जाए तो यहां कई वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुरी हैं जहां इनके संरक्षण का काम बखूबी किया जा रहा है. दुनियाभर के पर्यटक यहां बाघ, टाइगर, हाथी, गैंडे जैसे विलुप्‍त हो रहे जीवों को नजदीक से देखने के लिए आते हैं. आइए जानते हैं भारत के उन पांच प्रमुख वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुरी के बारे में जहां दुनियाभर से लोग वाइल्‍ड लाइफ का रोमांच महसूस करने के लिए आते हैं.

1.जिम कार्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क कुमायूं पहाड़ियों के अद्भुत प्राकृतिक दृश्यों से घिरे जंगल और रामगंगा नदी के किनारे बसा है. इसे भारत में सबसे पुराना नेशनल पार्क कहा जाता है. यह देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्वों में से एक है. पहले यह पार्क (उद्यान) रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता था, लेकिन साल 1955-56 में इसका नाम कॉर्बेट नेशनल पार्क (कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान) रखा गया. कॉर्बेट में आपको वन्यजीवों की कई प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी जैसे बाघ, तेंदुआ, हाथी, चीतल, हिरण जंगली सुअर, बंदर और सियार आदि. इसके अलावा यहां अजगर और सांपों की भी कई प्रजातियां हैं. साथ ही, 150 पेड़ों की प्रजातियां, 50 स्‍तनधारी जीवों की प्रजातियां, 550 से ज्‍यादा पक्षियों की प्रजातियां भी मिलती हैं यहां.

2.रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान

रणथंभौर राष्ट्रीय अभ्यारणय अपनी खूबसूरती, विशाल क्षेत्र और बाघों की मौजूदगी के कारण दुनियाभर में फेमस है. यहां पर्यटक वन्यजीवों को प्राकृतिक माहौल में देखकर काफी रोमांचित होते हैं. यह नेशनल पार्क देश के बेहतरीन बाघ आरक्षित क्षेत्रों में से एक माना जाता है. यहां बाघ के अलावा चीते, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली और लोमड़ी भी पाई जाती है. जानवरों के अलावा यहां पक्षियों की लगभग 264 प्रजातियां देखी जा सकती हैं. रणथंभौर को भारत सरकार द्वारा 1955 में सवाई माधोपुर खेल अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व में से एक घोषित किया गया था.

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साल 1980 को रणथंभौर नेशनल पार्क के रूप में इसे विकसित किया गया. बता दें कि साल 1984 में यहां के आसपास के जंगलों को सवाई मान सिंह अभ्यारण्य और केलादेवी अभयारण्य घोषित किया गया था. जबकि साल 1992 में केलादेवी अभयारण्य और सवाई मानसिंह अभयारण्य सहित आस पास के अन्य जंगलों को मिलाकर इस पूरे जगह का टाइगर रिजर्व के रूप में विस्तार किया गया. आज यह 1334 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला एरिया बन चुका है.

3.बांधवगढ़ अभयारण्य, मध्य प्रदेश

बांधवगढ़ अभयारण्य को साल 1968 में नेशनल पार्क घोषित कर दिया गया था. आज यह भारत का एक प्रमुख नेशनल पार्क है. 448 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पार्क में बांधवगढ़ नाम का एक पहाड़ स्थित है, जिसके नाम से ही इसका नाम रखा गया है. 811 मीटर ऊंचे इस पहाड़ के पास कई छोटी बड़ी पहाड़ियां हैं जिस पर उगे साल और बांस के वृक्ष प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित यह नेशनल पार्क अपने बाघों के लिए विश्व भर में जाना जाता है. अगर आप बाघों को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं तो यहां जरूर जाएं.

4.काजीरंगा नेशनल पार्क, असम

काजीरंगा नेशनल पार्क दुनियाभर में एक सींग वाले गैंडे (राइनोसेरोस, यूनीकोर्निस) के लिए फेमस है. काजीरंगा नेशनल पार्क यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों की सूची में भी शामिल है. असम का यह एकमात्र नेशनल पार्क है जो जानवरों के अलावा उबड़-खाबड़ मैदानों, लंबी-ऊंची घासों, आदिवासियों और दलदलों के लिए जाना जाता है. कुल 430 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पार्क में विभिन्न प्रजातियों के बाज, चीलें और तोते आदि भी पाए जाते हैं.
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5.सुंदर वन राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में गंगा नदी के सुंदर वन डेल्टा क्षेत्र में स्थित है सुंदरवन नेशनल पार्क. यह नेशनल पार्क रॉयल बंगाल टाइगर के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. यह नेशनल पार्क मैंग्रोव (सुंदरी) जंगल से घिरा है जहां नमकीन पानी में रहने वाले मगरमच्छ भी पाए जाते हैं. बता दें कि सुंदरवन नेशनल पार्क 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिजर्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र  और 1977 में वन्य जीव अभयारण्य घोषित हुआ था. बाद में 1984 में इसे नेशनल पार्क घोषित किया गया.
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