रोज़ करेंगे तो सर्दी-ज़ुकाम नहीं होने देंगे ये योगासन

जुकाम की अवस्था में गरम नमकीन पानी के गरारे करें.

News18Hindi
Updated: January 14, 2018, 11:28 AM IST
रोज़ करेंगे तो सर्दी-ज़ुकाम नहीं होने देंगे ये योगासन
योगासन
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Updated: January 14, 2018, 11:28 AM IST
योग शरीर और मन को संतुलित और क्रियाशील रखता है. इसके नियमित से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियां जल्दी से नहीं होतीं.  कुछ योगासनों का लगातार अभ्यास करें तो  सर्दी-जुकाम से बचा सकता है.

शुरुआत में सूक्ष्म व्यायाम, पवनमुक्तासन, वज्रासन, शशांकासन, मेरुवक्रासन, धनुरासन, भुजंगासन जैसे योगासन करें. शरीर की क्षमता में वृद्धि होने पर सुप्त वज्रासन, ताड़ासन, त्रिकोनासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन को करें.

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास सर्दी-जुकाम, खांसी की आशंका कम करता है.

प्राणायाम- सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार (वायरल) आदि के ठीक होने पर सरल कपालभाति तथा नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

जुकाम, सर्दी तथा वायरल की स्थिति में फल के साथ-साथ हल्का सुपाच्य भोजन लें.

मौसमी सब्जियों का गरम सूप लें. विटामिन ए और सी युक्त आहार लेना चाहिए.

जुकाम की अवस्था में गरम नमकीन पानी के गरारे करें.
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अर्धमत्स्येन्द्रासन भी कर सकते हैं. इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर फैला कर जमीन पर बैठ जाएं. बाएं पैर को घुटने से मोड़ कर इसकी एड़ी को दाएं नितम्ब के नीचे रखें. अब दाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए इसके घुटने को छाती की तरफ रखें तथा पंजे को बाएं घुटने के पार जमीन पर रखें. इसके बाद बाएं हाथ को दाएं घुटने के पार रखते हुए उसके पंजे को पकड़ने का प्रयास करें. सिर तथा धड़ को यथासंभव दायीं ओर मोड़ें. यह अर्धमत्स्येन्द्रासन की अंतिम अवस्था है. इस स्थिति में आरामदायक अवधि तक रुक कर वापस पूर्व स्थिति में आएं. यही क्रिया दूसरी तरफ भी करें.
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