Yoga Session: कोरोना काल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करें ये योग, सीखें सविता यादव से

योगाभ्‍यास करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और बीमारियों से बचाव रहता है.

योगाभ्‍यास करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और बीमारियों से बचाव रहता है.

Yoga Session: बॉडी की क्षमता के अनुसार ही योगाभ्‍यास करें. इनसे शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम भी बेहतर रहता है. ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में एक घंटा योग जरूर करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 11:22 AM IST
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Yoga Session- आज के योग सेशन में शरीर की इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत करने वाले आसनों के बारे में जानकारी दी गई और सिखाया गया. कोरोना (Corona) एक बार फिर से बढ़ रहा है. ऐसे में किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि शरीर की इम्यूनिटी मजबूत हो. इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए जहां हेल्दी डाइट (Healthy Diet) जरूरी है, वहीं नियमित तौर पर योगाभ्‍यास भी करना चाहिए. योगाभ्‍यास करने से शरीर में एनर्जी का संचार होता है और कई तरह की बीमारियों से बचाव रहता है. आज के फेसबुक लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हमने फुल बॉडी स्‍ट्रेंथ वाले योगाभ्‍यास किए. इसमें बताया गया कि बॉडी की क्षमता के अनुसार ही योगाभ्‍यास करें. इनसे शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम भी बेहतर रहता है. ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में एक घंटा योग जरूर करें.

भुजंगासन:

भुजंगासन को सर्पासन, कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है. इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है. ये आसन जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर किया जाता है जबकि सिर सांप के उठे हुए फन की मुद्रा में होता है.

भुजंगासन के फायदे
-रीढ़ की हड्डी में मजबूती और लचीलापन

-पेट के निचले हिस्से में मौजूद सभी अंगों के काम करने की क्षमता बढ़ती है

-पाचन तंत्र, मूत्र मार्ग की समस्याएं दूर होती हैं और यौन शक्ति बढ़ती है



-मेटाबॉलिज्म सुधरता है और वजन कम करने में मदद मिलती है

-कमर का निचला हिस्सा मजबूत होता है

-फेफड़ों, कंधों, सीने और पेट के निचले हिस्से को अच्छा खिंचाव मिलता है.



पर्वत आसन:

इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

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प्लैंक पोज:

प्लैंक करने से आपकी पाचन क्रिया (metabolism) काफी अच्छी होती है. यदि आप नियमित रूप से तख्त मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो आपका वजन तेजी से कम होगा. प्लैंक करने से शरीर में काफी लचक आती है. इससे कॉलरबोन, कंधे की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है. इससे बहुत तेजी से कैलोरी बर्न होती है. ज्यादा कैलोरी बर्न होने से बॉडी की ऑक्सीजन की जरूरत बहुत अच्छे से पूरी होती है और पोषक तत्व भी अच्छी तरह से मिलते हैं.

नौकासन:

नौकासन जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हैं इसमें शरीर को नाव के आकार में करना होता है. इस योग को करने से पेट और हिप्स पर काफी दबाव पड़ता है और वो टोंड होते हैं. साथ ही पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में काफी कसावट और मजबूती आती है. इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें. इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं. अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें.

नौकासन के फायदे

इस आसन को करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है. साथ ही यह पाचन संबंधित रोग जैसे कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि से छुटकारा दिलाने में मदद करता है.

सेतुबंध आसन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. इसके बाद अपने घुटनों को मोड़ें. अब गहरी सांस लेते हुए अपनी कमर को उठाएं. इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें. इस आसन को करने के दौरान धीरे धीरे सांस लें, सांस छोड़ते रहें. फिर सांस को छोड़ते हुए जमीन पर आ जाएं. आप इसे कम से कम पांच बार कर सकते हैं.
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