ग्रीवा शक्ति आसन से दूर होगा गर्दन का दर्द, सीखें योग सविता यादव से

सीखें योग सविता यादव से

सीखें योग सविता यादव से

Yoga Session By Yoga Expert Savita Yadav- योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 11:07 AM IST
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लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में योग एक्सपर्ट सविता यादव ने छोटे-छोटे कई अभ्यासों को करने के बारे में बताया और दिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. इस लाइव योग सेशन में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, मार्जरी आसन, सुप्त वज्रासन आसन सहित कई अभ्यास सिखाए गए.

स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज: स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से शरीर में लचीलापन बना रहता है. इससे बॉडी के जॉइंट्स ठीक तरह से काम करते हैं और योग क्रिया के दौरान दिक्कत नहीं आती है.

मार्जरी आसन: मार्जरी आसन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है. कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज के बारे में चर्चा करते हैं. यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.


ग्रीवा शक्ति आसन:

इस योग क्रिया को करने के लिए अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. जो लोग खड़े होकर इस क्रिया को करने में असमर्थ हैं वे इसे बैठकर भी कर सकते हैं. जो जमीन पर नहीं बैठ सकते वे कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं.



- कंफर्टेबल पोजीशन में खड़े होकर हाथों को कमर पर टिकाएं. शरीर को ढीला रखें.

-कंधों को पूरी तरह से रिलैक्स रखें. सांस छोड़ते हुए गर्दन को आगे की ओर लेकर आएं.

- चिन को लॉक करने की कोशिश करें. जिन लोगों को सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की समस्या हो वह गर्दन को ढीला छोड़ें चिन लॉक न करें.

- इसके बाद सांस भरते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं.

सुप्त वज्रासन:

सुप्त वज्रासन करने के लिए सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं. कोहनियों (Elbows) का सहारा लेते हुए धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें और कोहनियों को जमीन पर टिका दें. अब कंधों को जमीन पर टिकाते हुए एवं घुटनों को एक साथ रखते हुए पीठ के बल लेट जाएं. हाथों को कैची की तरह बनाते हुए कंधे के नीचे ले जाएं. गहरी सांस लें और गहरी सांस छोड़ें. धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में वापस आएं. शुरुआत में इसे 3 से 5 बार तक करें.

सुप्त वज्रासन के फायदे:

कब्ज से राहत मिलती है.

पेट की मसल्स टोन होती हैं और पेट की समस्याएं ठीक रहती हैं.

पीठ दर्द ठीक होता और घुटने मजबूत होते हैं.
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