Yoga Session: शरीर के हर अंग को मजबूत करेगा योग, सीखें एक्सपर्ट सविता यादव से

सीखें योग एक्सपर्ट सविता यादव से

सीखें योग एक्सपर्ट सविता यादव से

Yoga Session: कोरोना की दूसरी लहर (Covid 19 Second Wave) में जब अधिकतर लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं तो ऐसे समय में योग और प्राणायाम ही वो विधा हैं जो शरीर को मजबूत कर अन्दुरुनी रूप से फायदा पहुंचाएंगी. योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है और जीवन संतुलित बना रहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2021, 11:03 AM IST
  • Share this:
Yoga Session: योग एक्सपर्ट सविता यादव ने आज के योग सेशन में कई ऐसे योग अभ्यासों के बारे में बताया और सिखाया जिनसे न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है बल्कि कमर दर्द, मोटापा, कंधे में दर्द और बदन में दर्द जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं. कोरोना की दूसरी लहर (Covid 19 Second Wave) में जब अधिकतर लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं तो ऐसे समय में योग और प्राणायाम ही वो विधा हैं जो शरीर को मजबूत कर अन्दुरुनी रूप से फायदा पहुंचाएंगी. योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है और जीवन संतुलित बना रहता है. इसके लिए सबसे पहले अपनी बॉडी को रिलैक्स करें और उसके बाद योगासन का अभ्यास करें. कभी भी दर्द में योगासन करने की कोशिश न करें. इससे विपरीत परिणाम हो सकते हैं. वहीं आसनों को करने के बाद शरीर को आराम देने के लिए प्राणायाम जरूर करें. इससे शरीर की थकान दूर होती है.

तितली आसन:

तितली आसन महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. बटरफ्लाई आसन करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं,रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो को जमीन की तरफ दबाव डालें. तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें. धीरे धीरे तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.


ग्रीवा शक्ति आसन:

इस योग क्रिया को करने के लिए अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. जो लोग खड़े होकर इस क्रिया को करने में असमर्थ हैं वे इसे बैठकर भी कर सकते हैं. जो जमीन पर नहीं बैठ सकते वे कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं. कंफर्टेबल पोजीशन में खड़े होकर हाथों को कमर पर टिकाएं. शरीर को ढीला रखें. कंधों को पूरी तरह से रिलैक्स रखें. सांस छोड़ते हुए गर्दन को आगे की ओर लेकर आएं. चिन को लॉक करने की कोशिश करें. जिन लोगों को सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की समस्या हो वह गर्दन को ढीला छोड़ें चिन लॉक न करें. इसके बाद सांस भरते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं.

इसे भी पढ़ेंः बॉडी लूजनिंग और फैट बर्निंग के लिए जरूर करें ये योगासन, रीढ़ की हड्डी भी होती है मजबूत



मार्जारी आसन: मार्जरी आसन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन है. कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज के बारे में चर्चा करते हैं. यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता है. इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है.

मार्जरी आसन के फायदे

रीढ़ की हड्डी को अधिक लचीला बनने में मदद करता है

पाचन क्रिया में सुधार करने में मदद करती है

रक्त परिसंचरण में सुधार करती है

पेट से अनावश्यक वसा को कम करने में मदद करता है

पेट को टोन करने में मदद करता है

तनाव को दूर करने में बहुत मदद करता है

मन को शांत करके मानसिक शांति प्रदान करता है

कंधे और कलाई दोनों को मजबूत बनाता है.

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका का अभ्‍यास कोरोना के समय में अपने लंग्‍स की कैपिसिटी को बढ़ाने के लिए करें. यह मुख्य रूप से डीप ब्रीदिंग है. इससे आपका रेस्पिरेटरी सिस्टम मजबूत होगा. भस्त्रिका प्राणायाम बहुत ही महत्वपूर्ण प्राणायाम है. इससे तेजी से रक्त की शुद्धि होती है. साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त का संचार तेज होता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज